एक्स ने रॉयटर्स पर सरकार के बयान का खंडन किया, कहा- 2,000 से ज़्यादा एकाउंट ब्लॉक के आदेश मिले

एक्स ने रॉयटर्स का एकाउंट ब्लॉक करने के भारत सरकार के दावे का खंडन करते हुए बताया कि कंपनी को 3 जुलाई को रॉयटर्स सहित 2,355 एकाउंट ब्लॉक करने के आदेश मिले थे. इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार को रॉयटर्स हैंडल को बंद रखने की कोई ज़रूरत नहीं है.

ब्लॉक किए गए एक्स अकाउंट्स का स्क्रीनग्रैब.

नई दिल्ली: एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स ने मंगलवार (8 जुलाई) को रॉयटर्स एकाउंट ब्लॉक करने के भारत सरकार के दावे का खंडन करते हुए कहा कि कंपनी को 3 जुलाई को समाचार एजेंसी सहित 2,355 एकाउंट ब्लॉक करने के आदेश मिले थे.

रॉयटर्स और रॉयटर्स वर्ल्ड के साथ-साथ, चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स और तुर्की के सार्वजनिक प्रसारक टीआरटी न्यूज के एक्स एकाउंट को भी भारत में रोक दिया गया था, संभवतः 5 जुलाई की रात से एकाउंट द्वारा बताई गई ‘कानूनी मांग’ के जवाब में.

अपने ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स हैंडल पर एक पोस्ट में एक्स ने कहा, ‘3 जुलाई, 2025 को भारत सरकार ने आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत एक्स को भारत में 2,355 एकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया, जिनमें @Reuters और @ReutersWorld जैसे अंतरराष्ट्रीय समाचार आउटलेट भी शामिल थे. इसका पालन न करने पर आपराधिक दायित्व का जोखिम था. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बिना कोई कारण बताए तत्काल कार्रवाई की मांग की – एक घंटे के भीतर – और अगली सूचना तक एकाउंट ब्लॉक रखने को कहा.’

इस बात पर गौर करते हुए कि ‘सार्वजनिक आक्रोश के बाद सरकार ने एक्स से @Reuters और @ReutersWorld को अनब्लॉक करने का अनुरोध किया’, बयान में भारत में प्रेस सेंसरशिप पर भी चिंता जताई गई और जोड़ा गया कि भारतीय कानून के तहत एक्स को ऐसे कार्यकारी आदेशों के खिलाफ कोई कानूनी चुनौती देने से प्रतिबंधित किया गया है.

इसमें कहा, ‘हम इन ब्लॉक आदेशों के कारण भारत में चल रही प्रेस सेंसरशिप को लेकर बेहद चिंतित हैं. एक्स सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है. भारत में यूजर्स के विपरीत एक्स इन कार्यकारी आदेशों के विरुद्ध कानूनी चुनौती देने में भारतीय कानून द्वारा प्रतिबंधित है. हम प्रभावित यूजर्स से आग्रह करते हैं कि वे अदालतों के माध्यम से कानूनी उपाय अपनाएं.’

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसियों को बताया है कि ‘भारत सरकार को रॉयटर्स हैंडल को बंद रखने की कोई आवश्यकता नहीं है. हम इस समस्या के समाधान के लिए ‘एक्स’ के साथ लगातार काम कर रहे हैं.’

इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अनाम सरकारी सूत्र के हवाले से कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैकड़ों अन्य एकाउंट्स के साथ रॉयटर्स के एक्स एकाउंट को ब्लॉक करने की मांग की गई थी और ऐसा लगता है कि एक्स ने अब इस मांग पर कार्रवाई की है.

यह याद रखना ज़रूरी है कि द वायर उन समाचार संस्थानों में से एक था जिनके वेबपेज या सोशल मीडिया एकाउंट उस समय ब्लॉक कर दिए गए थे. बीबीसी उर्दू और आउटलुक इंडिया जैसे समाचार आउटलेट्स के एकाउंट भी आदेश रद्द होने से पहले कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिए गए थे.