उत्तर प्रदेश में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का पेपर लीक होने और बढ़ती बेरोज़गारी के चलते युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है. भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली को लेकर अक्सर ही युवा सड़कों पर संघर्ष करते नज़र आते हैं, वहीं भर्तियों का लंबा इंतज़ार भी उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है.
जीबी रोड की ज़्यादातर सेक्स वर्कर्स के लिए लोकसभा चुनाव और उसके नतीज़े के कोई मायने नहीं है. उनका कहना है कि सरकार ने उनके लिए सालों से कुछ नहीं किया, इसलिए अब उम्मीद भी नहीं है. यह इलाका चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में आता है, जहां इस बार मुक़ाबला 'इंडिया' गठबंधन से उतरे कांग्रेस के जेपी अग्रवाल और भाजपा के प्रवीण खंडेलवाल के बीच है.
उत्तर प्रदेश के संभल लोकसभा क्षेत्र के निवासियों और समाजवादी पार्टी का कहना है कि मुस्लिम मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया और उनके साथ बदसलूकी की गई. कई मतदाताओं के साथ पुलिस की मारपीट की वीडियो भी सामने आयी हैं.
दृष्टिहीन को दया नहीं बराबरी का मौका चाहिए. एक सामाजिक मुद्दे पर बेहद गंभीरता और शालीनता से बनी यह फिल्म प्रेरणा देती है.
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 89 सीटों पर मतदान होना है. इस चरण में नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल के तीन मंत्रियों, दो पूर्व मुख्यमंत्रियों, दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों सहित कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है.
नीरज शेखर की राजनीति समाजवादी पार्टी से शुरू हुई थी, वो दो बार सपा की टिकट पर सांसद भी रहे हैं, लेकिन 2019 में भाजपा उन्हें अपने पाले में ले आई और इस बार उन्हें टिकट देकर पार्टी ने परिवारवाद को खुद ही आत्मसात कर लिया.
फुटबॉल में भारत का शानदार इतिहास होने के बाद भी ये खेल आज न तो लोगों के दिलों में है और न ही मैदान में अपनी स्वर्णिम विरासत को आगे लेकर बढ़ पाया है. शायद देश ने फुटबॉल को भुला दिया है, या यूं कहें कि ये खेल राजनीति की भेंट चढ़ गया है.
विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के आरोप में बीते छह माह से जेल में बंद न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के समर्थन में एकजुटता व्यक्त करने के लिए राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यकर्म में विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और नागरिक समाज के लोगों ने मोदी सरकार पर असहमति की आवाज़ कुचलने और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया.
फुटबॉल और कुश्ती के अलावा अन्य खेलों में प्रताड़ना और यौन हिंसा के मामले सामने आ चुके हैं. जुलाई 2022 में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में बताया था कि जनवरी 2017 से जुलाई 2022 के बीच भारतीय खेल प्रतिष्ठानों में यौन उत्पीड़न की 30 शिकायतें मिली थीं, जिनमें दो अनाम थीं.