जेएनयू छात्र संघ में वाम एकता की जीत के बाद महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में नारे लगाने वाले दस छात्रों को छात्रावास से निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन के अनुसार इन विद्यार्थियों ने 'सॉरी-सॉरी सावरकर, आरएसएस का छोटा बंदर, भाग नरेंद्र भाग नरेंद्र' नारे लगाए थे, जबकि छात्रों ने कहा उन्होंने 'बाल नरेंद्र-बाल नरेंद्र' कहा था.
उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में डीएवी पीजी डिग्री कॉलेज के बीए द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने फीस को लेकर प्रिंसिपल द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अपमानित करने के बाद ख़ुद को आग लगा ली. वे 70 प्रतिशत से ज़्यादा जल गए छात्र को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है. वहीं, प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया गया है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में डोडा ज़िले में एक सरकारी शिक्षक को सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों को 'खून से तिलक करो, गोलियों से आरती करो' का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है. उक्त शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में केंद्रीय पैनल के सभी चार पदों पर वामपंथी संयुक्त मोर्चा ने जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही संस्थान में एक बार फिर छात्र राजनीति में लेफ्ट दल प्रभावी भूमिका में आ गए हैं और चार सदस्यीय पैनल में दक्षिणपंथियों की उपस्थिति ख़त्म हो गई.
हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले में सरकारी स्कूल के तीन शिक्षकों पर आठ वर्षीय दलित बच्चे को बार-बार पीटने और उसकी पैंट में बिच्छू डालने का आरोप लगा है. पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रधानाचार्य समेत तीनों के ख़िलाफ़ बीएनएस, एससी/एसटी एक्ट और बाल न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
पिछले 11 वर्षों से देश के लगभग हर शिक्षा संस्थान में बौद्धिक गतिविधियों पर प्रशासन का नियंत्रण सख़्त होता जा रहा है. पाठ्यक्रमों के मामले में अब विभाग आज़ाद नहीं हैं. कोई गोष्ठी आयोजित नहीं की जा सकती. मात्र ‘राष्ट्रवादी’ विषयों और वक्ताओं को अब जगह दी जाती है. विश्वविद्यालय बौद्धिक मूर्च्छा में बस सांस ले रहे हैं. उनके जीवित होने का भ्रम है.
दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में सबसे लंबे समय से चल रहे सेमिनारों में से एक को दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देश पर रद्द कर दिया गया, 'भूमि, संपत्ति और लोकतांत्रिक अधिकार' शीर्षक से आयोजित सेमिनार समाजशास्त्र विभाग की 'शुक्रवार संगोष्ठी' श्रृंखला के तहत 31 अक्टूबर को होना था. इस घटनाक्रम के बाद समाजशास्त्री नंदिनी सुंदर ने संगोष्ठी की संयोजक के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
केरल सरकार ने अपनी सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की आपत्तियों के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत चुनिंदा स्कूलों को उन्नत बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार की पहल पीएम श्री योजना के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है. भाकपा का कहना है कि उसकी आपत्ति उस विचारधारा पर केंद्रित है, जो योजना के क्रियान्वयन का आधार है.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 105वें स्थापना दिवस समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. छात्र संगठनों ने 'म्यूज़िक एंड डांस परफॉर्मेंस- अखंड भारत', ‘संस्कृत क़व्वाली’ और दिल्ली पुलिस के गायन कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि ये आयोजन जामिया की धर्मनिरपेक्ष और समावेशी परंपरा के ख़िलाफ़ हैं.
पिछले दो दशकों में देश भर के शैक्षणिक परिसरों में हुई हिंसा में अधिकतर एबीवीपी के सदस्य क्यों शामिल पाए जाते हैं? इस छात्र संगठन को इस सवाल से जूझना चाहिए कि विचार के परिसर में उसने हिंसा को क्यों चुना है?
भारत सरकार ने विदेशी विश्वविद्यालयों को अपने यहां आने की इजाज़त दी है. बिना स्वतंत्रता के शिक्षा और ज्ञान का सृजन असंभव है. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में अब जिस तरह के नियंत्रण लागू किए जा रहे हैं, उसके बाद वहां के विश्वविद्यालयों का आकर्षण ख़त्म हो रहा है. क्या भारत में इन विदेशी विश्वविद्यालयों को यह स्वतंत्रता मिलेगी?
दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा से गैंगरेप की कोशिश के आरोप और छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गुरुवार को महिला छात्रावास की वॉर्डन को उनके पद से हटा दिया. इसके अलावा छात्रावास की एक केयरटेकर को भी निलंबित किया गया है.
दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा ने आरोप लगाया है कि रविवार को चार लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में उनके साथ सामूहिक बलात्कार करने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को एफआईआर दर्ज की है.
मुंबई पुलिस ने सोमवार को टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा की पहली पुण्यतिथि पर एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित किया था.
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के निदेशक प्रोफेसर राम कुमार काकानी ने इस साल जुलाई में इस्तीफ़ा दिया था. पिछले पांच वर्षों में इस्तीफ़ा देने वाले काकानी तीसरे आईआईएम निदेशक हैं. शिक्षाविदों का मानना है कि इसका कारण आईआईएम अधिनियम और संस्थान की एचआर नीतियों के बीच विसंगतियां हैं.