गोमती के जल में भारी धातुओं का स्तर चिंताजनक

वैज्ञानिकों ने एक शोध में गोमती के जल में हानिकारक भारी धातुओं के होने की पुष्टि की है. पहली बार गोमती में आर्सेनिक की उपस्थिति का भी पता चला है.

मंगल पर कार्बन डाईऑक्साइड से ऑक्सीजन पैदा करने के लिए आदर्श स्थितियां: शोध

मंगल ग्रह को लेकर किए गए अध्ययन में पुर्तगाल के यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्टो और पेरिस की इकोल पॉलीटेक्निक के शोधकर्ताओं ने किया दावा.

बाज़ार वीडियो गेम्स के ज़रिये कब बच्चों की ज़िंदगी से खेलने लगा, पता ही नहीं चला

रूस में बने 'द ब्लू व्हेल चैलेंज' सुसाइड गेम ने दुनियाभर में लगभग 300 जानें ली हैं और अब भारत में भी इसका असर दिखने लगा है.

हर मौसम आजकल कोई न कोई शोक संदेश लेकर आता है

प्रकृति विरोधी विकास हमें विनाश की और ले जा रहा है. पहाड़ों को काटने, नदियों को बांधने और जंगलों को मिटाने का मतलब विकास नहीं है, यह ख़ुद को मिटाने की भौतिक तैयारी है. हमारी शिक्षा ने हमें अपने परिवेश और पर्यावरण से बहुत दूर कर दिया है. ये जंगल, पर्वत और झरने हमें अध्यात्म का विषय लगते हैं, पर इससे पहले ये भूगोल का विषय हैं.

मार्च फॉर साइंस: सड़क पर उतरे देश के हज़ारों वैज्ञानिक

जीडीपी का तीन फीसदी वैज्ञानिक शोध और दस फीसदी शिक्षा पर ख़र्च करने की मांग को लेकर बुधवार को देश भर में हज़ारों की संख्या में वैज्ञानिक और शिक्षाविद सड़क पर उतरे.​​​​

भारत के सबसे वज़नी रॉकेट से जीसैट-19 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

भारत ने संचार उपग्रह जीसैट-19 को ले जाने वाले सबसे वज़नी रॉकेट जीएसएलवी एमके थ्री-डी1 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया.

मोर और मोरनी भी अन्य पक्षियों की ही तरह करते हैं संभोग: पक्षी विज्ञानी

पक्षी विज्ञानियों के अनुसार, मोर और मोरनी में एवियन प्रजनन अंग होता है, जिसे ‘क्लोअका’ कहा जाता है. इसी के माध्यम से दोनों संबंध बनाते हैं.

झूठी ख़बरों पर भरोसा करने के पीछे का विज्ञान

हम अक्सर किसी टिप्पणी या दलील को महज़ इसलिए स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि वे हमारी परंपरागत मान्यताओं के अनुरूप होती हैं. ऐसा करते वक़्त हम न तो इनके पीछे के तर्कों की परवाह करते हैं, न दावों की प्रामाणिकता जांचने की ज़हमत उठाते हैं.

साइबर सुरक्षा के बग़ैर डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी का भविष्य ख़तरे में: विशेषज्ञ

साइबर विशेषज्ञ के अनुसार, देश के अधिकांश एटीएम अभी विंडो आॅपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे हैं जिसे हैक करना आसान होता है.

पूर्व राष्ट्रपति कलाम के सम्मान में नासा ने नए बैक्टीरिया को दिया उनका नाम

यह नया जीव सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में ही मिलता है. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर इस बैक्टीरिया को सोलीबैकिलस कलामी नाम दिया गया है.