नई दिल्ली: द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट सोमवार, 9 फरवरी की शाम भारत में लगभग दो घंटे तक ब्लॉक रहा. 1.3 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स वाला यह अकाउंट खबरों, विचारों, विश्लेषण, हास्य और व्यंग्य के लिए सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से फॉलो किए जाने वाले न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स में शामिल है.
सोमवार शाम जब पाठकों ने द वायर का मुख्य इंस्टाग्राम पेज खोलने की कोशिश की, तो उन्हें एक संक्षिप्त संदेश दिखाई दिया, जिसमें कहा गया था कि यह अकाउंट ‘भारत में उपलब्ध नहीं है, क्योंकि कंटेंट को सीमित करने के लिए आए एक कानूनी अनुरोध का पालन किया गया है.’
हालांकि, जिन उपयोगकर्ताओं के पास वीपीएन की सुविधा थी या जो भारत के बाहर मौजूद थे, वे द वायर के इंस्टाग्राम अकाउंट तक पहुंच पा रहे थे.
इस मामले में संपर्क किए जाने पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के अधिकारियों ने द वायर से कहा, ‘हमने आपका अकाउंट ब्लॉक नहीं किया है.’

द वायर को अनौपचारिक तौर पर यह जानकारी मिली है कि मंत्रालय ने मेटा से इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए 52 सेकंड के एक व्यंग्यात्मक कार्टून वीडियो को ब्लॉक करने के लिए कहा था. इसके बाद सोशल मीडिया कंपनी ने कथित तौर पर गलती से द वायर का पूरा इंस्टाग्राम हैंडल ही ब्लॉक कर दिया.
रात करीब 8:30 बजे तक मुख्य अकाउंट तक पहुंच बहाल कर दी गई, लेकिन वह कार्टून अब भी इंस्टाग्राम पर उपलब्ध नहीं था. फेसबुक पर भी कार्टून की पहुंच को सीमित कर दिया गया है.
गौरतलब है कि भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून के तहत किसी भी कंटेंट को ब्लॉक करने से पहले संबंधित प्रकाशक को इसकी पूर्व सूचना देना अनिवार्य है, सिवाय आपात स्थितियों के. यह व्यंग्यात्मक कार्टून 7 फरवरी को शाम 6:30 बजे इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर पोस्ट किया गया था, लेकिन अब तक द वायर को इस संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है.
यह कार्टून फिलहाल यूट्यूब और ब्लूस्काई पर देखा जा सकता है.
इस संबंध में द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है:
मैं सभी पाठकों से अपील करता हूं कि इस कार्टून को अधिक से अधिक साझा करें. नरेंद्र मोदी ने कभी कहा था, ‘मैं चाहता हूं कि इस सरकार की आलोचना हो. आलोचना से लोकतंत्र मजबूत होता है.’ लेकिन ‘56 प्रोडक्शंस’ द्वारा द वायर में प्रकाशित यह कार्टून जाहिर तौर पर ‘डियर लीडर’ को असहज कर गया, तभी तो उन्होंने अश्विनी वैष्णव से इसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक करवाने का आदेश दिलवाया, जहां यह तेजी से वायरल हो रहा था.
संस्थापक संपादक ने उक्त कार्टून को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की अपील की है.
उन्होंने आगे लिखा है, ‘आईटी कानून के तहत, आपात स्थिति को छोड़कर सरकार को किसी भी सामग्री को ब्लॉक करने से पहले प्रकाशक को सूचना देना अनिवार्य है. द वायर को कोई सूचना नहीं दी गई, इसका मतलब यही है कि मोदी सरकार के लिए अब हंसी और व्यंग्य भी ‘आपात स्थिति’ बन चुके हैं.’
I call upon all readers to widely share this cartoon. “I want this government to be criticised. Criticism makes democracy stronger”, @narendramodi once claimed. But this cartoon in The Wire by ‘56 Productions’ has obviously unnerved the Dear Leader because he got @AshwiniVaishnaw… https://t.co/Vfl2IQHg53
— Siddharth (@svaradarajan) February 9, 2026
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब द वायर को इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो. मई 2025 में द वायर की वेबसाइट को पूरे एक दिन के लिए मनमाने तरीके से ब्लॉक कर दिया गया था. इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने वेबसाइट को बहाल कर दिया था, लेकिन उस खबर को हटाने की शर्त पर, जिसमें सीएनएन द्वारा पाकिस्तान के इस दावे की रिपोर्ट की गई थी कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने एक भारतीय राफेल लड़ाकू विमान को मार गिराया था.
मंत्रालय की ओर से 9 मई 2025 को रात 9:41 बजे भेजे गए ईमेल में कहा गया था कि thewire.in को उस वेबपेज पर प्रकाशित लेख को लेकर मिली एक ब्लॉकिंग रिक्वेस्ट के आधार पर रोका गया है. ईमेल में यह भी कहा गया था कि तकनीकी सीमाओं के कारण https वेबसाइटों के मामले में केवल पूरा डोमेन ही ब्लॉक किया जा सकता है, किसी एक सब-पेज को नहीं. साथ ही द वायर से संबंधित सामग्री पर उचित कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा गया था, ताकि वेबसाइट को अनब्लॉक किया जा सके.
ताज़ा घटनाक्रम को लेकर द वायर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा को पत्र लिखकर बिना किसी पूर्व सूचना के एक लोकप्रिय, विश्वसनीय और जानकारीपूर्ण प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है.
