दिल्ली: साकेत में इमारत गिरने से छह लोगों की मौत के बाद दो इंजीनियर निलंबित

दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास रविवार को एक बहुमंजिला इमारत गिर गई, जहां कैफ़े, दफ़्तर और एक ट्यूशन सेंटर चलता था. पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. वहीं, दिल्ली नगर निगम ने कथित लापरवाही के आरोप में दो इंजीनियर को निलंबित कर दिया है.

एनडीआरएफ और पुलिस का रविवार, 31 मई 2026 को गिरे हुए बिल्डिंग के मलबे में बचाव अभियान. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास 30 मई को एक बहुमंजिला इमारत गिरने से कम से कम छह लोगों की मौत होने की खबर है. इस इमारत में कैफ़े, दफ़्तर और एक ट्यूशन सेंटर चलता था.

मौके से मिली तस्वीरों में एक भयावह मंज़र सामने आया है, जिसमें इमारत पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुकी है और आसपास का इलाका भी इसकी चपेट में आ गया है. खबरों के मुताबिक, इमारत गिरने से एक टिन-शेड वाली कैंटीन को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अक्सर आते-जाते थे.

नई दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास बिखरा मलबा. (फोटो: पीटीआई)

कुछ लोगों का कहना है कि यह इमारत तीन मंज़िला थी, जबकि कुछ अन्य लोग इसे पांच मंज़िला बता रहे हैं; ऐसा इसलिए क्योंकि इमारत गिरने के समय उस पर नई मंज़िलें बनाने का काम चल रहा था.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के 24 घंटे से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी बचाव दल तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं.

सैयद-उल-अजैब इलाके में वेस्टएंड मार्ग पर स्थित यह बिल्डिंग शनिवार शाम करीब 7.40 बजे ढह गई, जिससे पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए. अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों में से कई छात्र थे जो प्रतियोगी परीक्षाओं, जिनमें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) भी शामिल है, की तैयारी कर रहे थे.

एनडीआरएफ और पुलिस ने रविवार, 31 मई 2026 को गिरे हुए बिल्डिंग के मलबे में बचाव अभियान. (फोटो: पीटीआई)

अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से पांच लोगों ने एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति की मौत सफदरजंग अस्पताल में हुई. पांच घायल लोग अभी भी एम्स में इलाज करवा रहे हैं, जबकि तीन लोगों को छुट्टी दे दी गई है.

अखबार के अनुसार, मृतकों की पहचान रवि (24), कपिल (28), नलिन राय (23), आलोक, पार्वती (35) और एकता (24) के रूप में हुई है.

पीड़ितों में से कई छात्र और युवा पेशेवर थे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे. इनमें से 28 वर्षीय कपिल – भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में भर्ती के लिए तैयारी कर रहे थे; वे एक इंटरव्यू में शामिल होने के बाद अपने दोस्तों के साथ कैंटीन में मौजूद थे. एक अन्य पीड़ित, बिहार के रहने वाले नलिन राय, जिन्होंने हाल ही में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी, ‘ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग’ की तैयारी कर रहे थे.

साकेत के घटनास्थल पर तैनात पुलिस. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान के अलवर ज़िले की रहने वाली 24 वर्षीय एकता, जिन्होंने ‘बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी’ (बीडीएस) की पढ़ाई पूरी की थी, 28 जून को होने वाली एफएमजीई परीक्षा की तैयारी कर रही थीं.

उनके पिता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि शनिवार को ही उन्होंने एक टेस्ट दिया था और इस दुखद घटना से कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने परिवार वालों से बात भी की थी.

पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और बिल्डिंग ढहने के कारणों की जांच शुरू कर दी है. बिल्डिंग के मालिक का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए टीमें भी गठित की गई हैं.

बचाव स्थल पर एनडीआरएफ और पुलिसकर्मी (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली नगर निगम के दक्षिण ज़ोन द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुदेश सिंह चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) अमन जैन को बिल्डिंग के सुपरविज़न में कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल का दौरा किया. (फोटो: पीटीआई)

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया और अवैध निर्माणों के साथ-साथ लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर दक्षिण ज़िला मजिस्ट्रेट की देखरेख में इस मामले की जांच की जाएगी.