क्रिसमस की सजावट को लेकर असम के स्कूल में तोड़फोड़, यूपी में चर्च के सामने हनुमान चालीसा का पाठ

क्रिसमस से पहले असम के नलबाड़ी में विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने क्रिसमस मनाए जाने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते हुए सेंट मैरी स्कूल में घुसकर क्रिसमस की सजावट तोड़ी दी और क्राइस्ट की प्रतिमा गिरा दी. वहीं, यूपी के बरेली में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्री राम, हर हर महादेव के नारे लगाए.

(बाएं से) रायपुर मॉल में तोड़फोड़, असम के नलबाड़ी में तोड़कर फेंकी गई क्रिसमस की सजावट. (दाएं) बरेली की चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते दक्षिणपंथी कार्यकर्ता. (सभी फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब)

नई दिल्ली: दुनिया भर के विभिन्न देशों में ईसाइयों के प्रमुख त्यौहार क्रिसमस का जश्न जारी है, वहीं भारत में विभिन्न दक्षिणपंथी संगठन त्यौहार के ‘रंग में भंग डालते’ नजर आ रहे हैं.

बीते कुछ दिनों से चर्चों में हमले, होटलों में कार्यक्रमों के रद्द होने और संबंधित विवादों के बीच अब एक स्कूल में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है.

उक्त घटना असम के नलबाड़ी की है. स्थानीय अख़बार असम ट्रिब्यून के अनुसार, 24 दिसंबर को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के सदस्यों ने क्रिसमस मनाए जाने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने ज़िले के पानिगांव गांव के सेंट मैरी स्कूल में घुसकर क्रिसमस की सजावट तोड़ी दी और जीसस क्राइस्ट की प्रतिमा गिरा दी.

बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने ‘जय श्री राम’ और ‘जय हिंदू राष्ट्र’ के नारे लगाते हुए क्रिसमस मनाने संबंधी का एक बैनर और पोस्टर भी जलाया. उन्होंने स्कूल अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे स्कूल परिसर में यह त्योहार न मनाएं.

इसके साथ ही उन्होंने नलबाड़ी शहर में क्रिसमस का सामान बेचने वाली कई दुकानों का भी दौरा किया और जैन मंदिर के पास दुकान के सामने ऐसा सामान जला दिया. विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने लोगों को क्रिसमस न मनाने की भी चेतावनी दी.

विहिप के ज़िला सचिव भास्कर डेका ने पत्रकारों से कहा, ‘हम ईसाई सेलिब्रेशन नहीं चाहते.’ उन्होंने कहा कि वे भारतीय त्योहारों से संबंधित किसी भी सामान की बिक्री के खिलाफ़ नहीं हैं, लेकिन गैर-भारतीय मूल के त्योहार पर व्यापार करना उन्हें मंज़ूर नहीं है.

यूपी: बरेली में चर्च के सामने हनुमान चालीसा का पाठ

इस बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में उत्तर प्रदेश के बरेली में एक चर्च के सामने दक्षिणपंथी संगठन के 20-25 कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है.

स्थानीय अख़बार हिंदुस्तान के अनुसार, बुधवार को बरेली कैंट थाना क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्री राम, हर हर महादेव के नारे लगाए. बताया गया है कि उन्होंने वहीं बैठकर ओम नमः शिवाय का जाप किया.

इन कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चर्च द्वारा आयोजित क्रिसमस समारोह में हिंदू धर्म को गलत तरीके से पेश किया गया जिससे हिंदू
जन भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते दिख रहे थे.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दक्षिणपंथी समूह जानबूझकर अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और अधिकारी चुपचाप ऐसे असामाजिक तत्वों की मदद कर रहे हैं.

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने कहा, ‘ऐसा वीडियो एक परेशान करने वाले ट्रेंड को दिखाता है क्योंकि दक्षिणपंथी समूह जानबूझकर अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करने और डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अधिकारी चुपचाप ऐसे असामाजिक तत्वों की मदद कर रहे हैं. यह राज्य के कामकाज, उसके संस्थानों और धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में उनकी भेदभावपूर्ण भूमिका पर बड़े सवाल खड़े करता है.’

हरियाणा के हिसार से भी ऐसी ही खबर सामने आई है जहां बजरंग दल द्वारा क्रिसमस पर शहर की 160 साल पुरानी चर्च के बाहर एक धार्मिक कार्यक्रम की घोषणा के बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. बताया गया है कि विहिप और बजरंग दल की तरफ से करवाए जाने वाले हिंदू शक्ति संगम कार्यक्रम पर विवाद खड़ा हो गया.

विवाद बढ़ने और शहर के लोगों द्वारा क्रिसमस पर चर्च के सामने ही हवन-यज्ञ और हनुमान चालीसा पाठ करने पर अड़ा होने का विरोध करते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई. कुछ संगठनों ने भी इस कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की थी.

रायपुर में मॉल में तोड़फोड़

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक मैग्नेटो मॉल में  लाठियों से लैस एक भीड़ घुस गई और क्रिसमस के लिए लगाई गई सजावट तोड़फोड़ दीं.

यह घटना उस दिन हुई जब कथित अवैध धर्मांतरण के विरोध में ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान किया गया था.

मॉल के एक कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘लगभग 80-90 लोग अंदर घुस आए… हम विरोध का समर्थन कर रहे थे. पिछले 16 सालों से जब से हमने यहां काम शुरू किया है, हमने हमेशा बंद के आह्वान का समर्थन किया है. लेकिन मैंने ऐसा बर्ताव कभी नहीं देखा. भीड़ ने हमें धमकी दी… हम पर चिल्लाए. उन्होंने हिंसा की.’

एक अन्य कर्मचारी ने कहा, ‘कुछ महिलाएं रो रही थीं… वे (भीड़) उन सभी पर हमला कर रहे थे जो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे. वे कहते रहे कि हम सांता को नहीं देखना चाहते. मॉल में फिल्म देखने आए लोग डर गए.’

बता दें कि सर्व हिंदू समाज ने बुधवार को कथित धार्मिक धर्मांतरण के खिलाफ एक दिन के ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान किया था. यह आह्वान बस्तर क्षेत्र के कांकेर जिले में एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर दो समुदायों के बीच हाल ही में हुई झड़प के बाद किया गया था.

हालांकि राज्य में बंद को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएं भी हुईं. राज्य के शहरी इलाकों में दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे, मगर कुछ ग्रामीण इलाकों में बंद का असर कम रहा.

हफ्ते भर से हो रही हैं हिंसक घटनाएं

उल्लेखनीय है कि बीते हफ्ते ईसाइयों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आने के बाद ईसाई संगठन ‘द कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया’ (सीबीसीआई) ने मंगलवार (23 दिसंबर) को विभिन्न राज्यों में ईसाई समुदाय को निशाना बनाने और उन पर कथित हमलों में ‘चिंताजनक’ वृद्धि की निंदा करते हुए कहा था कि इससे भारत के संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को गंभीर नुकसान पहुंचा है.

बीते कुछ दिनों से क्रिसमस को लेकर दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों द्वारा विरोध देखने को मिल रहा है. हाल ही में हरिद्वार के एक होटल में क्रिसमस से जुड़ा आयोजन रद्द किया गया, वहीं जबलपुर की एक चर्च में जबरन घुसपैठ कर धर्मांतरण का आरोप लगाया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक व्यक्ति ओडिशा में सैंटा क्लॉज़ कैप बेच रहे विक्रेता को प्रताड़ित करते दिख रहा है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीसीआई ने अपने बयान में कहा कि मध्य प्रदेश के जबलपुर से आए एक वीडियो ने उन्हें ‘विशेष रूप से हैरान’ किया है, जिसमें क्रिसमस कार्यक्रम में शामिल हुई दृष्टिहीन महिला को भाजपा नेता अंजू भार्गव ने सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे और शारीरिक रूप से परेशान किया.

इससे पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हिंदू समाज से ‘सांस्कृतिक सजगता’ के नाम पर क्रिसमस जैसे धार्मिक उत्सव न मनाने की अपील की थी. संगठन ने इसे धर्म और परंपरा के संरक्षण से जोड़ते हुए न सिर्फ आम लोगों, बल्कि दुकानदारों, शॉपिंग मॉल्स और स्कूलों को भी निशाने पर लिया.

विहिप द्वारा जारी एक आह्वान पत्र में कहा गया था कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को आत्मसंयम और आत्मसम्मान के साथ धार्मिक आचरण करना चाहिए.