वैष्णोदेवी मेडिकल कॉलेज: एमबीबीएस अनुमति रद्द होने पर राजनीतिक दल बोले- शिक्षा का सांप्रदायिकीकरण

जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस से एमबीबीएस में दाख़िले की अनुमति वापस लेने की सूबे के राजनीतिक दलों द्वारा आलोचना की जा रही है. सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि देश के अन्य हिस्सों में लोग अपने इलाके में मेडिकल कॉलेज लाने के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन यहां मेडिकल कॉलेज बंद कराने के लिए लड़ाई लड़ी गई.

मोदी-आरएसएस का विरोध ‘देश-विरोध’ नहीं, ज़िंदा लोकतंत्र के सांस लेने की आवाज़ है

आज जो कहानी गढ़ी जा रही है, वह एक ख़तरनाक भ्रम पर टिकी है. सत्ताधारी पार्टी भाजपा और उसके वैचारिक संरक्षक आरएसएस को 'राष्ट्र' के बराबर रखकर, मीडिया सरकार को आलोचना से बचाने की कोशिश कर रहा है. यह एक धोखा है. आरएसएस एक ग़ैर-सरकारी संगठन है, भाजपा राजनीतिक दल है. नरेंद्र मोदी संविधान के एक निर्वाचित सेवक हैं. इनमें से कोई भी 'देश' नहीं है.

भाजपा समर्थित प्रदर्शनों के बीच वैष्णोदेवी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की अनुमति वापस ली गई

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को एमबीबीएस में दाख़िले की अनुमति को वापस ले लिया है. पिछले साल नीट रैंकिंग के आधार पर पहले बैच में दाख़िला पाने वाले 50 छात्रों में से 47 मुस्लिम थे, जिसके बाद हिंदुत्व संगठनों और भाजपा के नेताओं ने मेरिट लिस्ट का विरोध करना शुरू कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने छात्रसंघ चुनावों के लिए लिंगदोह कमेटी के नियम लागू करने की याचिका ख़ारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने लिंगदोह समिति की रिपोर्ट को लागू करने की मांग करने वाली एक याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई दम नहीं है. शीर्ष अदालत के निर्देश पर केंद्र सरकार ने लिंगदोह समिति का गठन किया था. समिति की रिपोर्ट का उद्देश्य कैंपस राजनीति से 'धन और बाहुबल' को खत्म करना और साथ ही शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना था.

देश, इस बरस: शैक्षणिक परिसरों में यौन उत्‍पीड़न के मामले, आख़िर कहां सुरक्षित हैं महिलाएं?

इस साल पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक देशभर के कई शैक्षणिक परिसरों में यौन शोषण, उत्पीड़न की ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं. यह दर्ज करना भी महत्वपूर्ण है कि इनमें से कई मामलों में छात्रों के लगातार प्रदर्शनों के बाद शासन-प्रशासन हरकत में आया.

ज्ञान की गर्दन और हिंदुत्व की तलवार

दिल्ली विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम निर्माण ज्ञान और हिंदुत्ववादी विचारधारा की रस्साकशी बन गया है. जेंडर, जाति, भेदभाव और विश्व इतिहास जैसे विषयों को हटाने का दबाव बढ़ रहा है. इससे अकादमिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की बौद्धिक गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी विषय पर पढ़ें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद का लेख.

जामिया में परीक्षा में ‘मुसलमानों पर अत्याचार’ से जुड़े सवाल पूछने पर प्रोफेसर निलंबित

जामिया मिल्लिया इस्लामिया बीए (ऑनर्स) सोशल वर्क के प्रश्न पत्र में ‘मुसलमानों पर अत्याचार’ से संबंधित प्रश्न रखने को लेकर एक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है. कई छात्रों ने निलंबन वापस लेने की मांग की और इसे ‘शैक्षणिक स्वतंत्रता पर हमला’ क़रार दिया.

केरल के मंत्री बोले- आरएसएस के दबाव में क्रिसमस कार्यक्रम रद्द करने वाले स्कूलों के मुद्दे देख रही है सरकार

केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने राज्य के कुछ निजी स्कूलों द्वारा कैंपस में क्रिसमस समारोह रोकने की ख़बरों पर चिंता जताई और चेतावनी दी कि राज्य सरकार ‘उत्तर भारत की तरह धर्म और आस्था पर आधारित बंटवारे वाले मॉडल’ को बर्दाश्त नहीं करेगी.

पिछले पांच वर्षों में 84,000 से अधिक सरकारी स्कूल मिड-डे मील योजना के दायरे से बाहर हुए

संसद में सरकार द्वारा पेश जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री पोषण योजना (पूर्व में मिड-डे मील योजना) के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की संख्या पिछले पांच वर्षों में घट गई है. वर्ष 2020–21 में जहां 11.19 लाख स्कूल इस योजना के तहत थे, वहीं 2024–25 में इनकी संख्या घटकर 10.35 लाख रह गई है.

छत्तीसगढ़: मेडिकल पीजी सीटों में कटौती को डॉक्टरों ने सरकार का धोखा बताया, विरोध के बीच काउंसलिंग स्थगित

छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गजट नोटिफिकेशन जारी कर मेडिकल स्नातकोत्तर (पीजी) प्रवेश नियम 2025 में आंशिक संशोधन कर राज्य कोटे की सीटें 50% से घटाकर 25% कर दी हैं. नए नियम के लागू के बाद अब राज्य के मेडिकल कॉलेजों में 75 प्रतिशत एडमिशन केवल मेरिट के आधार पर होगा. राज्य के चिकित्सा संगठनों और डॉक्टरों ने इसका विरोध करते हुए हाईकोर्ट का रुख़ किया है.

एफटीआईआई ईटानगर: छात्रों का अधूरे कैंपस में पढ़ाई से इनकार, सेमेस्टर बहिष्कार पर अडिग

भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान (एफटीआईआई), ईटानगर का पहला बैच अधूरे कैंपस, बुनियादी ढांचे की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था के खिलाफ तीसरी बार शैक्षणिक हड़ताल पर है. छात्रों का कहना है कि संस्थान वादों पर खरा नहीं उतरा और वे तब तक कक्षाओं में नहीं लौटेंगे, जब तक सभी आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं.

तमिलनाडु: जूनियर छात्रों के हमले में घायल 12वीं कक्षा के छात्र की मौत

4 दिसंबर को तमिलनाडु के पत्तिश्वरम स्थित एक सरकारी स्कूल के कक्षा 11 के कई छात्रों ने 12वीं के एक छात्र पर दोनों कक्षाओं के बीच हुई झड़प के बाद कथित तौर पर हमला किया था. हमले के दौरान छात्र के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. रविवार को उनकी मौत हो गई.

असम: वीसी के ख़िलाफ़ 75 दिनों के तीव्र आंदोलन के बाद तेज़पुर यूनिवर्सिटी में कार्यवाहक कुलपति नियुक्त

असम की तेज़पुर यूनिवर्सिटी के छात्र, शिक्षक और ग़ैर-शैक्षणिक स्टाफ वाइस चांसलर शंभू नाथ सिंह पर भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग को लेकर पिछले 75 दिनों से ज़ोरदार विरोध कर रहे थे. अब गुरुवार को वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य डॉ. ध्रुब कुमार भट्टाचार्य को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया है.

वीआईटी हिंसा: पीलिया फैलने, ख़राब खाने की शिकायतें दबाने की कोशिश कर रहा था प्रबंधन- जांच समिति

वीआईटी के सीहोर कैंपस में 25 नवंबर को हुई हिंसा को लेकर तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट ने इसका कारण प्रबंधन द्वारा पीलिया फैलने की घटनाओं को छिपाने की कोशिश, ख़राब भोजन और पानी की शिकायतों की अनदेखी तथा छात्रों के साथ बदसलूकी को बताया है. समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कैंपस में तानाशाही रवैया हावी है.

बीते छह सालों में सरकारी स्कूलों की संख्या घटी, कम नामांकन वाले स्कूलों में बढ़ोतरी: केंद्र सरकार

सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों से पता चला है कि देश में सरकारी स्कूलों की संख्या में पिछले छह वर्षों में लगातार गिरावट देखी गई है, जबकि शून्य या 10 से कम छात्रों के नामांकन वाले स्कूलों की संख्या बढ़ी है. जिन राज्यों में सरकारी स्कूलों की कुल संख्या में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई, उनमें मध्य प्रदेश, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर हैं.