नितिन नबीन को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फैसला नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की उसी कड़ी का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी अध्यक्ष के पद को लगातार कमज़ोर किया गया है. नए अध्यक्ष का अपना राजनीतिक वज़न बहुत कम है. हालांकि यह कदम बिहार में एक बड़ा चुनावी दांव भी है.
भाजपा पर कुछ वर्ष पहले स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और किसान सेवा जैसी सरकारी योजनाओं के नाम पर जनता से ‘अवैध रूप से’ चंदा इकट्ठा करने का आरोप लगा है. पत्रकार बीआर अरविंदाक्षन को आरटीआई के ज़रिये पता चला है कि भाजपा को इन योजनाओं के लिए चंदा जुटाने की कोई विशेष अनुमति या स्वीकृति न तो केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय से मिली थी, न ही पीएमओ से.
नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की चार्जशीट के छह महीने बाद गांधी परिवार के ख़िलाफ़ नई एफआईआर क्यों दर्ज हुई? क्या ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं? यह मामला राजनीतिक रूप से इतना संवेदनशील क्यों माना जा रहा है? द वायर की यह रिपोर्ट इस पूरे मामले की परतें खोलती है.
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान में इतिहासकार प्रो. इरफ़ान हबीब ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कम्युनिस्टों ने मुस्लिम लीग और कांग्रेस को एक समान मानकर रणनीतिक भूल की और सांप्रदायिकता की समस्या को ठीक से नहीं सुलझाया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संविधान का 130वां संशोधन विधेयक संसद में पेश करने जा रहे हैं. इसमें प्रावधान है कि कोई मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री यदि लगातार 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसे बर्ख़ास्त किया जा सकेगा. कांग्रेस ने इसे विपक्षी राज्यों को कमज़ोर करने का हथकंडा बताया है.
राहुल गांधी ने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में फ़र्ज़ी पते, डुप्लीकेट वोटर और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. अब ज़िम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि वह गांधी या किसी अन्य विपक्षी नेता के साथ ज़बानी बहस में उलझने की बजाय इन आरोपों पर गौर करे और स्पष्ट जवाब दे.
नरेंद्र मोदी विपक्ष को एक ख़तरनाक जाल में उलझाए रखने में सफल रहे हैं और उन्हें भाजपा के ख़िलाफ़ संयुक्त मोर्चे की राह से दूर रहने को मजबूर कर दिया है. लेकिन सवाल यह है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब तक लोगों को असली मुद्दों से दूर रखने में सफल रहेंगे?
भारत के इतिहास में कभी भी किसी पूर्व आरबीआई गवर्नर को कार्यपालिका में इस तरह के सर्वोच्च पद पर नियुक्त नहीं किया गया है, जैसा शक्तिकांत दास के साथ हुआ. उनकी नियुक्ति न सिर्फ़ अभूतपूर्व है, बल्कि मोदी सरकार द्वारा मानदंडों को ख़त्म करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है.
चुनाव आयोग को सौंपे जनता दल (यूनाइटेड) के हलफनामे में पार्टी ने घोषणा की है कि उसे 10 अप्रैल 2019 से 26 अप्रैल 2019 के बीच चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 13 करोड़ रुपये मिले, लेकिन पार्टी ने चंदादाताओं में से केवल दो का ही नाम बताया है.
वीडियो: आम आदमी पार्टी का आरोप है कि अगर कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन हुआ तो अरविंद केजरीवाल को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा. ठीक इसी समय कांग्रेस के बैंक खातों को भी फ्रीज़ करने की ख़बर आई है. क्या यह भाजपा के संयुक्त विपक्षी मोर्चे से डर का संकेत है? द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजॉय आशीर्वाद का नज़रिया.
वीडियो: राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी के विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन छोड़कर एनडीए में शामिल होने की पुष्टि किए जाने को लेकर इसकी पूर्व सहयोगी समाजवादी पार्टी के नेता सुधीर पंवार से द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजॉय आशीर्वाद की बातचीत.
96 बरस वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न ऐसे समय दिया गया है, जब देश अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है और इसके केंद्र में नरेंद्र मोदी हैं. बेरहमी से दरकिनार किए जा गए अपने 'गुरु' को देश का सर्वोच्च सम्मान देकर नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है.
वीडियो: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने बीते बुधवार को गिरफ़्तार किया है. बीते कुछ सालों में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने के चलन पर बात कर रहे हैं द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजॉय आशीर्वाद.
शीर्ष मुस्लिम नेताओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में हिंदू पूजा की अनुमति देने वाले वाराणसी अदालत के फैसले पर निराशा व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि (अब ध्वस्त) बाबरी मस्जिद स्थल को हिंदू पक्ष को सौंपने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिंदुत्ववादी ताक़तों को देश भर में मुस्लिम पूजा स्थलों पर दावा करने का रास्ता दिखा दिया है.
दिल्ली सरकार द्वारा संचालित बुराड़ी अस्पताल का मामला. आरोप है कि अस्पताल के सफाई कर्मचारी लंबित वेतन और वेतन में कटौती से परेशान हैं. महिला कर्मचारियों को लगातार दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है. उनसे अक्सर यौन संबंधों बनाने के लिए कहा जाता है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल प्रदर्शन ख़त्म कर दिया है.