नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के दो महीने बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार (23 जून) को कहा कि हमले के पीछे आतंकियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो लोगों ने ‘हमले में शामिल तीन हथियारबंद आतंकियों की पहचान के बारे में जानकारी दी है.’
इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने एनआईए सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट की थी कि हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जारी किए गए तीन संदिग्धों के स्केच असल में हमलावरों के नहीं थे. इसके बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर जांच में भारी चूक और जल्दबाज़ी में स्केच जारी करने का आरोप लगाया था.
हालांकि एनआईए ने अपने बयान में कहा है कि स्केच से जुड़ी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स कयासों पर आधारित हैं और ‘भ्रामक’ हैं. एजेंसी ने साफ किया है कि वह अभी किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.
एनआईए ने कहा, ‘कुछ मीडिया कवरेज कयासों पर आधारित हैं और इसलिए भ्रामक हैं. ऐसी खबरें विशेष रूप से स्केच और आतंकियों की पहचान को लेकर भ्रम फैला रही हैं, जो 17 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल थे.’
एजेंसी ने यह भी बताया कि ‘22 जून को जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, हमले के सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ के दौरान उन्होंने तीन हथियारबंद आतंकियों की पहचान से जुड़ी जानकारी साझा की है.’
एनआईए के अनुसार, उनके पास आतंकियों की पहचान से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों सहित मजबूत सबूत उपलब्ध हैं, जिनमें पुलिस द्वारा जारी किए गए स्केच भी शामिल हैं. एजेंसी ने कहा, ‘इन सभी सबूतों का सावधानी से विश्लेषण किया जा रहा है और अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं.’
इससे पहले रविवार (22 जून) को एनआईए ने पहलगाम के बटकूट इलाके से परवेज़ अहमद जौठर और हिल पार्क इलाके से बशीर अहमद जौठर को गिरफ्तार करने की घोषणा की था.
जांच एजेंसी के अनुसार, इन दोनों ने न सिर्फ तीनों आतंकियों की पहचान बताई, बल्कि यह भी पुष्टि की कि वे पाकिस्तान के थे और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे.
एनआईए के अनुसार, इन दोनों ने हमले से पहले हिल पार्क इलाके की एक झोपड़ी में आतंकियों को पनाह दी, उन्हें खाना, ठहरने की जगह और अन्य मदद मुहैया कराई.

‘हमले के दो महीने बीत गए, लेकिन देश अब भी जवाब मांग रहा है’ – कांग्रेस
सोमवार को कांग्रेस ने पहलगाम हमले की जांच में भारी चूक का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला. पार्टी ने कहा कि हमले के दो महीने बाद भी असली हमलावरों का कोई अता-पता नहीं है और सरकार ने तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जल्दबाज़ी में जारी कर दिए.
कांग्रेस ने दावा किया, ‘जारी किए गए स्केच एक ऐसे आतंकवादी जुनैद के फोन से मिली तस्वीर पर आधारित थे, जिसे 4 दिसंबर 2024 को, यानी हमले से महीनों पहले मार दिया गया था. यह गंभीर सवाल खड़े करता है.’
कांग्रेस ने पांच सवाल पूछे हैं: एक बर्बर आतंकी हमले की जांच में इतनी लापरवाही क्यों बरती गई? क्या जारी किए गए स्केच फर्जी थे और क्या यह मोदी सरकार की ‘हैडलाइन मैनेजमेंट रणनीति’ का हिस्सा थे? और बिना सही तरीके से जांच किए स्केच कैसे जारी कर दिए गए?
कांग्रेस ने कहा, ‘सबसे अहम सवाल – असली हमलावर कौन थे? वे अब कहां हैं? और दो महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें इंसाफ के कटघरे में क्यों नहीं लाया गया? पहलगाम हमले को दो महीने हो चुके हैं और देश अब भी जवाब मांग रहा है.’
टीएमसी ने पूछा- ‘क्या इन जिंदगियों की कोई अहमियत नहीं?’
तृणमूल कांग्रेस ने भी सोमवार को मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 62 दिन बाद भी 26 नागरिकों की जान लेने वाले हमले पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है.
62 days.
26 innocents killed.
4 terrorists.
0 answers!PM @narendramodi’s silence is a national disgrace!@BJP4India, are these lives meaningless to you? The Nation will not forget this abandonment! pic.twitter.com/nvnSUTMuxY
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) June 23, 2025
पार्टी ने एक्स पर भाजपा को संबोधित करते हुए लिखा, ‘क्या इन जिंदगियों की आपके लिए कोई अहमियत नहीं है? देश इस बेरुखी को नहीं भूलेगा.’
