‘प्रोपगैंडा ने इस दौर में सिनेमा को बहुत मारा, इस पर लोगों का भरोसा बहुत कम हुआ है’

हालिया रिलीज़ फिल्म 'इन गलियों में' लखनऊ की पृष्ठभूमि में एक छोटे से शहर में अंतरधार्मिक प्रेम की बारीकियों को दर्ज करते हुए समाज की इस पर प्रतिक्रिया दिखाती है. प्रोपगैंडा फिल्मों की भीड़ में बदलाव जैसी इस फिल्म के निर्देशक अविनाश दास से द वायर की संपादक सीमा चिश्ती की बातचीत.

अयोध्या: साल 1949 और 1992 से लेकर 2023 का सफ़र, इतिहास और राजनीति

वीडियो: ‘अयोध्या: द डार्क नाइट’ के लेखक-पत्रकार धीरेंद्र के झा और ‘अयोध्या: सिटी ऑफ फेथ, सिटी ऑफ डिस्कॉर्ड’ नामक किताब के लेखक-पत्रकार वलय सिंह से द वायर की संपादक सीमा चिश्ती की बातचीत. 

प्रसारण विधेयक का मसौदा नियमन के बजाय सेंसरशिप लागू करने का ख़ाका है

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा तैयार प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक, 2023 या प्रसारण विधेयक को सेंसरशिप चार्टर के बतौर देखा जा सकता है, जहां 'केंद्र सरकार' स्वतंत्र समाचारों को सेंसर बोर्ड जैसे दायरे में घसीटना चाहती है.

हम लोगों से किए गए प्राइवेसी के वादे को कभी नहीं तोड़ेंगे: सिग्नल निदेशक मेरेडिथ ह्विटेकर

साक्षात्कार: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सिग्नल की प्रेसिडेंट मेरेडिथ ह्विटेकर का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विनियमित किया जाना चाहिए. साथ ही वे मानती हैं कि यूज़र्स की निजता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार गांधी और पुरस्कार दोनों को कमतर करने की कोशिश है

आधुनिक भारत में हिंदू धर्म के संबंध में गांधी जो करने की कोशिश कर रहे थे, गीता प्रेस उसके ठीक उलट लड़ाई लड़ रही थी और लड़ रही है.

कर्नाटक में कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार के बीच ये दस बातें याद रखनी चाहिए

कर्नाटक में कांग्रेस की जीत ने 2015 के दिल्ली और 2020 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की याद दिलाई है, जहां किसी एक दल ने मोदी-शाह के रुतबे को चुनावी मैदान में पछाड़ दिया था. लेकिन फिर भी ऐसा नहीं है कि ऐसी जीत के साथ भारत के लोकतंत्र में अचानक सब ठीक हो गया हो.