कोविड-19

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कोविड-19 टीकाकरण को लेकर क्यों फैलाया जा रहा है डर?

वीडियो: ग्रामीण क्षेत्रों में 45 से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है, लेकिन गांवों में इसे लेकर उत्साह और जागरूकता की कमी है. इस मुद्दे पर प्रोफेसर गगनदीप कांग से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए टीकों की एक खुराक की अधिकतम कीमत तय की

स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए कोविशील्ड की एक खुराक की अधिकतम कीमत 780 रुपये जबकि कोवैक्सीन की एक खुराक के लिए 1,410 रुपये और स्पुतनिक-वी की एक खुराक की कीमत 1,145 रुपये तय की. मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि ज़्यादा शुल्क वसूले जाने पर निजी टीकाकरण केंद्रों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए.

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: निजी अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रोकने से 22 मरीज़ों की मौत का आरोप, जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में आगरा स्थित पारस अस्पताल का मामला. अस्पताल के मालिक का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह मॉक ड्रिल के तौर पर पांच मिनट के लिए कोरोना मरीज़ों की ऑक्सीजन बंद करने की बात कह रहे हैं. यह घटना 26 अप्रैल की बताई जा रही है. आरोप है कि इस दौरान 22 मरीज़ों की मौत हुई.

योगी आदित्यनाथ (फोटो: पीटीआई)

यूपी: डॉक्टरों ने प्रशा​सनिक कार्यों से हटाने के विरोध में योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों को केवल क्लीनिकल और मेडिकल ड्यूटी के लिए तैनात किया जाना चाहिए. उन्हें प्रशासनिक या प्रबंधन कार्यों के लिए तैनात नहीं किया जाना चाहिए. इसके बजाय उनकी जगह एमबीए डिग्री धारकों की नियुक्ति करनी चाहिए. डॉक्टरों का कहना है कि वे सेवा के लिए मरने को तैयार हैं, लेकिन सम्मान का त्याग करने के लिए तैयार नहीं हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: विकिपीडिया)

कोविड-19 के कारण 30,000 से अधिक बच्चों ने अपने माता या पिता या फ़िर दोनों को खोया: एनसीपीसीआर

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोविड-19 के कारण माता-पिता में से किसी एक या फ़िर दोनों को खोने वाले बच्चों में 15,620 लड़के, 14,447 लड़कियां और चार ट्रांसजेंडर शामिल हैं. इनमें से अधिकतर बच्चे आठ से 13 आयु वर्ग के हैं. महाराष्ट्र में ऐसे बच्चों की संख्या सर्वाधिक है. इसके बाद उत्तर प्रदेश में और राजस्थान हैं.

(फोटो: पीटीआई)

विपक्ष ने कहा- दबाव और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप ने केंद्र को टीकाकरण नीति बदलने पर मजबूर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सोमवार को घोषणा की कि 18 वर्ष से 44 साल उम्र तक के लोगों के टीकाकरण के लिए 21 जून से राज्यों को कोविड-19 का टीका मुफ्त दिया जाएगा और आगामी दिनों में देश में टीका आपूर्ति में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी.

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को कोरोना वायरस का टीका लगाते स्वास्थ्यकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

दो महीने बाद कोविड-19 के एक लाख से कम केस आए, 86,498 नए मामले और 2,123 लोगों की मौत

भारत में 63 दिन बाद 24 घंटे में कोविड-19 के एक लाख से कम नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण की कुल संख्या बढ़कर 28,996,473 हो गई और मौत का आंकड़ा 3.5 लाख के पार चला गया है. महाराष्ट्र पहला राज्य है, जहां एक लाख से अधिक मौतें हुई हैं. विश्व में 17.36 करोड़ से ज़्यादा संक्रमण के मामले है, जबकि 37.38 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

(फोटो: पीटीआई)

टीकाकरण नीति पर अदालत के सवालों के बाद केंद्र ने 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण निशुल्क किया

सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 21 जून से राज्यों को 18 से 44 साल तक की उम्र के लोगों के लिए मुफ़्त कोविड टीका मिलेगा. बीते हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र द्वारा इसी आयु वर्ग के टीकों के लिए राज्यों व निजी अस्पतालों को लोगों से शुल्क वसूलने की अनुमति देने को लेकर सवाल उठाए थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

आईएमए ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर डॉक्टरों को सुरक्षा देने की मांग की

आईएमए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में यह भी कहा कि महामारी संबंधी फेक न्यूज़ और स्वास्थ्य मंत्रालय की मंज़ूरी के बिना किसी भी व्यक्ति द्वारा कोविड-19 संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए तथाकथित ‘चमत्कारिक दवाओं’ को बढ़ावा देकर आम जनता को मूर्ख बनाने के प्रयासों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पिछले साल नवंबर तक 9.27 लाख गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान हुई: आरटीआई

सूचना का अधिकार के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि पिछले साल नवंबर तक देश में छह महीने से छह साल तक के क़रीब 927,606 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान की गई. इनमें से सबसे ज़्यादा 398,359 बच्चों की उत्तर प्रदेश में और 279,427 की बिहार में पहचान की गई. ये आंकड़े उन चिंताओं पर ज़ोर डालते हैं कि कोविड-19 महामारी ग़रीब तबकों के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण के संकट को और बढ़ा सकती है.

नवी मुंबई के नेरुल इलाके के एक अस्पताल में एक नवजात की कोरोना वायरस जांच के लिए सैंपल लेता एक स्वास्थ्यकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: संक्रमण के एक दिन में 100,636 नए मामले और 2,427 लोगों की मौत

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 28,909,975 हो गए हैं और अब तक 349,186 की मौत हो चुकी है. विश्व में 17.33 करोड़ से ज़्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जबकि 37.29 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

(फोटोः पीटीआई)

अगर किसान कोरोना फैलाता तो दिल्ली की सीमाओं पर सबसे ज़्यादा मामले होते: किसान नेता

ऐसा कहा जा रहा था कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के चलते प्रदर्शन स्थलों पर किसानों की संख्या कम होती जा रही है. हालांकि किसानों का दावा है कि संक्रमण का असर सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमा पर लगभग नहीं के बराबर था. एक किसान नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की अकर्मण्यता के कारण गांवों में कोरोना फैला है. अगर किसान कोरोना फैलाता तो सीमाओं पर संक्रमण फैलता.

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र को वैक्सीन खरीद नीति पर जस्टिस चंद्रचूड़ के सवालों का जवाब देना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट को इस बात की विस्तृत जांच करनी चाहिए कि कैसे नवंबर से लेकर मार्च तक घरेलू उत्पादकों को पर्याप्त ऑर्डर या क्षमता विस्तार के लिए पूंजीगत मदद न दिए जाने के कारण गंवा दिए गए. अदालत को इस संबंध में एसआईआई और भारत बायोटेक से संबंधित ब्यौरा मांगना चाहिए, जिससे यह पता लग सके कि पिछले साल दिसंबर से अब तक उनके और पीएमओ के बीच क्या बातचीत हुई.

मध्य प्रदेश के जबलपुर के रांझी इलाके में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की तोशिका नायडु अपने 10 साल के भाई जीआर नायडु के साथ. कोरोना वायरस के कारण दोनों अपने माता-पिता को खो चुके हैं. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: बीते एक दिन में संक्रमण के 114,460 नए मामले और 2,677 लोगों की मौत

भारत में कोरोना वायरस महामारी के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 28,809,339 हो गई है और अब तक 346,759 लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं. विश्व में संक्रमण के कुल मामले 17.29 करोड़ से ज़्यादा हैं, जबकि 37.21 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

वाराणसी के एक टीकाकरण केंद्र पर कतार में लगे लोग. (फोटो: पीटीआई)

वैक्सीन वितरण में असमानता: निजी क्षेत्र के लिए निर्धारित कोटे का 50 फीसदी नौ अस्पतालों ने खरीदा

मई महीने में केंद्र द्वारा वैक्सीन पॉलिसी में संशोधन किए जाने और इसे बाज़ार के लिए खोलने के बाद वैक्सीन की कुल 1.20 करोड़ खुराक में से 60.57 लाख नौ निजी अस्पतालों ने खरीदी हैं. बाकी पचास फीसदी टीके भी अधिकतर शहरों में बने 300 अस्पतालों द्वारा खरीदे गए हैं.