कथित वीडियो में देहरादून के बंजारावाला स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में आठ छात्रों को फावड़े और टोकरियों से बजरी उठाते हुए दिखाया गया है. जिला शिक्षा विभाग ने बच्चों से जबरन काम करवाने की पुष्टि की है और प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंजू मनादुली को निलंबित कर दिया है.
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के नतीजों को लेकर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान दृष्टि आईएएस पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण के अनुसार संस्थान ने विज्ञापन में दावा किया था कि उसके कोचिंग से ‘216+’ उम्मीदवारों का चयन हुआ है, लेकिन उनमें से 162 छात्रों ने केवल संस्थान का मुफ़्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम लिया था.
जेएनयू में दशहरा समारोह के दौरान एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़प का मामला सामने आया है. एबीवीपी ने दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर हमले का आरोप लगाया, जबकि वामपंथी संगठनों ने इन आरोपों से साफ़ इनकार करते हुए एबीवीपी पर धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
ओडिशा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की खबरों के बीच 5 और 6 अक्टूबर को आयोजित होने वाली सब-इंस्पेक्टर (एसआई) की भर्ती परीक्षा स्थगित दी. यह तीसरी बार है जब एसआई की भर्ती परीक्षा स्थगित की गई है. पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने बार-बार परीक्षा रद्द किए जाने की आलोचना करते हुए इसे ‘व्यवस्थागत विफलता’ बताया है.
दिल्ली पुलिस ने स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्रबंधन संस्थान की कई छात्राओं से यौन उत्पीड़न के आरोप में रविवार (28 सितंबर) तड़के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है. छात्राओं की उत्पीड़न संबंधी शिकायत 4 अगस्त को दिल्ली के वसंत कुंज उत्तर थाने में दर्ज की गई थी. तब से आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती फरार थे, पुलिस उनकी तलाश कर रही थी.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव इस बार अलग था. उच्च न्यायालय द्वारा लगी रोक के बाद बैनर और पोस्टर नॉर्थ कैंपस से गायब थे. हर जगह बैरिकेड्स लगे थे. इस चुनाव में उम्मीदवारों की जाति और क्षेत्रगत मुद्दे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे.
दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्रबंधन संस्थान की कई छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ़ पार्थसारथी के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. आरोपी इस संस्थान की प्रबंधन समिति का सदस्य है और मामला दर्ज होने के बाद से फ़रार है.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें कहा गया था कि निर्दिष्ट 'विशेष घटक योजना महाविद्यालयों' में भी कोटा लाभ 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक नहीं हो सकता.
वैज्ञानिक, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता गौहर रज़ा को आईआईटी-बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में बोलना था, लेकिन अंतिम समय में इसे ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देकर रद्द कर दिया गया. रज़ा ने कहा कि एक फैकल्टी सदस्य की आपत्ति और दबाव के चलते यह क़दम उठाया गया.
शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति से अपने स्कूलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन की बचपन की घटनाओं से प्रेरित फिल्म ‘चलो जीते हैं’ दिखाने का निर्देश देते हुए कहा है कि यह युवा शिक्षार्थियों को चरित्र, सेवा और ज़िम्मेदारी जैसे विषयों पर चिंतन करने में मदद करेगी.
पिछले वर्षों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र गतिविधियों और बहस-विमर्श की जगह सिकुड़ रही है. प्रशासनिक शिकंजा कसता गया है. इस संस्थान की आत्मा को मार दिया गया है.
ओडिशा के मयूरभंज ज़िले में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका को 31 छात्रों की पिटाई करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि शिक्षिका ने सुबह की प्रार्थना के बाद बच्चों को इसलिए पीटा क्योंकि विद्यार्थियों ने उनके पैर नहीं छुए थे.
देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव या तो वर्षों से नहीं हुए हैं या प्रशासनिक कारणों से टाले जा रहे हैं. इन शैक्षणिक संस्थानों की दलील रही है कि चुनावों के दौरान हिंसा और अस्थिरता उत्पन्न होती है. वे लोग भूल जाते हैं कि छात्र संघ चुनाव लोकतंत्र की जड़ों को सींचते हैं.
शिक्षा कोई तटस्थ विधा नहीं है. यह या तो आपको पालतू बनाती है या मुक्त करती है. इसी तरह सच्चा शिक्षक छात्रों को मुक्त करता है और उन्हें मुक्तिकामी पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. शिक्षक दिवस पर पढ़िए राजद सांसद मनोज कुमार झा का विचारवान लेख.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक आठवीं तक की कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता की परीक्षा पास करनी होगी. अगर वे ये परीक्षा नहीं देते तो उन्हें अवकाश ग्रहण करना होगा. अगर वे फेल हो गए तो शायद उनकी नौकरी ही चली जाए. यह फैसला शिक्षकों को डरा रहा है.