नई दिल्ली: असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सोमवार (16 फरवरी) को इस्तीफा दे दिया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ही दिन पहले उन्हें चुनाव के मद्देनज़र संभावित गठबंधन वार्ताओं को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे. पिछले वर्ष उनकी जगह गौरव गोगोई को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. बोरा असम में दो बार विधायक भी रह चुके हैं.
बोरा ने कहा कि बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह लगभग 8 बजे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने कहा, ‘यह आत्मसम्मान का सवाल है और मैंने पार्टी के संचालन के तरीके को लेकर अपनी चिंताओं से भी केंद्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया है… जब हमारी गाड़ी माजुली गई, अगर पार्टी यह तय नहीं कर सकती कि कौन जाएगा और कौन नहीं जाएगा, तो ऐसे में पार्टी का भविष्य क्या होगा? मैंने यह बात केंद्रीय नेतृत्व को बता दी है.’
बोरा ने यह टिप्पणी पिछले शुक्रवार माजुली में आयोजित कांग्रेस रैली के संदर्भ में की, जिसका नेतृत्व गौरव गोगोई ने किया था. उस रैली में बोरा, असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया और सांसद रकीबुल हुसैन भी मौजूद थे.
55 वर्षीय भूपेन बोरा 2006 से 2016 तक बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं. वे 1994 से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि, उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा है. खरगे को लिखे अपने पत्र में बोरा ने आरोप लगाया है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही थी और प्रदेश इकाई में उन्हें उनका उचित सम्मान और भूमिका नहीं दी जा रही है.
बोरा ने अपनी नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर मीडिया से कहा, ‘ मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन यह आत्मसम्मान का मामला है.’
उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को असम में पार्टी के संचालन के तरीके के बारे में अवगत कराया है. उन्होंने इशारा किया कि राज्य नेतृत्व छोटे-छोटे मामलों में भी सही निर्णय लेने में विफल रहा है.
बोरा ने कहा, ‘मैंने केंद्रीय नेतृत्व से कहा है कि यदि पार्टी इसी तरह चलाई गई तो उसका भविष्य अनिश्चित होगा. हमारे गठबंधन सहयोगियों सहित सभी जानते हैं कि पार्टी में क्या हो रहा है और इसे किस तरह संचालित किया जा रहा है.’
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वे चुनाव से पहले किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे, बोरा ने कहा कि अभी तक किसी भी दल ने उन्हें ‘कोई प्रस्ताव’ नहीं दिया है.
उन्होंने कहा, ‘किसी भी राजनीतिक दल की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है, लेकिन यह सच है कि मैंने राजनीति को अलविदा कहने के लिए इस्तीफा नहीं दिया है.’
उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं, जिससे कांग्रेस की रणनीति पर असर पड़ सकता है. असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव इस वर्ष मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है. कांग्रेस कई अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.
