जामिया मिल्लिया: कर्मचारी के साथ मारपीट, जातिसूचक गाली देने का आरोप; शिक्षक पर एफआईआर

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पॉलिटेक्निक में एक शिक्षक पर एक लिपिक के साथ मारपीट करने और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगा है. वायरल वीडियो और कर्मचारी की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया. (फोटो साभार: jmi.ac.in)

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पॉलिटेक्निक में कथित मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो और पीड़ित की शिकायत के आधार पर की गई है.

शिकायत में पॉलिटेक्निक के एक शिक्षक पर कक्षा के भीतर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पॉलिटेक्निक में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत रामफूल मीणा की शिकायत पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रियाज़ुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

यह एफआईआर जामिया नगर थाने में दर्ज की गई है, जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 115(2) के तहत दर्ज की गई है.

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने मंगलवार देर रात जारी बयान में बताया कि धारा 3(1)(r) सार्वजनिक स्थान पर किसी अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति का जानबूझकर अपमान या उसे अपदस्थ करने से संबंधित है, जबकि बीएनएस की धारा 115 स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से जुड़ी है.

पुलिस के मुताबिक, शिकायत 19 जनवरी को दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पीड़ित के साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल हुआ. बताया जा रहा है कि कथित घटना 16 जनवरी की है.

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता ने किसी तरह के जबरन धर्मांतरण की कोशिश का आरोप नहीं लगाया है. पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया या कुछ रिपोर्टों में धर्मांतरण से जुड़ा जो भी दावा किया जा रहा है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार है.

इस बीच जामिया मिल्लिया इस्लामिया के आधिकारिक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि विश्वविद्यालय को अपने किसी कर्मचारी की ओर से किसी शारीरिक झड़प या जाति-आधारित घटना को लेकर अब तक कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.