जेएनयू छात्र संघ में वाम एकता की जीत के बाद महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में नारे लगाने वाले दस छात्रों को छात्रावास से निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन के अनुसार इन विद्यार्थियों ने 'सॉरी-सॉरी सावरकर, आरएसएस का छोटा बंदर, भाग नरेंद्र भाग नरेंद्र' नारे लगाए थे, जबकि छात्रों ने कहा उन्होंने 'बाल नरेंद्र-बाल नरेंद्र' कहा था.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 105वें स्थापना दिवस समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. छात्र संगठनों ने 'म्यूज़िक एंड डांस परफॉर्मेंस- अखंड भारत', ‘संस्कृत क़व्वाली’ और दिल्ली पुलिस के गायन कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि ये आयोजन जामिया की धर्मनिरपेक्ष और समावेशी परंपरा के ख़िलाफ़ हैं.
विश्व हिंदू परिषद ने छठ पूजा के मौके पर ‘जिहादी-मुक्त दिल्ली’ अभियान के तहत ‘सनातन प्रतिष्ठा’ स्टिकर जारी किया है. संगठन का दावा है कि यह ‘शुद्ध पूजा सामग्री’ के लिए है, लेकिन यह मुसलमान व्यापारियों के आर्थिक बहिष्कार की एक और रणनीति दिखाई देती है.
विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने का संकल्प लिया. उन्होंने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम भी बदलने की घोषणा की, इसे सांस्कृतिक स्वाभिमान की पुनर्स्थापना बताया.
जनजातीय कार्य मंत्रालय की संस्था ने सभी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों को छात्रों में ‘हिंदी भाषा के प्रति रुचि’ जगाने का निर्देश दिया है. परिपत्र में कहा गया है कि हिंदी सिखाने की ज़िम्मेदारी सभी शिक्षकों की होगी.
पूर्व जज एस. मुरलीधर ने प्रो. जीएन साईबाबा मेमोरियल लेक्चर में कहा कि आरएसएस विभाजनकारी एजेंडा और भ्रामक इतिहास पढ़ा रहा है. उन्होंने शिक्षा में युवाओं के दिमाग पर कब्ज़ा, संस्थागत हस्तक्षेप और अकादमिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए, और साईबाबा के केस के माध्यम से न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई.
सुप्रीम कोर्ट में देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश महज़ एक सनकी हरकत नहीं, बल्कि हफ्तों से चल रहे दक्षिणपंथी अभियान का नतीजा मालूम पड़ता है. अजीत भारती जैसे हिंदू दक्षिणपंथी यूट्यूब क्रिएटर और अन्य लगातार सीजेआई गवई के ख़िलाफ़ नफ़रत फैला रहे थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरएसएस शताब्दी समारोह में संघ की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका का गुणगान किया, लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि आरएसएस ने न तो स्वतंत्रता आंदोलन में संगठित भागीदारी की और न ही अंग्रेजों से टकराव किया.
नई दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सोनम वांगचुक की रासुका के तहत गिरफ़्तारी और पाकिस्तान से जोड़े जाने के आरोपों का कड़ा विरोध हुआ. करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के सज्जाद कारगिल सहित वक्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए वांगचुक की तत्काल रिहाई और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई.
पटना में साहित्य अकादेमी के ‘उन्मेष 2025’ साहित्य उत्सव के उद्घाटन पर लेखकों और संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव पर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर बर्ख़ास्तगी की मांग उठी. प्रदर्शनकारियों ने साहित्यिक उत्सव के बहिष्कार की अपील की.
वैज्ञानिक, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता गौहर रज़ा को आईआईटी-बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में बोलना था, लेकिन अंतिम समय में इसे ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देकर रद्द कर दिया गया. रज़ा ने कहा कि एक फैकल्टी सदस्य की आपत्ति और दबाव के चलते यह क़दम उठाया गया.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी9 भारतवर्ष, आजतक, एबीपी, ज़ी न्यूज़ और टीवी 18 को औपचारिक नोटिस भेजा है क्योंकि ये चैनल हिंदी होने के बावजूद प्रसारण में करीब तीस प्रतिशत उर्दू शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. मंत्रालय ने भाषा विशेषज्ञ की नियुक्ति करने का भी निर्देश दिया है.
साहित्य अकादेमी सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव पर यौन उत्पीड़न के आरोपों और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद कई लेखक संगठनों व महिला संगठनों ने उनकी बरख़ास्तगी की मांग की है. पटना में होने वाले ‘उन्मेष 2025’ साहित्य उत्सव के बहिष्कार की अपील भी हो रही है.
साहित्य अकादेमी ने यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला कर्मचारी का साथ देने के बजाय उन्हें नौकरी से निकाल दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बर्ख़ास्तगी को अवैध और बदले की कार्रवाई मानते हुए, महिला को उनके पद पर फिर से नियुक्त कर दिया है. साथ ही आदेश दिया है कि आरोपी सचिव के ख़िलाफ़ जांच लोकल कंप्लेंट्स कमेटी करेगी.
'जब भी कोई नया माध्यम आता है तो यही आशंका जताई जाती है कि पुराने माध्यम चलन से बाहर हो जाएंगे. लेकिन टीवी और कंप्यूटर जैसे जितने भी नए माध्यम आए, वे किताब के ही अलग-अलग रूप बने, न कि प्रतिद्वंद्वी. प्रिंट हमेशा अपनी जगह रहेगा. साहित्य की जगह हमेशा बनी रहेगी.'