ओडिशा: केआईआईटी कैंपस में एक और नेपाली छात्रा मृत पाई गईं, ओली सरकार की जांच की मांग

भुवनेश्वर स्थित केआईआईटी में गुरुवार को एक 18 वर्षीय छात्रा छात्रावास के कमरे में मृत पाई गईं. नेपाल के बीरगंज की रहने वाली छात्रा संस्थान में इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष में थीं. इससे पहले फरवरी में भी एक नेपाली छात्रा विश्वविद्यालय के छात्रावास में मृत पाई गई थीं.

कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी. (फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: नेपाल की 20 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के दो महीने से अधिक समय बाद भुवनेश्वर में कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में देश का एक और छात्रा गुरुवार को संस्थान के छात्रावास के कमरे में मृत पाई गईं.

इस बीच, नेपाल सरकार ने छात्रा की मौत की गहन जांच का आह्वान किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि हॉस्टल वॉर्डन ने रात करीब 8 बजे छात्रा की उसके कमरे में मृत पाए जाने की सूचना पुलिस को दी. नेपाल के बीरगंज की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा संस्थान में इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष की छात्रा थीं.

भुवनेश्वर के पुलिस आयुक्त एस देवदत्त सिंह समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

अधिकारियों के अनुसार, शाम 7 बजे जब हाजिरी ली गई तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इसके बाद वह कमरे में मृत पाई गई. कमिश्नर सिंह ने बताया कि पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और कमरे की जांच की जा रही है.

कमिश्नर ने कहा, ‘हमने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. अगर हमें पता चलता है कि कोई इसमें शामिल है, तो हम सभी पहलुओं की जांच करेंगे. हॉस्टल की छात्राओं से पूछताछ की जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि मृतका में कोई लक्षण तो नहीं थे या उन्होंने कुछ शेयर किया था या नहीं. हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया है.’

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है और उन्होंने माता-पिता से संपर्क किया है, जो शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचेंगे. माता-पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा.

केआईआईटी अधिकारियों ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और संस्थान इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहा है.

नेपाल ने जांच की मांग की

नेपाल के विदेश मंत्री आरज़ू राणा देउबा ने तीन महीने से भी कम समय में केआईआईटी विश्वविद्यालय परिसर में दूसरी नेपाली लड़की की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘एक्स’ पर कहा, ‘ओडिशा के केआईआईटी विश्वविद्यालय में नेपाली छात्रा प्रिसा साह की दुखद मौत से हम बहुत दुखी हैं. मैं इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.’

देउबा ने कहा, ‘घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने सच्चाई का पता लगाने के लिए तुरंत कूटनीतिक प्रयास शुरू किए हैं. वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत सरकार, ओडिशा सरकार और नई दिल्ली में नेपाल के दूतावास में अपने समकक्षों के साथ गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए बातचीत की है.’

भारत में नेपाल के राजदूत शंकर पी. शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में नेपाली विदेश मंत्री की भावनाओं को दोहराया. शर्मा ने लिखा, ‘ओडिशा के केआईआईटी में अपने छात्रावास के कमरे में पाई गई नेपाली छात्रा प्रिसा साह की दुखद मौत से बहुत दुखी हूं. उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना. हम पूरी जांच सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, ओडिशा सरकार, पुलिस और विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.’

मालूम हो कि 16 फरवरी को एक 20 वर्षीय नेपाली छात्रा विश्वविद्यालय के छात्रावास में मृत पाई गई थीं. इसके बाद गुस्साए छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, उनके लिए न्याय की मांग की और आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया है.

जब तनाव बढ़ गया तो विश्वविद्यालय ने 500 से अधिक नेपाली छात्रों को जबरन विश्वविद्यालय से निकाल दिया था. बाद में काठमांडू के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस बुला लिया था.