नई दिल्ली: ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान, जिनमें आईआरएनए, सरकारी प्रसारक आईआरआईबी और फ़ार्स न्यूज़़ एजेंसी शामिल हैं, ने रविवार (1 मार्च) को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई, जिनकी उम्र 86 वर्ष थी, अमेरिकी-इज़रायली हमलों में मारे गए.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ख़ामेनेई के तेहरान स्थित कार्यालय परिसर पर वरिष्ठ सहयोगियों के साथ बैठक के दौरान हमला किया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ही ख़ामेनेई की मौत का दावा किया था, जिसके कुछ घंटों बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इसकी पुष्टि की.
रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, ख़ामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी इजरायली हमलों में मारे गए. ईरान ने 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है और सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश घोषित किए हैं.
उल्लेखनीय है कि शनिवार को ईरान पर हुए हमलों में मारे गए कई वरिष्ठ अधिकारियों में देश के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मूसावी और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर शामिल हैं.
खुफिया और सैन्य सूत्रों ने सीबीएस न्यूज़ को बताया है कि इन हमलों में कुल मिलाकर लगभग 40 ईरानी अधिकारी मारे गए हैं.
ईरानी मीडिया के अनुसार, पूर्व रक्षा और आंतरिक मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है.
ईरान पर हुए यह हमले अमेरिकी-इज़रायली सैन्य अभियान का हिस्सा थे, जिसका लक्ष्य शासन के ठिकानों को निशाना बनाना था.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए इसे ‘न्याय’ बताया और ईरानियों से धार्मिक शासन को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया.
इसके जवाब में ईरान के आईआरजीसी ने सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिनमें इज़रायली सैन्य ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 27 अमेरिकी ठिकानों या संपत्तियों को निशाना बनाया गया.
तेल अवीव में विस्फोट और हवाई हमले के सायरन की आवाजें सुनाई दीं, साथ ही दुबई में भी जेबेल अली बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचने की खबर है.
रॉयटर्स के अनुसार, दोहा, मनामा, अबू धाबी और खाड़ी के अन्य स्थानों पर भी कई हमले हुए हैं.
रविवार को इज़राइल ने भी ईरानी मिसाइल और वायु रक्षा ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए. इस बीच, तनाव कम होने का कोई संकेत नहीं मिला है.
गौरतलब है कि ख़ामेनेई की मृत्यु से पहले किसी उत्तराधिकारी का सार्वजनिक रूप से नाम घोषित न होने के कारण, ईरान ने नेतृत्व परिवर्तन के लिए संवैधानिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं.
बीबीसी और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने राजकीय टेलीविजन पर घोषणा की कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल के एक वरिष्ठ न्यायविद सहित एक अस्थायी नेतृत्व परिषद अंतरिम रूप से मामलों का प्रबंधन करेगी.
ईरान के संविधान के तहत, 88 सदस्यीय विशेषज्ञ सभा (वरिष्ठ धर्मगुरुओं का एक निकाय) को ‘जितनी जल्दी हो सके’ नए सर्वोच्च नेता का चयन करने का दायित्व सौंपा गया है.
