एसआईआर पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि उनके एसआईआर आदेश में यह स्पष्ट रूप से नहीं लिखा था कि यह पूरी कवायद अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए भी थी. जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि आयोग ने एसआईआर के लिए कारण के रूप में केवल 'बार-बार प्रवास' को सूचीबद्ध किया है, न कि अवैध सीमा पार आवागमन को.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीते साल फरवरी 2024 में चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द किए जाने के बाद पहले पूर्ण वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र की सत्ता पर काबिज़ भाजपा ने अपनी वित्तीय स्थिति को और मज़बूत किया है और अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की तुलना में 12 गुना अधिक चंदा जुटाया है.
27 अक्टूबर को 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा करते हुए आयोग ने असम को इस प्रक्रिया से अलग रखा था. अब आयोग ने असम के लिए मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआर) की घोषणा की है, जो एसआईआर से भिन्न है.
बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 ज़िलों की 122 सीटों पर मतदान जारी है. इस बीच चुनाव आयोग पर चुनावी आंकड़ों में कथित हेरफेर और राजनीतिक पक्षपात के आरोप लग रहे हैं क्योंकि आयोग द्वारा बिहार में पहले चरण में डाले गए वोटों की कुल संख्या और लिंग-वार मतदाता विवरण अब तक नहीं दिया गया है.
दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा से गैंगरेप की कोशिश के आरोप और छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गुरुवार को महिला छात्रावास की वॉर्डन को उनके पद से हटा दिया. इसके अलावा छात्रावास की एक केयरटेकर को भी निलंबित किया गया है.
तेलंगाना हाईकोर्ट ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों को 42% आरक्षण देने वाले सरकारी आदेश पर रोक लगा दी. याचिकार्ताओं ने तर्क दिया है कि बढ़ा हुआ कोटा कुल आरक्षण पर संवैधानिक रूप से अनिवार्य 50% की सीमा का उल्लंघन करता है.
साक्षी टीवी के वरिष्ठ पत्रकार कोम्मिनेनी श्रीनिवास राव को आंध्र प्रदेश पुलिस ने 9 जून को उनके हैदराबाद स्थित घर से गिरफ़्तार किया है. उनके द्वारा संचालित लाइव टॉक शो में एक पैनलिस्ट ने कथित तौर पर 'आपत्तिजनक और दुर्भावनापूर्ण' टिप्पणियां कीं थीं. इस घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.
ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की घटनाक्रम भारत सरकार द्वारा आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग के ट्रांसक्रिप्ट पर आधारित है, जिसकी शुरुआत 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर पर आयोजित पहली ब्रीफिंग से होती है.
आंध्र प्रदेश के मल्लम गांव में एक दलित बिजली मिस्त्री की मौत के बाद, जब मुआवज़े की मांग की गई तो नाराज़ प्रभावशाली कापू जाति ने उनका बहिष्कार कर दिया. मामले की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय शांति समिति बनाई है, जिसकी आलोचना हो रही है.