नई दिल्ली: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल में गुरुवार (4 जून) सुबह लगी भीषण आग में कम से कम पांच लोगों की जान चली गई है और कई अन्य घायल हो गए.
यह घटना मुजफ्फरपुर शहर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित निजी अस्पताल प्रसाद हॉस्पिटल में हुई.
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि दमकल की टीमों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है.
सेन ने कहा, ‘मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग के कारण कई लोगों की जान चली गई. मौके पर तुरंत पहुंची दमकल की टीमों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है. अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार, तीन लोगों की मौत हुई है. विस्तृत जानकारी का इंतजार है.’
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त ऋतुराज सिंह ने बताया, ‘कुल 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.’
अख़बार के मुताबिक, मृतकों में से तीन की पहचान मुज़फ्फरपुर जिले के औराई निवासी शशांक कुमार, मोतीपुर निवासी गीता देवी तथा शिवहर जिले के तरियानी निवासी उदय कुमार के रूप में हुई है.
खबरों के अनुसार, स्थानीय अग्निशमन केंद्र को सुबह लगभग 3:55 बजे आग लगने की सूचना मिली. इसके बाद दमकलकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और आईसीयू से लगभग 20 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला. घायल हुए लोगों को उपचार के लिए आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
दमकल विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि उनकी टीम ने आईसीयू से 15 से 20 मरीजों को बचाया. उन्होंने कहा कि आग तेजी से पूरे आईसीयू कमरे में फैल गई, जिससे वहां घना धुआं भर गया और निकासी अभियान में कठिनाई पैदा हुई.
उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पांडेय ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता मरीजों को बचाना है. जांच बाद में की जाएगी.’
डीएम सेन ने पत्रकारों को बताया कि अस्पताल में 15 मरीज भर्ती थे और अधिकारियों को अब तक उनमें से 13 मरीजों का रिकॉर्ड मिल गया है. कुछ मरीजों का इलाज आईसीयू में भी चल रहा था, जिन्हें वहां से हटाकर पास के अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है.
अधिकारी ने आगे कहा, ‘एक विशेष टीम गठित की जाएगी जो यह जांच करेगी कि यह घटना आखिर कैसे हुई, और आगे की सभी कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी. प्रथमदृष्टया लगता है कि घटना शॉर्ट सर्किट के कारण हुई है. हालांकि, घटना के सही कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा.’
आज तक के अनुसार, घटना के बाद पत्रकारों ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से इस बाबत सवाल किए, हालांकि वे उनका जवाब दिए बिना ही निकल गए.
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना में चार लोगों की मौत ‘बेहद दुखद’ है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिवारों को तत्काल 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाए. चौधरी ने आगे कहा कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है, और घायलों के इलाज के लिए जिला अस्पतालों में उचित व्यवस्था की गई है.
