इंदौर स्थित इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बॉम्बे में धार्मिक आधार पर हिंदू और मुस्लिम छात्रों के बीच भेदभाव का मामला सामने आया है. यहां दोनों समुदाय के छात्रों के लिए अलग-अलग वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसे लेकर अभिभावकों में नाराज़गी देखी गई. उन्होंने स्कूल पर पहले भी धर्म के आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में यूजीसी की नई गाइडलाइन पर चर्चा के दौरान हिंसा की ख़बरें सामने आई हैं. दिशा छात्र संगठन के छात्रों ने आरोप लगाया है कि 3 फरवरी को हुई चर्चा के दौरान एबीवीपी और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की तथा जातिसूचक गालियां दीं. एक छात्रा ने कहा, ‘जिस वजह से यूजीसी की नई गाइडलाइन लाई गई थी, यह घटना उसी का उदाहरण है,’
संसद में दी जानकारी के अनुसार, 2014-15 से 2019-20 के बीच 70,000 से ज़्यादा स्कूल बंद हुए - जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. इसके बाद 2020-21 से 2024-25 के बीच 18,727 और स्कूल बंद हुए. यूपी में 24,590 स्कूल बंद हुए - जो देश में सबसे ज्यादा हैं. इसके बाद मध्य प्रदेश में 22,438 स्कूल बंद हुए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जहां सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घट रही है, वहीं निजी स्कूलों की संख्या बढ़ रही
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि तीन महीने के भीतर सभी स्कूलों में छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालय सुनिश्चित किए जाएं. सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं. साथ ही कहा कि सुविधाएं संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा हैं, जिसमें गरिमा के साथ जीवन जीना शामिल है.
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 65,308 सरकारी स्कूलों में से 3,768 स्कूल पूरी तरह जर्जर हैं और उन्हें उपयोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है. इन 65,308 स्कूलों में कुल 5,40,126 कमरे हैं, जिनमें से 2,36,441 कमरे सुरक्षित पाए गए. वहीं 83,783 कमरे पूरी तरह जर्जर और उपयोग के लिए असुरक्षित हैं, जबकि शेष 2,19,902 कमरों को बड़े पैमाने पर मरम्मत की जरूरत है.
मध्य प्रदेश के मैहर ब्लॉक के भटगांव सरकारी हाई स्कूल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर छात्रों को पुरानी किताबों से फाड़े गए पन्नों पर पूरी और हलवा परोसा गया. इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ज़िला प्रशासन ने स्कूल के वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने जाति-आधारित भेदभाव से निपटने के लिए जारी यूजीसी के नए दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी है. अदालत ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव से निपटने के लिए बनाए गए इन नियमों के दुरुपयोग होने की संभावना है. ये नए विनियएम अब 19 मार्च तक स्थगित रहेंगे.
यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम अधिसूचित किए जाने के बाद कथित ऊंची जातियां और दक्षिणपंथी संगठन व्यापक विरोध कर रहे हैं. यह विरोध सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर से भी सामने आया है, जहां कई नेता इन नियमों के ख़िलाफ़ खुलकर बोल रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाली कई रसोइया रोज़ाना हजारों बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं, लेकिन उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जो दिहाड़ी मज़दूरों की मज़दूरी से भी कम है. अधिकांश रसोइयों के पास न तो स्वास्थ्य बीमा है और न ही पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं, जिससे उनकी नौकरी की असुरक्षा और भी बढ़ जाती है.
13 जनवरी को यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं. ये नियम जाति-आधारित भेदभाव से जुड़ी शिकायतों को दर्ज करने और उन पर कार्रवाई करने की स्पष्ट व्यवस्था और प्रक्रिया तय करते हैं. इसके तहत जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा का दायरा बढ़ाकर ओबीसी को भी इसमें शामिल किया गया है. हालांकि, कई 'उच्च जाति' वर्ग इसका कड़ा विरोध कर रही हैं.
एनएमसी द्वारा वैष्णोदेवी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति वापस लिए जाने के बाद संस्थान में दाख़िला ले चुके 50 एमबीबीएस छात्र बिना कॉलेज के रह गए हैं. वहीं, राज्य बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नई काउंसलिंग कराने से इनकार करते हुए सरकार से कहा है कि वह अपने स्तर पर इन छात्रों को अन्य मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटों पर दाख़िला दिलाए.
मुंबई की एक अदालत टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के उन छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज मामला सुन रही है. छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा की पहली पुण्यतिथि पर एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित किया था. कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई को इस महीने के अंत तक के लिए स्थगित करते हुए पहले दी गई अंतरिम सुरक्षा को बढ़ा दिया है.
गुजरात के बनासकांठा जिले में संभावित दूषित खाने या पानी से एक स्कूल के 43 विद्यार्थी बीमार पड़ गए. ये छात्र जगाणा गांव स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के छात्रवास में रह रहे थे, जहां मिड-डे मील खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पॉलिटेक्निक में एक शिक्षक पर एक लिपिक के साथ मारपीट करने और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगा है. वायरल वीडियो और कर्मचारी की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
यूजीसी द्वारा संसदीय समिति और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतों में पिछले पांच वर्षों में 118.4% की वृद्धि हुई है. इस संबंध में दर्ज की गई घटनाओं की संख्या 2019-20 में 173 से बढ़कर 2023-24 में 378 हो गई.