‘गैस बुक नहीं हो रहा, बच्चों को क्या खिलाऊं?’ दिल्ली में सिलेंडर के लिए परेशान लोग, सरकार बोली- किल्लत नहीं

ग्राउंड रिपोर्ट: ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों के बाद प्रभावित हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (समुद्री मार्ग) के बीच दिल्ली के कई इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बुकिंग नहीं हो रही, डिलिवरी में देरी है और कई जगह कालाबाजारी के मामले मिल रहे हैं, जबकि सरकार एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण संबंधी क़ानूनी प्रक्रिया के आदेश की भाजपा सरकारों ने बिना किसी चिंता अवहेलना की

ध्वस्तीकरण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2024 को आदेश दिया था कि कार्यपालिका बिना क़ानूनी प्रक्रिया- जिसमें पहले से नोटिस देना और सुनवाई करना शामिल है- संपत्ति को न गिराए. इस प्रक्रिया के उल्लंघन पर अदालत की अवमानना ​​के तहत कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, बार-बार देखा गया है कि कई राज्य सरकारों द्वारा शीर्ष अदालत के इस आदेश का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है.

विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया

विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पद से हटाने की मांग करते हुए संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया और आरोप लगाया गया कि स्पीकर के रूप में बिड़ला ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया. इनमें दिसंबर 2023 में 100 सांसदों का अभूतपूर्व निलंबन भी शामिल है.

उत्तम नगर हत्या: क्या पड़ोसियों के विवाद को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है?

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई

ईरान पर हमला हमारे सभ्यतामूलक सहचर देश पर हमला है

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: ईरान में दशकों से एक आततायी धार्मिक तानाशाही थी जिससे निजात पाने की ज़िम्मेदारी ईरानी जनता की है. अमेरिका-इज़रायल उसके सर्वोच्च शासक की हत्या कर दें यह किसी भी तरह से उचित नहीं समझा जा सकता. कल को कोई और देश हमारे यहां सत्ता-परिवर्तन करने के लिए हमला कर दे तो क्या इसे हम स्वीकार कर लेंगे?

स्मृति और दंश: बहुसंख्यकवादी आख्यानों की भीड़ में एक ज़रूरी हस्तक्षेप

पुस्तक समीक्षा: आलोचक और अनुवादक बलवंत कौर की विभाजन पर आई शोधपरक किताब ‘स्मृति और दंश’ इतिहास लेखन नहीं है. किताब विभाजन की निरंतरता को स्वातंत्र्योत्तर परिप्रेक्ष्य में उन सभी महत्त्वपूर्ण पड़ावों पर देखती है, जो हमारे वर्तमान की दुश्चिंताओं के उत्तरदायी हैं. आज के ध्रुवीकृत माहौल में ऐसी किताबें हमें अपने विवेक और दृष्टि के संकुचित करने के ख़तरों के प्रति आगाह करती हैं.

जेएनयू में निष्कासन और जवाबदेही के संकट के बीच आरक्षण नियमों का गंभीर उल्लंघन

आरटीआई में जेएनयू में 2021-22 के पीएचडी प्रवेश चक्र के दौरान आरक्षण नियमों का गंभीर उल्लंघन सामने आया है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और यहां तक कि ईडबल्यूएस के ऐसे उम्मीदवार, जिन्होंने लिखित परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त किए थे, उन्हें वायवा के लिए बुलाया ही नहीं गया.

भारत-ईरान: हम उतने जुड़े हुए हमेशा रहे हैं, जितना हमें याद नहीं

आज भारत-ईरान संबंधों की चर्चा प्रायः तेल और रणनीति के संदर्भ में होती है. परंतु सदियों पहले गुजरात के व्यापारी हॉर्मुज़ और बंदर अब्बास तक जाते थे. मसाले, वस्त्र, नील और रत्न पश्चिम की ओर जाते; घोड़े और धातुएं पूर्व की ओर आतीं. समुद्र सीमा नहीं था. वह सेतु था. आज का चाबहार पोर्ट उसी प्राचीन समुद्री तर्क का आधुनिक रूप है. एक ऐसा मार्ग जो भूगोल को राजनीति से ऊपर उठाने की कोशिश करता है.

बिहार: भाजपा की शह और मात? सबसे लंबे समय तक सीएम रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की ‘इच्छा’ जताई

बिहार में सरकार का चेहरा बदलने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में राज्यसभा जाने की 'इच्छा' ज़ाहिर की है. साथ यह भी घोषणा की कि राज्य में नई सरकार का गठन किया जाएगा.

‘बुलडोज़र’ जस्टिस: कैसे भाजपा सरकारों ने निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीन को सामूहिक दंड के प्रतीक में बदला

बीते कुछ सालों में भाजपा शासित राज्यों ने जेसीबी बुलडोज़र को बदले की कार्रवाई के एक साधन में बदल दिया है. इसकी शुरुआत 2020 में उत्तर प्रदेश से की गई और जल्द ही यह बीमारी अन्य भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों तक तेज़ी से फैल गई. जेसीबी हिंदू राष्ट्रवाद का प्रतीक बन गई, जिसका इस्तेमाल भाजपा और उसके समर्थक मुसलमानों को डराने और ख़ुद को विजेता साबित करने के लिए करते हैं.

होली: बुराई आज न ऐसे रहे न वैसे रहे…

सुनने में बात बहुत अच्छी लगती है कि होली है तो जो हो गया बिराना उसको फिर अपना कर लो, लेकिन क्या ऐसा करना तब तक संभव है जब तक उन कारणों की पड़ताल न की जाए, जिनके चलते वह बिराना हुआ या कि रह गया.

ख़ामेनेई की हत्या पर भारत की चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी से पीछे हटना: सोनिया गांधी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की लक्षित हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए कहा कि जब किसी विदेशी नेता की लक्षित हत्या पर भारत संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून की स्पष्ट रक्षा नहीं करता, तो यह विदेश नीति की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है. उन्होंने जोड़ा कि इस मामले में चुप्पी तटस्थता नहीं है.

पश्चिमी एशिया तनाव: बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी कहां हैं?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (एक समुद्री मार्ग) में अनिश्चितता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं. तेल क़ीमतों में उछाल और आयात निर्भरता के बीच पेट्रोलियम मंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. साथ ही, सरकार की तैयारी और विकल्पों पर बहस तेज़ हो गई है.

कश्मीर की सड़कों पर मातम: ख़ामेनेई की मौत के बाद उमड़ा जनसैलाब, दशकों पुराना ईरान-कश्मीर रिश्ता फिर चर्चा में

अमेरिका-इज़रायल के संयुक्त हमले में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद कश्मीर, खासकर श्रीनगर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए. लाल चौक पर हजारों लोग जुटे, काले झंडे लहराए गए और बंद का आह्वान किया गया. यह प्रतिक्रिया ईरान-कश्मीर के गहरे ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी दर्शाती है.

जब अली ख़ामेनेई ने भारतीय पत्रकार से कहा: ईरानी क्रांति की ग़लत तस्वीर पेश की जाती है

इस दुर्लभ साक्षात्कार में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति अली ख़ामेनेई ने भारतीय मुसलमानों की चिंताओं, पश्चिमी मीडिया के रवैये, ईरान की विदेश नीति, कुर्दों की मांग और फ्रांस जैसे देशों की भूमिका पर खुलकर बात की. यह बातचीत इस्लामी क्रांति की जटिलताओं को समझने का एक दुर्लभ दस्तावेज़ है.

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