बांग्लादेश की आज़ादी की जंग में शामिल भारतीय सैनिकों का सम्मान करेंगी शेख़ हसीना

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को भारत आएंगी. इस दौरान वह 1971 में बांग्लादेश की आज़ादी की जंग के दौरान शहीद हुए भारतीय जवानों के परिजनों को सम्मानित करेंगी.

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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना. (फोटो: रॉयटर्स)

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को भारत आएंगी. इस दौरान वह 1971 में बांग्लादेश की आज़ादी की जंग के दौरान शहीद हुए भारतीय जवानों के परिजनों को सम्मानित करेंगी.

Sheikh Hasina Reuters
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना भारत दौरे पर 1971 की जंग में शामिल सैनिकों को सम्मानित करेंगी. पाकिस्तान से आज़ादी की जंग में बांग्लादेशी स्वतंत्रता-सेनानियों का साथ भारतीय सेना ने दिया था.

द हिंदू की ख़बर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर सात अप्रैल को भारत आ रहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना आज़ादी के जंग में मारे गए 1661 जवानों को उनकी बहादुरी और त्याग के लिए सम्मान देंगी.

वहीं, बांग्लादेश के विदेश मंत्री एएच अली का कहना है कि दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 35 समझौतों पर हस्ताक्षर होने के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है.

उन्होंने यह भी कहा है कि इन समझौतों में सीमा हाट की स्थापना, सूचना और प्रसारण, परमाणु ऊर्जा सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, उपग्रह और वैमानिक अनुसंधान, भूवैज्ञानिक विज्ञान, रक्षा सहयोग, नियंत्रण रेखा, ऊर्जा और बिजली सहयोग आदि शामिल हैं.

अली के अनुसार, इन समझौतों से भारत और बांग्लादेश का संबंध और भी मज़बूत होगा.

रक्षा समझौतों के सवाल पर अली कहते हैं कि जो भी होगा वो सार्वजनिक किया जाएगा. रक्षा समझौतों का बांग्लादेश राष्ट्रीय पार्टी (बीएनपी) ने हमेशा से विरोध किया है. बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी के नेता ख़ालिदा जिया और उनके सहयोगी दलों ने समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा है कि हसीना देश की संप्रभुता को भारत में बेच रही हैं.

बीएनपी पर विदेश मंत्री अली कहते हैं कि एक बार यह समझौता सबके सामने आ जाए उसके बाद सभी कहेंगे कि उनके विरोधियों के आरोपों का कोई आधार नहीं है. दोनों देश के बीच व्यापार संबंध पर अली का कहना है व्यापार संबंधों, निवेश, कनेक्टिविटी, पद्म (गंगा) बांध निर्माण, जल साझाकरण, सीमा सुरक्षा और रक्षा सहयोग का विस्तार बैठक का मुख्य लक्ष्य होगा.