पंजाब: टीवी कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि पर टिप्पणी के लिए अंजना ओम कश्यप पर केस दर्ज

लुधियाना पुलिस ने आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप के ख़िलाफ़ एक टीवी डिबेट के दौरान वाल्मीकि का कथित रूप से अपमान करने के आरोप में भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावदास के राष्ट्रीय संयोजक चौधरी यशपाल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है. 7 अक्टूबर को प्रसारित अंजना के शो में सीजेआई बीआर गवई पर जूता फेंकने की घटना पर चर्चा हुई थी.

7 अक्टूबर को प्रसारित अंजना ओम कश्यप के ब्लैक एंड व्हाइट शो में वाल्मीकि को लूटपाट कर पैसा कमाने वाला बताया था. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: लुधियाना पुलिस ने आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप के खिलाफ एक टीवी डिबेट के दौरान वाल्मीकि का कथित रूप से अपमान करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है.

गुरुवार को दर्ज की गई एफआईआर में इंडिया टुडे समूह के अध्यक्ष और प्रधान संपादक अरुण पुरी और लिविंग मीडिया इंडिया लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है.

द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह एफआईआर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावदास के राष्ट्रीय संयोजक चौधरी यशपाल की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसके अध्यक्ष विजय दानव हैं.

एफआईआर के अनुसार, कश्यप ने एक टीवी शो के दौरान वाल्मीकि के बारे में बात करते हुए ‘अनुचित’ भाषा का इस्तेमाल किया था, जिसका प्रसारण मंगलवार को चैनल के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर किया गया था.

एफआईआर में उद्धृत शिकायत में कहा गया है, ‘इन बयानों से पूरे वाल्मीकि समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और इससे पहले कि यह मामला कानून-व्यवस्था का मुद्दा बने, एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए.’ शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि उसने भगवान वाल्मीकि की पवित्रता और अच्छाई को बरकरार रखा है.

चौधरी यशपाल ने कहा है कि समुदाय कश्यप की गिरफ्तारी चाहता है. उन्होंने कहा, ‘हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक आरोपी सलाखों के पीछे न पहुंच जाएं. हमने अपने समुदाय से इस मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया है.’

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 299 (किसी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों को दंडित करना, मौखिक या लिखित शब्दों, संकेतों, दृश्य चित्रण या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से उनके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3 (1)(V) का भी उल्लेख किया गया है, जो इन समुदायों के भूमि अधिकारों से संबंधित है.

वाल्मीकि एक प्रख्यात कवि थे जिन्होंने रामायण की रचना की थी. उन्हें ‘आदि कवि’, यानी प्रथम कवि भी कहा जाता है. उनके अनुयायियों को ‘बाल्मीकि’ कहा जाता है और वे प्रमुख दलित समुदाय में गिने जाते हैं.

शिकायत कश्यप के मंगलवार (7 अक्टूबर) को प्रसारित ब्लैक एंड व्हाइट शो से संबंधित है, जिसमें हाल ही में एक वकील द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंकने की घटना पर चर्चा हुई थी.

अपने शो में – जो अभी भी यूट्यूब पर उपलब्ध है, कश्यप वाल्मीकि का भी ज़िक्र करती हैं और कहती हैं कि उनका असली नाम रत्नाकर था और उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दिनों में लोगों को लूटकर पैसा कमाया था. वह यह भी कहती हैं कि नारद मुनि से मिलने पर वाल्मीकि का हृदय परिवर्तन हुआ और वे भगवान राम के भक्त बन गए. वह कहती हैं कि इस कहानी ने एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया कि आत्मसाक्षात्कार और आत्मनिरीक्षण का एक क्षण भी सबसे बुरे प्राणी का जीवन बदल सकता है.

हालांकि, यशपाल का कहना है कि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी कहानियां ऐतिहासिक रूप से सत्य नहीं हैं.

उन्होंने कहा, ‘महापुरुषों के जीवन से जुड़ी कितनी ही कहानियां लोककथाओं का हिस्सा बन जाती हैं. इनके सच होने का कोई प्रमाण नहीं है. एंकर को उस व्यक्ति के बारे में एक बेबुनियाद कहानी सुनाने की क्या ज़रूरत थी जिसे हम अपना भगवान मानते हैं.’

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सितंबर महीने में लखनऊ की एक अदालत ने अंजना ओम कश्यप के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था.

उस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर एक याचिका में आरोप लगाया गया था कि 14 अगस्त को प्रसारित एक कार्यक्रम विभाजनकारी, भड़काऊ और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ था, जो दो समुदायों में दुश्मनी पैदा करने का प्रयास करता है.