यूपी: फतेहपुर में ‘दो सौ साल पुरानी मज़ार’ को गिराने के आरोप में बजरंग दल सदस्य गिरफ़्तार

यूपी के फतेहपुर ज़िले के मवई गांव में मंगलवार को कथित तौर पर दो सौ साल पुरानी एक मज़ार को गिराए जाने के आरोप में पुलिस ने बजरंग दल के एक समन्वयक को गिरफ़्तार किया है और कई आरोपियों की तलाश जारी है. बताया गया है कि तोड़फोड़ करते समय आरोपी बांग्लादेश के मौजूदा हालात का ज़िक्र कर रहे थे.

फतेहपुर में एक मज़ार को गिराता बजरंग दल का सदस्य. (फोटो: एक्स/@Benarasiyaa)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मवई गांव में मंगलवार (23 दिसंबर) को कथित तौर पर दो सौ साल पुरानी एक मज़ार को गिराए जाने के मामले में पुलिस ने बजरंग दल के एक समन्वयक को गिरफ्तार किया है और आठ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ है, जिसमें कुछ लोग हथौड़ों से इमारत को तोड़ते हुए और बांग्लादेश के मौजूदा हालात का ज़िक्र करते हुए दिखाई दे रहे हैं. 

वीडियो में आरोपी कह रहा है, ‘इस देश में रहना है तो यहां के नियम, मानक, संविधान, भारत माता, राष्ट्र गान और वंदे मातरम के प्रति सभी को समर्पण दिखाना होगा. भारत बांग्लादेश नहीं है, जहां हिंदू को उल्टा कर दिया गया और जला दिया गया. ये हिंदुस्तान है और यहां ये जिहादी मानसिकता नहीं चलेगी.’

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर पांच नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. गिरफ्तार मुख्य आरोपी नरेंद्र हिंदू को अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने बुधवार को बताया कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

पुलिस के अनुसार, नरेंद्र हिंदू बजरंग दल के भिटौरा ब्लॉक समन्वयक हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है.

एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने वली शाह बाबा के मज़ार को नुकसान पहुंचाया है. सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाले भाषण देने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 191(2), 298, 301, 196 और 324(4) के तहत दर्ज किया गया है.

बताया गया है कि हिंदू बहुल इलाके में स्थित यह मज़ार पहले सड़क निर्माण कार्य के दौरान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका बाद में स्थानीय निवासियों ने मरम्मत कराया था. ग्रामीणों का दावा है कि दोपहर के समय करीब दो दर्जन लोग हथौड़े, फावड़े और डंडे लेकर आए और बिना किसी विरोध के इसे गिरा दिया.

हुसैनगंज थाने के प्रभारी आलोक पांडे ने कहा, ‘वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला हमारे संज्ञान में आया. एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. एफआईआर में नामजद अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है.’

जांच जारी रहने के बीच प्रशासन ने मवई गांव में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है.

अख़बार के मुताबिक, स्थानीय राजस्व अभिलेखों के अनुसार, करीब 10-12 वर्ग मीटर में फैली इस संरचना को आधिकारिक तौर पर मज़ार के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी. सदर तहसीलदार अमरेश कुमार सिंह ने कहा, ‘यह कथित मज़ार कई साल पहले गांव की भूमि पर बनाई गई थी. आसपास का पूरा इलाका हिंदू परिवारों का है.’

वहीं, बजरंग दल के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि यह कार्रवाई भूमि विवाद से जुड़ी थी.

संगठन के प्रांतीय समन्वयक वीरेंद्र पांडे ने कहा, ‘इस ढांचे का इस्तेमाल जमीन पर मालिकाना हक जताने के लिए किया जा रहा था. कुछ ईंटें हटाई गईं, लेकिन वहां कोई मज़ार नहीं था. निवासियों ने खुद ही जगह साफ की.’ 

हाल के महीनों में फतेहपुर में यह इस तरह की दूसरी घटना है. इससे पहले आबूनगर में एक मज़ार में तोड़फोड़ की गई थी, जिसके बाद कई भाजपा नेताओं और हिंदुत्ववादी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.