नई दिल्ली: पर्यटक वीज़ा पर भारत आए दो ब्रिटिश नागरिकों को राजस्थान के अजमेर में सार्वजनिक स्थानों पर इज़रायल के खिलाफ़ फ़िलिस्तीन के समर्थन वाले स्टिकर चिपकाने के बाद भारत छोड़ने को कहा गया है.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, जिला पुलिस ने लुईस गैब्रियल डी. और उनकी साथी अनूशी एम्मा क्रिस्टीन के खिलाफ़ यह कार्रवाई राजस्थान इंटेलिजेंस विभाग की सूचना पर की.
21 जनवरी को खुफिया विभाग को सूचना मिली थी कि यह दंपती स्टिकर चिपकाने की गतिविधियों में शामिल है. इसके बाद इंटेलिजेंस विभाग ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट की समीक्षा की और संदिग्धों की पहचान की.
पुलिस ने दोनों द्वारा लगाए गए स्टिकरों को हटाया और दोनों ब्रिटिश नागरिकों से पूछताछ की. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) राजेश मीणा के नेतृत्व में हुई पूछताछ के बाद अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि दोनों ने पर्यटक वीज़ा पर रहते हुए राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया, जो की वीज़ा शर्तों का उल्लंघन है.
एनडीटीवी के अनुसार, इसके बाद इमिग्रेशन और फ़ॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों के वीज़ा रद्द कर दिए गए और ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया गया. यानी, उन्हें देश छोड़ने का निर्देश दिया गया.
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ ही दिन पहले फ़िलिस्तीनी विदेश मंत्री वर्सेन अग़ाबेकियन शाहिन नई दिल्ली आई थीं. 29 जनवरी को शाहिन ने कहा था कि भारत, इज़रायल और फ़िलिस्तीन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की स्थिति में है और ग़ाज़ा के पुनर्निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभा सकता है.
उन्होंने इसके लिए दोनों पक्षों के साथ भारत की मित्रता और फ़िलिस्तीन के प्रति उसके लंबे समय से चले आ रहे समर्थन का हवाला दिया था.
