हिमालय के अद्भुत गाथाकार बिल एटकिन का इस सप्ताह नब्बे की उम्र में निधन हो गया. वह पच्चीस की उम्र में स्कॉटलैंड से भारत आए थे, और फिर यहीं बस गए. उन्हें बड़े प्रेम से याद कर रहे हैं पत्रकार-लेखक हृदयेश जोशी, जिन्होंने एटकिन की एक प्रसिद्ध किताब का हिंदी अनुवाद भी किया है.
भारत की योजना 2030 तक 100 मीट्रिक टन कोयले का गैसीकरण करने की है और देश के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रचुर भंडार हैं. लेकिन इसे सफल बनाने के लिए कुछ चुनौतियों, जैसे ख़राब गुणवत्ता के कोयले, और प्रभावी कार्बन कैप्चर, यूटिलाइज़ेशन और स्टोरेज तकनीक की कमी आदि से निपटना होगा.
ब्रिटिश राज में बने राजद्रोह क़ानून को सरकारों द्वारा अक्सर आज़ाद अभिव्यक्ति रखने वालों या सत्ता के विरुद्ध बोलने वालों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया गया है.