नई दिल्ली: तमिलनाडु के कुंभकोणम के पास एक सरकारी स्कूल के कक्षा 12 के छात्र की रविवार सुबह मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, उस पर कथित तौर पर कक्षा 11 के कुछ छात्रों के समूह ने हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पत्तिश्वरम स्थित सरकारी अरिग्नार अन्ना मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 11 के 14 छात्रों ने 4 दिसंबर को कक्षा 12 के एक छात्र पर कथित तौर पर हमला किया, जो दोनों कक्षाओं के बीच हुई झड़प के बाद हुआ.
आरोपी छात्रों ने छात्र के सिर पर डंडे से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
छात्र के माता-पिता सूचना मिलने पर स्कूल पहुंचे और उन्हें कुंभकोणम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें तंजावुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. उनके दिमाग में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए उनकी सर्जरी भी की गई.
पुलिस ने पुष्टि की कि रविवार रात लगभग 2:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह (जुवेनाइल होम) में भेज दिया गया है.
पत्तिश्वरम पुलिस ने बताया कि शुरुआती तौर पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था. एक अधिकारी ने कहा, ‘पोस्टमार्टम के बाद इसे हत्या के मामले में बदल दिया जाएगा.’
इंडिया टुडे के मुताबिक, इस घटना पर पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने कहा कि यह चिंता की बात है कि सरकारी स्कूलों में ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए पढ़ने वाले छात्र बेवजह के झगड़ों में पड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह मामला पढ़ाई से कहीं ज़्यादा है, जहां छात्र गलत रास्ते की ओर खिंचे चले जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘किसी भी स्कूल में, खासकर सरकारी स्कूलों में छात्रों को नियंत्रित करना शिक्षकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. यदि माहौल इसकी वजह है, तो शिक्षकों के अधिकार में कमी किया जाना भी एक कारक है. इससे न तो शिक्षा का विकास होता है और न ही छात्रों का भला.’
उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ स्कूलों में अन्य कलाएं भी सिखाई जानी चाहिए, ताकि छात्रों का ध्यान भटकने से रोका जा सके. उन्होंने सुझाव दिया कि हर कक्षा में सप्ताह में कम से कम दो पीरियड नैतिक शिक्षा की कक्षाएं कराई जानी चाहिए और कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, शिक्षकों के संपर्क में रहना चाहिए और बच्चों के भविष्य के लिए सहयोग करना चाहिए.
