नई दिल्ली: अमेरिका ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रत्येक वीज़ा आवेदक को पिछले पांच वर्षों में उपयोग किए गए सभी सोशल मीडिया मंचों के अपने सभी यूजर नाम या हैंडल का खुलासा करने को कहा है.
इंंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार (27 जून) को एक बयान जारी कर चेतावनी दी कि सोशल मीडिया की जानकारी का खुलासा न करने पर वीज़ा अस्वीकार किया जा सकता है और भविष्य के वीज़ा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है.
दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘वीज़ा आवेदकों को डीएस-160 वीज़ा आवेदन पत्र पर पिछले 5 वर्षों से उपयोग किए गए प्रत्येक प्लेटफ़ॉर्म के सभी सोशल मीडिया उपयोगकर्ता नाम या हैंडल सूचीबद्ध करने की आवश्यकता है. आवेदक हस्ताक्षर करने और जमा करने से पहले प्रमाणित करें कि उनके वीज़ा आवेदन में दी गई जानकारी सत्य और सही है.’
इसमें आगे कहा गया, ‘सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी को छोड़ने पर वीज़ा अस्वीकार किया जा सकता है और भविष्य के वीज़ा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है.’
इससे पहले 23 जून को दूतावास ने F, M, या J गैर-आप्रवासी वीज़ा के लिए आवेदन करने वालों को सलाह दी थी कि वे जांच की सुविधा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करें.
इसमें कहा गया था, ‘कानून के तहत अमेरिका में उनकी पहचान और स्वीकार्यता स्थापित करने के लिए यह आवश्यक है.’
मालूम हो कि 2019 से अमेरिका ने अप्रवासी और गैर-आप्रवासी दोनों वीजा आवेदकों को वीजा आवेदन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में सोशल मीडिया हैंडल्स की जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता बताई है. F और M श्रेणियां छात्र वीजा से संबंधित हैं, जबकि J वीजा एक्सचेंज विजिटर्स के लिए हैं.
गुरुवार के संचार में दो डिजिटल पोस्टर शामिल थे. एक में लिखा था, ‘हर अमेरिकी वीजा निर्णय एक राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णय है.’
पोस्टर पर एक और नोट में कहा गया था, ‘संयुक्त राष्ट्र अमेरिका को वीजा आवेदकों को वीजा आवेदन पत्रों पर सोशल मीडिया यूजर देने की आवश्यकता है. हम अपनी वीजा स्क्रीनिंग और जांच में सभी उपलब्ध जानकारी का उपयोग करते हैं.’
गौरतलब है कि ये फरमान ट्रंप प्रशासन के तहत इमिग्रेशन नीति के बीच आए हैं, खासकर लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में हाल ही में हुई कार्रवाई के बाद. 24 जून को दूतावास ने अपनी स्थिति दोहराते हुए कहा था कि अमेरिका ने आव्रजन कानूनों को बढ़ा दिया है और उल्लंघन करने वालों को भविष्य में वीजा पात्रता के लिए हिरासत, निर्वासन और स्थायी परिणामों का सामना करना पड़ेगा.
अमेरिका ने आगे चेतावनी दी थी कि अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वालों को जेल की सजा और निर्वासन का सामना करना पड़ेगा.
इस संबंध में दूतावास ने इस महीने कई बयान जारी किए हैं, जिसमें अमेरिकी इमिग्रेशन कानून के पालन करने पर जोर दिया गया है. 19 जून को आवेदकों को यह याद दिलाया गया कि अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं. इसमें कहा गया है, ‘वीज़ा जारी होने के बाद स्क्रीनिंग बंद नहीं होती है क्योंकि अगर कोई कानून तोड़ता है तो अधिकारी इसे रद्द कर सकते हैं.’
इसमें यह भी कहा गया कि छात्र या आगंतुक वीज़ा पर रहते हुए अवैध ड्रग्स का उपयोग करना या अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करना किसी को भविष्य के अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य बना सकता है.
इससे पहले 16 जून को दूतावास ने कहा था, ‘संयुक्त राष्ट्र अमेरिका उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो अमेरिका में अवैध और सामूहिक आव्रजन की सुविधा प्रदान करते हैं.’ इसने आगे कहा कि देश ने विदेशी सरकारी अधिकारियों और उल्लंघनकर्ताओं को लक्षित करते हुए ‘नए वीज़ा प्रतिबंध स्थापित किए हैं’.
