यूपी: क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों का हमला, अंपायर की मौत

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बुधवार को अंडर-13 क्रिकेट लीग के एक मैच के दौरान मधुमक्खियों के हमले में 60 वर्षीय क्रिकेट अंपायर की मौत हो गई. क़रीब एक दर्जन बच्चे भी मधुमक्खियों के डंक का शिकार हुए.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बुधवार (18 फरवरी) की दोपहर अंडर-13 लीग क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड के हमले में 60 वर्षीय क्रिकेट अंपायर की मौत हो गई. 

यह घटना उन्नाव के शुक्लागंज स्थित सप्रू स्टेडियम में हुई, जहां अंडर-13 लीग में वाईएमसीसी और पैरामाउंट के बीच मैच चल रहा था.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, करीब तीन दशक से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) से जुड़े माणिक गुप्ता पर मधुमक्खियों ने कई बार डंक मारे, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें कानपुर के एक अन्य अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

हमले में करीब एक दर्जन बच्चे मधुमक्खियों के डंक का शिकार हुए.

केसीए के जनरल मैनेजर दिनेश कटियार ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘माणिक ने केसीए की अंडर-13 लीग में खेले गए पिछले मैच में अंपायरिंग की थी, जो करीब 1:30 बजे खत्म हुआ. वह अपने एक दोस्त के लिए रुक गए थे, जो इसके बाद शुरू हुए दूसरे मैच में अंपायरिंग कर रहे थे. उसी दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया.’

उन्होंने कहा, ‘मधुमक्खियों के निशाने पर ज्यादातर वे खिलाड़ी आए जो सफेद टी-शर्ट पहने हुए थे. करीब एक दर्जन खिलाड़ी और कुछ अन्य लोग, जिनमें एक और अंपायर भी शामिल थे, डंक से घायल हुए. माणिक को कई डंक लगे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया.’

माणिक गुप्ता कानपुर के फीलखाना इलाके के रहने वाले थे. 

कटियार ने अख़बार को बताया, ‘माणिक जिला स्तर के अंपायर थे. केसीए उनके परिजनों को आर्थिक सहायता देगा. इसके अलावा, केसीए की उन्नाव के डीएम से भी बात चल रही है, हमें जिला प्रशासन से भी आर्थिक मदद की उम्मीद है. माणिक का हमारे साथ लंबा जुड़ाव रहा, इसलिए हम सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिवार को वित्तीय सहायता प्राप्त हो.’

उन्होंने यह भी बताया कि माणिक फुल-टाइम अंपायर थे और स्थानीय मैचों में अंपायरिंग से मिलने वाली फीस से ही गुज़ारा करते थे. कटियार के अनुसार, माणिक मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित थे और अचानक हुए इस हमले से वह बुरी तरह घबरा गए थे.

उन्होंने कहा, ‘बच्चों सहित अन्य लोगों को भी कई डंक लगे, लेकिन वे ठीक हो रहे हैं. माणिक डायबिटिक थे और अस्पताल ले जाते वक्त बेहद डरे हुए थे. परिवार ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराने का फैसला किया, इसलिए उनकी मौत का सटीक कारण पता नहीं चल सका.’