संभल हिंसा के दौरान हुई गोलीबारी में घायल एक युवक के पिता की याचिका सुनते हुए चंदौसी की एक अदालत ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. हालांकि संभल पुलिस ने इस आदेश को ‘अवैध’ बताते हुए इसके ख़िलाफ़ अपील करने का ऐलान किया है.
देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जारी एसआईआर के बीच, दिल्ली भाजपा के सोशल मीडिया अकाउंट पर इस प्रक्रिया की आड़ में इस्लामोफोबिक पोस्ट साझा करने के आरोप लग रहे हैं. ज़मीनी स्तर पर एसआईआर से जुड़ी मानवीय और प्रशासनिक समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन भाजपा पूरी प्रक्रिया को केवल ‘घुसपैठियों को हटाने’ के अभियान के रूप में पेश कर रही है.
पाकिस्तान का विवादित 27वां संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित हो गया है. सेना को अतिरिक्त प्रभावी बनाने के साथ इस संशोधन ने देश की स्वतंत्र न्यायपालिका को कार्यपालिका के अधीन एक विभाग में बदल दिया है. साथ ही इस विधेयक ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को बेहिसाब अधिकार और शक्तियां दे दी हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव में राजद ने 2010 के अपवाद को छोड़कर इतिहास का अपना सबसे ख़राब प्रदर्शन किया है. 143 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए पार्टी ने केवेल 25 सीट पर जीत दर्ज की है. ऐसे में सवाल के घेरे में पार्टी नेता और महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव हैं.
नीतीश कुमार लगातार पांचवी बार मुख्यमंत्री बनने की कगार पर हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह हैं बिहार की महिलाएं. साइलेंट वोटर कही जाने वाली महिलाएं नीतीश कुमार की सबसे बड़ी समर्थक हैं. वे खुलकर बाहर आईं और नीतीश कुमार के पक्ष में वोट डाला.
बिहार में मुसलमान की आबादी करीब 18 फ़ीसदी हैं, लेकिन राजनीति में उनकी हिस्सेदारी बेहद सीमित है, ख़ासकर मुस्लिम महिलाओं की. विधानसभा चुनाव में प्रमुख पार्टियों ने मिलकर केवल दो मुस्लिम महिलाओं को टिकट दिया है- जदयू की शगुफ़्ता अज़ीम और राजद की इशरत परवीन.
रणनीतिक विशेषज्ञ एश्ले टेलिस पर चीन को गोपनीय जानकारी देने के आरोप लगे हैं. कभी भारत-अमेरिका साझेदारी के समर्थक रहे टेलिस को सत्तारूढ़ भाजपा के समर्थक ‘भारत-विरोधी’ कह रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इस गिरफ़्तारी को वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच बढ़ते तनावों की पृष्ठभूमि में देख रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम को जानने के लिए पढ़ें यह लेख.
भारत तालिबान की दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है, वैश्विक राजनीति में पुराने समीकरण बदल रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान के साथ भारत की नजदीकी महत्वपूर्ण है. लेकिन क्या मजबूरी है कि सरकार तालिबान को अपनी महिला-विरोधी नीतिओं का भारत में भी पालन करने की इजाज़त दे रही है?
तालिबान शासित अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्ताक़ी आठ दिनों की भारत यात्रा पर हैं. साल 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से यह तालिबान की भारत की सबसे उच्च स्तरीय यात्रा है. भारत के लिए यह सही समय है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में अपने निवेश और सुरक्षा हितों को साध सके.
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के नतीजों को लेकर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान दृष्टि आईएएस पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण के अनुसार संस्थान ने विज्ञापन में दावा किया था कि उसके कोचिंग से ‘216+’ उम्मीदवारों का चयन हुआ है, लेकिन उनमें से 162 छात्रों ने केवल संस्थान का मुफ़्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम लिया था.
पिछले वर्षों में हिंदी पत्रकारिता अमूमन यूट्यूब और वायरल वीडियो तक सिमट गई है. ज़मीनी पत्रकार की जगह 'सेलेब्रिटी एंकर' ने ली है. क्या यूट्यूब के भड़काऊ मोनोलॉग खोजी पत्रकारिता का गला घोंट रहे हैं? हिंदी के प्रख्यात नाम वीडियो तक क्यों सिमट गए हैं? उन्होंने गद्य का रास्ता क्यों त्याग दिया है?
इस विषय पर द वायर हिंदी की परिचर्चा.
'समय के साथ मैंने अपनी पहचान छुपाना शुरू कर दिया है. जब कोई मुझसे पूछता है कि आप कहां से हैं, तो मैं कहती हूं- यहीं दिल्ली से.’
ठीक छह साल पहले, 5 अगस्त 2019 को केंद्र की भाजपा सरकार ने जम्मू-कश्मीर को आज़ाद भारत में शामिल करने की शर्त के रूप में अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष दर्जे को निरस्त कर दिया था. साथ ही राज्य को दो केंद्रीय शासित प्रदेशों में तब्दील कर दिया- जम्मू कश्मीर और लद्दाख.
छत्तीसगढ़: विहिप द्वारा ‘धर्मांतरण’ की शिकायत के बाद 115 साल पुराने क्रिश्चियन हॉस्पिटल पर बैठी जांच
छत्तीसगढ़ के धमतरी के 115 साल पुराने क्रिश्चियन हॉस्पिटल पर ज़िला प्रशासन द्वारा जांच बैठाई गई है. यह जांच बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदुत्व संगठनों की शिकायत के आधार पर बैठाई गई है. इन संगठनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं.
माओवादियों के महा सचिव बसवराजू समेत आठ नक्सलियों के शवों का अंतिम संस्कार सोमवार (26 मई) को नारायणपुर में पुलिस और प्रशासन की निगरानी में किया गया. अंतिम संस्कार की पुष्टि नारायणपुर पुलिस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में की गई है. इससे पहले स्थानीय लोगों का कहना था कि पुलिस परिजनों पर नारायणपुर में ही अंतिम संस्कार करने का दबाव बना रही थी.