नई दिल्ली: ईसाई संगठन ‘द कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया’ (सीबीसीआई) ने आगामी क्रिसमस के मद्देनज़र विभिन्न राज्यों में ईसाई समुदाय को निशाना बनाने और उन पर कथित हमलों में ‘चिंताजनक’ वृद्धि की मंगलवार (23 दिसंबर) को निंदा की और कहा कि इससे भारत के संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को गंभीर नुकसान पहुंचा है.
मालूम हो कि बीते कुछ दिनों से क्रिसमस को लेकर दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों द्वारा विरोध देखने को मिल रहा है. हाल ही में हरिद्वार के एक होटल में क्रिसमस से जुड़ा आयोजन रद्द किया गया, वहीं जबलपुर की एक चर्च में जबरन घुसपैठ कर धर्मांतरण का आरोप लगाया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक व्यक्ति ओडिशा में सैंटा क्लॉज़ कैप बेच रहे विक्रेता को प्रताड़ित करते दिख रहा है.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीसीआई ने अपने बयान में कहा कि मध्य प्रदेश के जबलपुर से आए एक वीडियो ने उन्हें ‘विशेष रूप से हैरान’ किया है, जिसमें क्रिसमस कार्यक्रम में शामिल हुई दृष्टिहीन महिला को भाजपा नेता अंजू भार्गव ने सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे और शारीरिक रूप से परेशान किया.
गृह मंत्री से अपील
इस संबंध में कैथोलिक बिशप संगठन ने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि कानून का सख्त पालन हो और ईसाई समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि क्रिसमस शांतिपूर्वक मनाया जा सके.
सीबीसीआई ने आगे कहा, ‘सीबीसीआई क्रिसमस के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में ईसाइयों पर हो रहे हमलों में चिंताजनक वृद्धि पर गहरा दुख व्यक्त करता है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करता है.’
संगठन के अनुसार, ‘ये लक्षित घटनाएं, विशेष रूप से शांतिपूर्ण कैरोल गायन दलों और चर्चों में एकत्रित श्रद्धालुओं के खिलाफ हो रहीं ये घटनाएं भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और भयमुक्त होकर जीवन जीने के साथ उपासना के अधिकार को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं.’
सीबीसीआई ने ऐसे घृणित और अमानवीय आचरण के मद्देनज़र अंजू भार्गव को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से तत्काल बर्खास्त करने की भी मांग की है.
ज्ञात हो कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें जबलपुर के एक चर्च परिसर में स्थानीय भाजपा पदाधिकारी को एक महिला के साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है.
सीबीसीआई ने छत्तीसगढ़ की घटना का उल्लेख भी किया और कहा कि कहा कि घृणास्पद डिजिटल पोस्टरों का प्रसार भी चिंताजनक है, जिनमें 24 दिसंबर 2025 को ईसाइयों के खिलाफ कथित तौर पर बंद का आह्वान किया गया है.
संगठन के मुताबिक, ‘सीबीसीआई माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध करता है कि कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और ईसाई समुदायों को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि हमारे प्रिय देश में क्रिसमस का आनंदमय पर्व सुरक्षा व सौहार्द के वातावरण में शांतिपूर्वक मनाया जा सके.’
गौरतलब है कि इससे पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हिंदू समाज से ‘सांस्कृतिक सजगता’ के नाम पर क्रिसमस जैसे धार्मिक उत्सव न मनाने की अपील की है. संगठन ने इसे धर्म और परंपरा के संरक्षण से जोड़ते हुए न सिर्फ आम लोगों, बल्कि दुकानदारों, शॉपिंग मॉल्स और स्कूलों को भी निशाने पर लिया है.
विहिप द्वारा जारी एक आह्वान पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को आत्मसंयम और आत्मसम्मान के साथ धार्मिक आचरण करना चाहिए.
