महाराष्ट्र: पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में संदिग्ध ज़हरीली शराब से कम से कम 13 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ के फुगेवाड़ी इलाके में कथित ज़हरीली शराब पीने से 24 घंटे के भीतर आठ लोगों की मौत हुई. वहीं, पुणे से पांच लोगों की मौत की ख़बर है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस घटना के पीछे के 'पूरे नेटवर्क' की जांच कर रहे हैं. इस मामले में इस्तेमाल हुआ पदार्थ 'मेथेनॉल जैसा कुछ' लग रहा है.

पुणे के फुगेवाड़ी और हडपसर इलाकों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की घटना के सिलसिले में पुलिसकर्मी एक आरोपी को ले जाते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में ज़हरीली शराब पीने के शक में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद कई एजेंसियों ने मिलकर जांच शुरू कर दी है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिंपरी-चिंचवाड़़ के फुगेवाड़ी इलाके में 24 घंटे के भीतर आठ लोगों की मौत हुई. इनमें से सात मौतें गुरुवार को हुईं, जबकि एक व्यक्ति की मौत बुधवार देर रात हुई थी. इलाके के चार अन्य का इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

अखबार के अनुसार, पुणे से पांच लोगों की मौत की खबर आई, जिनमें से तीन काले पाडल में और दो हडपसर में हुई थीं.

स्थानीय लोगों ने इन मौतों का संबंध ज़हरीली शराब पीने से जोड़ा है, जबकि पुलिस का कहना है कि मौतों की असली वजह फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी.

जांचकर्ताओं ने बताया कि पीड़ितों में कई समान लक्षण पाए गए. कई लोगों ने गिरने से पहले चक्कर आना, बेचैनी, मुंह से झाग निकलना, सांस लेने में दिक्कत और दिल की धड़कन अचानक धीमी पड़ने जैसी शिकायतें की थीं.

पुलिस ने बताया कि कम से कम एक मृतक के शरीर में अल्कोहल पाया गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मेडिकल रिपोर्ट आने से पहले किसी भी नतीजे पर न पहुंचा जाए.

पुलिस ने बताया कि उन्होंने पुणे ज़िले में अवैध शराब बनाने और बेचने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जांच का मुख्य केंद्र अब योगेश वानखेड़े पर आ गया है, जो कथित तौर पर शराब का अवैध धंधा करने वाला एक अपराधी है.

वानखेड़े को उन जगहों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया, जहां कथित तौर पर शराब की सप्लाई की जाती थी. इस दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले के संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

फडणवीस ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस घटना के पीछे के ‘पूरे नेटवर्क’ की जांच कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में इस्तेमाल हुआ पदार्थ ‘मेथेनॉल जैसा कुछ’ लग रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस इस बारे में और जानकारी देगी.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, पुलिस, आबकारी विभाग के अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मिलकर शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने, शराब बेचने वालों की पहचान करने और ज़ब्त की गई शराब में मौजूद तत्वों की जांच करने में जुटे हुए हैं. पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस शुरुआती दौर में सभी मौतों को किसी एक ही वजह से न जोड़ें.

पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘फुगेवाड़ी-डापोडी इलाके में हुई मौतों की शुरुआती जांच से पता चलता है कि हर मामला अपने आप में अलग-अलग प्रकृति का लगता है. मृतकों के परिवार वालों के बयानों से यह संकेत मिलता है कि चार लोगों को शराब पीने की कोई आदत नहीं थी, जबकि एक व्यक्ति शराब का आदी था.’

बयान में कहा, ‘अब तक मिली जानकारी के आधार पर इन मौतों को किसी एक वजह से जोड़ना जल्दबाजी होगी. मौत की असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा. नागरिकों से अनुरोध है कि वे अफवाहों पर यकीन न करें और न ही उन्हें फैलाएं. मामले की विस्तृत जांच चल रही है.’

जांचकर्ताओं को शक है कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में सप्लाई करने से पहले देसी शराब में करीब 215 लीटर मेथनॉल मिलाया गया था. मेथनॉल एक बहुत ही ज़हरीला इंडस्ट्रियल केमिकल है. इसकी थोड़ी-सी मात्रा भी अंधापन, अंगों का फेल होना और मौत का कारण बन सकती है.