कैंपस

जेएनयू प्रोफेसर ने चार पत्रकारों पर किया मानहानि का मुक़दमा, 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग

द प्रिंट की पत्रकार मोहना बसु ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि स्वतंत्र रिव्यू वेबसाइट ‘पबपीयर’ ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक गोवर्धन दास द्वारा लिखे लगभग दर्जनभर शोधपत्रों में संभावित हेरफेर की बात कही है. पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रह चुके दास ने बसु और वेबसाइट के संपादक शेखर गुप्ता समेत चार पत्रकारों के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दायर किया है.

शिक्षण संस्थानों में पिछले दरवाज़े से प्रवेश मेधावी छात्रों के साथ घोर नाइंसाफ़ी: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उन पांच छात्रों की अपील को ख़ारिज करते हुए की, जिन्हें 2016 में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित केंद्रीकृत काउंसलिंग में शामिल हुए बगैर ही भोपाल के एक मेडिकल कॉलेज द्वारा  प्रवेश दिया गया था. अदालत ने कहा कि लाखों छात्र योग्यता के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. अब समय आ गया है कि संस्थानों में बैकडोर एडमिशन बंद हों.

विश्व भारती के कुलपति का शिक्षकों से सख़्ती से बात करने संबंधी कथित वीडियो पर विवाद

पश्चिम बंगाल स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती शनिवार को उस समय विवादों में आ गए जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर उन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त क़दम न उठाने के लिए शिक्षकों के एक वर्ग को ज़िम्मेदार ठहराते हुए देखा गया.

शरजील इमाम समर्थक नारेबाज़ी पर दर्ज राजद्रोह केस में दो छात्रों को गिरफ़्तारी पूर्व ज़मानत

पिछले साल फरवरी महीने में मुंबई के आज़ाद मैदान में हुए एक एलजीबीटीक्यू कार्यक्रम में जेएनयू छात्र शरजील इमाम के समर्थन में कथित नारेबाज़ी करने के लिए टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के दो छात्रों के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था.

असमः शॉर्ट्स पहनकर परीक्षा देने गई छात्रा को रोका, पर्दा लपेटकर बैठने को मजबूर किया गया

घटना तेजपुर के गिरिजानंद चौधरी इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल्स साइंसेज की  है, जहां असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा के लिए पहुंची एक 19 साल की छात्रा को उनके शॉर्ट्स पहनने का हवाला देते हुए सिर्फ फुल पैंट में ही परीक्षा देने की बात कही गई. बाद में संस्थान में लगा एक पर्दा निकालकर छात्रा से उसे पैरों पर लपेटकर परीक्षा देने को कहा गया.

केरलः कन्नूर यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ाए जाएंगे सावरकर व गोलवलकर की किताबों के अंश

एमए के शासन एवं राजनीति के पाठ्यक्रम में सावरकर के ‘हिंदुत्व: हिंदू कौन है?’ और गोलवलकर के ‘बंच ऑफ थॉट्स’ व ‘वी ऑर अवर नेशनहुड डिफाइंड’ के हिस्सों को शामिल करने पर विवाद हुआ था. कुलपति गोपीनाथ रविंद्रन ने कहा है कि पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए गठित समिति की सिफ़ारिशों के बाद इन्हें न पढ़ाने का फ़ैसला लिया गया है.

तमिलनाडु: एक और छात्रा ने ख़ुदकुशी की, चार दिनों में नीट से जुड़ी तीसरी आत्महत्या

तमिलनाडु के वेल्लोर ज़िले की 17 वर्षीय छात्रा ने बुधवार को आत्महत्या कर ली. पुलिस के मुताबिक, छात्रा को डर था कि वह डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए आयोजित ‘नीट’ परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएगी. इससे पहले नीट के तनाव से 12 सितंबर को परीक्षा के कुछ घंटे पहले एक छात्र और 13 सितंबर को एक अन्य छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी. नीट लागू होने के बाद से पिछले चार साल में तमिलनाडु में 17 छात्रों ने आत्महत्या की है.

मध्य प्रदेश: बीए प्रथम वर्ष में वैकल्पिक विषय के रूप में जोड़ा जाएगा ‘रामचरितमानस’

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब नई शिक्षा नीति के संदर्भ में नया पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है, तो हम अपने गौरवशाली अतीत को भी सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि नासा के एक अध्ययन में यह साबित हो गया है कि राम सेतु लाखों साल पहले बनाया गया मानव निर्मित पुल था. 

तमिलनाडु: विधानसभा में में नीट परीक्षा न करवाने के लिए विधेयक पारित

सत्तारूढ़ डीएमके ने कहा कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य के मेडिकल कॉलेजों में बारहवीं में मिले अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा. जहां कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, पीएमके तथा अन्य दलों ने विधेयक का समर्थन किया, वहीं भाजपा ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉक आउट किया.

साल 2014 से मोदी सरकार का प्रतिदिन दो कॉलेज स्थापित करने का भाजपा का दावा झूठा है

भाजपा ने एक ट्वीट में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने साल 2014 से हर दिन दो कॉलेज स्थापित किए हैं. इस हिसाब से 30 सितंबर 2019 तक 3,906 कॉलेज स्थापित किए जाने चाहिए थे, हालांकि शिक्षा मंत्रालय के सर्वे के मुताबिक़, 30 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2019 तक कुल 1,335 नए सरकारी कॉलेज ही बने हैं.

केरल: कन्नूर विश्वविद्यालय के पीजी पाठ्यक्रम में सावरकर, गोलवलकर का काम शामिल करने पर विवाद

यह विवाद एमए के शासन एवं राजनीति के पाठ्यक्रम को लेकर है, जिसमें सावरकर के ‘हिंदुत्व: हिंदू कौन है?’ और गोलवलकर के ‘बंच ऑफ थॉट्स’ एवं ‘वी ऑर अवर नेशनहुड डिफाइंड’ के हिस्सों को शामिल किया गया है. कांग्रेस की छात्र शाखा केरल स्टूडेंट यूनियन ने माकपा के नियंत्रण वाले विश्वविद्यालय पर संघ परिवार के एजेंडे का लागू करने का आरोप लगाया है.

भारत में 14-18 आयु वर्ग के 80 फ़ीसदी बच्चों में कोविड के दौरान सीखने के स्तर में गिरावट आई: यूनिसेफ

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 6-13 वर्ष के बीच के 42 प्रतिशत बच्चों ने स्कूल बंद होने के दौरान किसी भी प्रकार की दूरस्थ शिक्षा का उपयोग नहीं करने की सूचना दी. इसका मतलब है कि उन्होंने पढ़ने के लिए किताबें, वर्कशीट, फोन या वीडियो कॉल, वॉट्सऐप, यूट्यूब, वीडियो कक्षाएं आदि का इस्तेमाल नहीं किया है.

विश्व भारती: क्यों कुलपति के पद संभालने के बाद शिक्षक और छात्र आए दिन प्रदर्शन कर रहे हैं

पश्चिम बंगाल स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में विद्युत चक्रवर्ती के अक्टूबर 2018 से पदभार संभालने के बाद से यहां शिक्षक और छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके पद संभालने के बाद नवंबर 2019 से 22 स्टाफकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जिनमें 11 फैकल्टी के सदस्य और 11 ग़ैर-शिक्षण कर्मचारी हैं. वहीं, 150 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

केरल यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों को चेताया, कहा- राष्ट्रविरोधी भाषण देंगे तो होगी कार्रवाई

इस संबंध में केरल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार राजेंद्र पिलंकट्टा ने दो सितंबर को सर्कुलर जारी किया. यह क़दम राजनीतिक विज्ञान के सहायक प्रोफेसर गिल्बर्ट सेबेस्टियन के निलंबन के बाद आया है. गिल्बर्ट ने दक्षिणपंथी संगठन आरएसएस और नरेंद्र मोदी सरकार के तहत संगठनों को फासीवाद की ओर अग्रसर बताया था.

सिर्फ़ आठ प्रतिशत ग्रामीण बच्चे नियमित ऑनलाइन क्लास ले पा रहे हैं: रिपोर्ट

देश के 15 राज्यों में लगभग 1400 बच्चों के बीच कराए गए एक सर्वे से पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों के 37 फ़ीसदी बच्चे बिल्कुल भी नहीं पढ़ पा रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि वे न केवल पढ़ने के अधिकार बल्कि स्कूल जाने से मिलने वाले दूसरे फ़ायदों जैसे कि सुरक्षित माहौल, बढ़िया पोषण और स्वस्थ सामाजिक जीवन से भी वंचित हो गए.