इंदौर: बजरंग दल कार्यकर्ता की शिकायत पर गणेश की ‘आपत्तिजनक’ मूर्ति के लिए मूर्तिकारों पर एफआईआर

इंदौर पुलिस ने कथित तौर पर गणपति की 'आपत्तिजनक' मूर्तियां बनाने के आरोप में तीन मूर्तिकारों पर केस दर्ज किया है. बजरंग दल के एक कार्यकर्ता का आरोप है कि प्रतिमाएं आपत्तिजनक है क्योंकि एक में गणपति को रैंप पर चलते हुए दिखाया गया, जबकि दूसरी में उन्हें एक महिला को गोद में उठाए दिखाया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: Pixabay)

नई दिल्ली: इंदौर पुलिस ने सोमवार को बताया कि आगामी उत्सवों के लिए कथित तौर पर ‘आपत्तिजनक’ गणेश मूर्तियां बनाने के आरोप में इंदौर में तीन मूर्तिकारों पर मामला दर्ज किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि बजरंग दल के एक कार्यकर्ता द्वारा खजराना थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद तीनों मूर्तिकारों – चंद्रनाथ पाल, रतनलाल पाल और राजू पाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर किया गया कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

ये तीनों बंगाली स्क्वायर के पास एक प्रतिष्ठान में मांग पर मूर्तियां बनाते हैं. बजरंग दल कार्यकर्ता की शिकायत में दावा किया गया है कि खजराना इलाके में कुछ ग्राहकों की मांग पर भगवान गणेश की आपत्तिजनक मूर्तियां बनाई जा रही थीं.

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेंद्र सिंह ने कहा, ‘हमने तुरंत तीनों मूर्तिकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. साथ ही, निवारक कार्रवाई भी जारी है.’

अधिकारी ने कहा कि प्रशासन शहर के सभी मूर्ति निर्माताओं के साथ बैठक करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे कुछ वीडियो में कथित तौर पर एक थाने के बाहर कुछ लोगों द्वारा आरोपियों के चेहरे पर कालिख पोतते हुए दिखाया गया है.

बजरंग दल के ज़िला संयोजक लकी रघुवंशी ने कहा, ‘हिंदू समुदाय के सदस्यों ने ऐसी मूर्तियों के निर्माण के विरोध में उनके चेहरे काले कर दिए. एक मूर्ति में भगवान गणेश रैंप पर चलते हुए दिखाई दे रहे थे, जबकि दूसरी मूर्ति में उन्हें एक महिला को गोद में लिए दिखाया गया था.’

पुलिस ने बताया कि आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और पारंपरिक मूर्तिकार हैं.

मूर्तिकार अतुल पाल, जिन्होंने आरोपी मूर्तिकारों के साथ काम किया है, ने बताया कि सोशल मीडिया पर तस्वीरों से आइडिया मिलने के बाद पड़ोसी देवास ज़िले के ग्राहकों ने ये मूर्तियां मंगवाई थीं. पाल ने बताया कि बजरंग दल कार्यकर्ताओं की आपत्ति के बाद ग्राहकों ने अपने ऑर्डर कैंसल कर दिए.