बिलक़ीस बानो को किसने सत्रह सालों तक उसके मताधिकार से वंचित रखा? कौन था गुजरात का मुखिया और किसके हाथ हिंदुस्तान की हुकूमत थी? क्यों सालों-साल बिल्किस अपने कुनबे के साथ भटकती रही पूरे भारत, जगह बदलती हुई, पोशीदा ज़िंदगी बिताती हुई? क्यों वह वहां महफूज़ न थी, जिसे वह अपना वतन कहती है?
लोग कह रहे हैं कि इस चुनाव में भाजपा का भरोसा छूट रहा है, उसने साध्वी को लाकर ब्रह्मास्त्र चलाया है. यह परीक्षा वास्तव में भाजपा की नहीं है, यह हिंदुओं का इम्तिहान है. क्या वे धर्म के इस अर्थ को स्वीकार करने को तैयार हैं?
आज की मास्टरक्लास में अपूर्वानंद बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र से सीपीआई के उम्मीदवार और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर 'सामना' अख़बार में छपे एक लेख पर चर्चा कर रहे हैं.
नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में विरोध के बाद एक फैशन शो के रद्द हो जाने से ये सवाल उठता है कि क्यों जामिया का प्रशासन कार्यक्रम के सुरक्षित होने देने की गारंटी न कर सका?
भारत सरकार यूं तो कहती है कि आतंकवादी कहीं छिपा हो वह उसे निकाल लाएगी, लेकिन इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री का कहना था कि क्यों सरकार आगे की अदालत में इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करे? जिसे करना हो करे, सरकार क्यों करे? इससे क्या फायदा होगा?
आखिर क्या बात है कि खेती-किसानी हो, अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्से हों, विश्वविद्यालय हों या स्कूल, हिंदी अख़बारों या चैनलों से हमें न तो सही जानकारी मिलती है, न आलोचनात्मक विश्लेषण? क्यों सारे हिंदी जनसंचार माध्यम सरकार की जय-जयकार में जुट गए हैं?
आज की मास्टरक्लास में अपूर्वानंद देश की मौजूदा राजनीति पर स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव के साथ चर्चा कर रहे हैं.
आज की मास्टरक्लास में अपूर्वानंद न्यूज़ीलैंड में मस्जिदों में हुई गोलाबारी और मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बढ़ते हेट क्राइम के बारे में चर्चा कर रहे हैं.
भारतीय प्रधानमंत्री ने 'पायलट प्रोजेक्ट' वाला बयान देकर साबित किया कि घृणा से गढ़े गए स्वभाव की तुच्छता किसी भी क्षण की गंभीरता और किसी पद की गरिमा से बाधित नहीं होती.
आज की मास्टर क्लास में अपूर्वानंद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे मौजूदा तनाव पर चर्चा कर रहे हैं.
आज की मास्टरक्लास में अपूर्वानंद पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरी छात्रों पर हो रहे हमलों पर बात कर रहे हैं.
इस समय इरादा मुसलमानों से जुड़ी हर जगह को संदिग्ध बनाने का है. उसका तरीक़ा है उन्हें विवादित बनाना. एक बार कुछ भी विवादित हो जाए तो उसमें दूसरा पक्ष जायज़ हो जाता है, जैसे बाबरी मस्जिद को विवादित बनाकर अब संघ के संगठन एक जायज़ पक्षकार बन बैठे हैं.
आज की मास्टरक्लास में अपूर्वानंद द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के साथ बाबरी मस्जिद और इसके विवादित स्थल पर मंदिर बनाए जाने के बारे में चर्चा कर रहे हैं.
कश्मीर, आतंकवादी, वामपंथी, जेएनयू और जेएनयू टाइप, राष्ट्रवाद, दुर्गा, सब कुछ घालमेल हो जाता है. देश जैसे एक विक्षिप्तता में बड़बड़ा रहा है. सन्निपात से उसे होश में लाना नामुमकिन हो रहा है.
आज की मास्टर क्लास में अपूर्वानंद सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की संभावित गिरफ़्तारी पर चर्चा कर रहे हैं.