राजस्थान: कोटा आने के बीस दिन बाद छात्र ने फांसी लगाई, इस साल का 14वां मामला

नीट की तैयारी कर रहे बिहार के 16 वर्षीय एक छात्र ने कोटा में अपने छात्रावास में आत्महत्या कर ली. उन्होंने यहां एक कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया था और उन्हें यहां आए महज 20 दिन हुए थे. यह इस महीने का ऐसा तीसरा मामला है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: India Rail Info)

नई दिल्ली: पुलिस ने मंगलवार (29 अप्रैल) को बताया कि स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा  (नीट) की तैयारी कर रहे 16 वर्षीय एक छात्र ने कोटा में अपने छात्रावास के कमरे में पंखे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

उन्होंने नीट की तैयारी के लिए यहां एक कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया था और उन्हें यहां आए महज 20 दिन हुए थे.

जनवरी से कोटा में कोचिंग छात्र द्वारा संदिग्ध आत्महत्या का यह 14वां मामला है तथा अकेले अप्रैल में यह तीसरा मामला है. बीते 22 अप्रैल को बिहार के 18 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली थी. 25 अप्रैल को नीट की तैयारी कर रहा दिल्ली का एक 23 वर्षीय छात्र मृत पाया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि बिहार के कटिहार के मूल निवासी तमीम इकबाल सोमवार आधी रात के बाद तलवंडी इलाके में अपने कमरे में पंखे से लटके पाए गए.

जवाहर नगर सर्किल इंस्पेक्टर राम लक्ष्मण ने बताया कि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और इस कदम के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है. जब इकबाल के रूममेट और अन्य छात्रों द्वारा बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद भी उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो उन्होंने तुरंत केयरटेकर को सूचित किया.

इसके बाद छात्रावास के केयरटेकर ने पुलिस को सूचित किया और एक टीम शीघ्र ही छात्रावास पहुंच गई. उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा और छात्र को पंखे से लटका हुआ पाया.

शुरुआती जांच में पता चला है कि इकबाल 11वीं कक्षा का छात्र था और 20 दिन पहले ही कोटा आया था. अधिकारी ने बताया कि उसने नीट की तैयारी के लिए एक कोचिंग संस्थान में दाखिला भी ले लिया था.

घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली में रहने वाले लड़के के चाचा मंगलवार सुबह कोटा पहुंचे. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया है. आगे की जांच जारी है.

बता दें कि पिछले साल राजस्थान में कम से कम 23 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जिनमें से 20 कोटा में थे. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में जिले में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 26 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जो 2015 के बाद से सबसे अधिक है.

पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, कोटा में 2022 में 15, 2019 में 18, 2018 में 20, 2017 में 7, 2016 में 17 और 2015 में 18 छात्रों की मौत आत्महत्या से हुई है. 2020 और 2021 में छात्रों की आत्महत्या का कोई मामला सामने नहीं आया था, क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण कोचिंग संस्थान बंद हो गए थे या ऑनलाइन मोड पर चल रहे थे.