डेविड एटनबरो: पृथ्वी के कथाकार की एक सदी की विरासत

सर डेविड एटनबरो आज अपने जीवन के सौ वर्ष पूरे कर रहे हैं. यह महज़ किसी प्रसिद्ध वृत्तचित्र निर्माता या प्रस्तोता का जन्मदिन नहीं है; यह उस व्यक्ति का शताब्दी वर्ष है जिसने करोड़ों लोगों को पहली बार यह एहसास कराया कि पृथ्वी केवल मनुष्यों की संपत्ति नहीं, बल्कि साझा विरासत है.

रघु राय: ‘थोड़ा और देखो’ सिखाने वाली वह नज़र, जो अब भी हमारे फ्रेम में ज़िंदा है

रघु राय केवल एक नाम नहीं थे. वे एक दृष्टि थे. एक संवेदना थे. एक स्कूल थे. एक ऐसी आंख थे जिसने भारत को केवल देखा नहीं, भारत को स्वयं से मिलाया. उस रात उनका शरीर चला गया, लेकिन उनकी नज़र अभी भी इस देश की सुबहों में घूम रही है. कैमरों की ठंडी श्यामल देह में, पुराने कॉन्टैक्ट शीट्स में, प्रदर्शनी की दीवारों पर, और हम जैसे विद्यार्थियों की कांपती हुई उंगलियों में.

गुलाबी हाथी विवाद: सोशल मीडिया ट्रेंड्स तय कर रहे हैं आक्रोश, रोज़मर्रा की क्रूरता का कोई हैशटैग नहीं!

फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा के 'गुलाबी हाथी' फोटोशूट को लेकर हुआ विवाद इस कड़वे सच को सामने लाता है कि समाज में जानवरों के साथ होने वाली कई क्रूरताएं सामान्य मान ली जाती हैं, और हमारा ग़ुस्सा कुछ ख़ास घटनाओं पर ही बाहर आता है. घंटों तक ऊंट या हाथी की सवारी, पिंजरे में क़ैद पंछी, शादी-समारोहों में लगाम से बंधे लंगड़ाते, कई बार तो चोटिल घोड़ों को संवेदनशीलता की नज़र से देखा तक नहीं जाता.