नई दिल्ली: राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 2021 की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द कर दी है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला उन याचिकाओं की सुनवाई के बाद आया है जिनमें उस वर्ष की पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की गई थी. हालांकि, राजस्थान सरकार ने इस आधार पर याचिका का विरोध किया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा अपनी जांच पूरी करने से पहले परीक्षा रद्द करना ‘जल्दबाजी’ होगा.
हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 2021 में सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 859 पदों के लिए विज्ञापन दिया था.
भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक के आरोप सामने आए, जिसके बाद सरकार ने राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) को जांच सौंप दी.
पेपर लीक के आरोप में 50 से ज़्यादा ट्रेनी सब-इंस्पेक्टरों सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था.
राजस्थान सरकार ने 2024 में परीक्षा रद्द करने या न करने का निर्णय लेने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया था. जुलाई में हाईकोर्ट को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में राजस्थान सरकार ने सिफारिश की थी कि परीक्षाएं रद्द नहीं की जानी चाहिए.
सरकार ने अनियमितताओं को स्वीकार किया
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्वीकार किया कि अनियमितताएं पाई गई हैं, लेकिन कहा कि केवल 68 उम्मीदवार ही इसमें शामिल थे.
रिपोर्ट के अनुसार, इसमें 54 ट्रेनी एसआई, 6 चयनित उम्मीदवार और 8 फरार उम्मीदवार शामिल थे. सरकार ने तर्क दिया कि चिह्नित किए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जबकि बाकी भर्ती प्रक्रिया को जारी रखा जा सकता है.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘एसआईटी विस्तृत जांच कर रही है और गिरफ़्तारियां कर रही है. दागी और बेदाग़ उम्मीदवारों की पहचान करना संभव है.’
जिन अभ्यर्थियों का चयन हो चुका था, उन्होंने भी नियुक्ति रद्द करने का विरोध किया. उनका तर्क था कि उन्होंने निष्पक्ष परीक्षा दी थी और कुछ ने तो ट्रेनी सब-इंस्पेक्टरों के रूप में नियुक्ति के लिए अन्य सरकारी सेवाओं से भी इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया रद्द करना उन लोगों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने योग्यता के आधार पर परीक्षा उत्तीर्ण की थी.
इन तर्कों के बावजूद हाईकोर्ट ने पेपर लीक की गंभीरता का हवाला देते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला सुनाया है.
अखबार के अनुसार, बुधवार के फ़ैसले के बाद भाजपा अध्यक्ष मदन राठौर ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी. उन्होंने कहा, ‘पार्टी आगे के फ़ैसले लेने के लिए क़ानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेगी.’
इस बीच, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि वह शुरू से ही पेपर लीक माफ़िया के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.
मीणा ने कहा, ‘मैंने परीक्षा रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को एक पत्र भेजा है. पेपर लीक माफ़िया ने हमारे राज्य में कई निर्दोष लोगों की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है. हम छात्रों और उनके हितों के साथ हैं.’
ज्ञात हो कि किरोड़ी लाल मीणा इस हाई-प्रोफाइल एसआई (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं.
