विशेष

अदालतों को बदनाम करने का चलन बढ़ रहा है: सुप्रीम कोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक जज को कथित तौर पर बदनाम करने के लिए दो वकीलों समेत अन्य को अवमानना ​​नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संभव है कि जज ने ग़लत आदेश दिया हो, जिसे बाद में रद्द किया जा सकता है, लेकिन उन्हें बदनाम करने के प्रयास की अनुमति नहीं दी जा सकती.

हंगर इंडेक्स: बिना बजट, नीति के कुपोषण और भूख से कैसे लड़ेगा देश

कोविड-19 लॉकडाउन में देश में भुखमरी की स्थिति देखने के बाद इसे नकारना अमानवीय है. वैश्विक भुखमरी सूचकांक ने भारत की दुर्दशा बताई, तो केंद्र सरकार ने रिपोर्ट को ही ख़ारिज कर दिया. सवाल उठता है कि मोदी सरकार ने पिछले आठ सालों में भुखमरी और कुपोषण कम करने के लिए क्या किया है.

स्टेट बैंक ने अब तक 21 चरणों में 10,246 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे: आरटीआई

सूचना का अधिकार क़ानून के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में भारतीय स्टेट बैंक ने बताया कि 2018 में चुनावी बॉन्ड की शुरुआत से बेचे गए कुल बॉन्ड में लगभग 93.5 प्रतिशत एक करोड़ रुपये मूल्यवर्ग के थे.

Srinagar: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah during an interview with PTI, in Srinagar, on Monday. (PTI Photo/S Irfan) (Story No DEL34) (PTI5_21_2018_000111B)

जम्मू कश्मीर: फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष पद से हटने की घोषणा की

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष पद से हटने की घोषणा करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला कहा कि अब नई पीढ़ी को ज़िम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है. अध्यक्ष पद के लिए चुनाव पांच दिसंबर को होगा.

अदालत ने एनआईए की याचिका ख़ारिज की, नवलखा को 24 घंटे के अंदर घर में नज़रबंद करने को कहा

एनआईए ने सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा के माओवादियों के साथ संबंधों का हवाला देते हुए उन्हें जेल के बजाय घर में नज़रबंद करने के सुप्रीम कोर्ट के 10 नवंबर के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया था. 70 वर्षीय नवलखा एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में अप्रैल 2020 से जेल में बंद हैं और अनेक रोगों से जूझ रहे हैं.

महिलाओं के खिलाफ़ हिंसा को रोकने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

राष्ट्रीय राजधानी में श्रद्धा वाकर की उनके लिव-इन पार्टनर आफ़ताब पूनावाला द्वारा की गई निर्मम हत्या ने बहुत दर्द और गुस्सा पैदा किया है. पुलिस का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि आफ़ताब को इस नृशंस हत्या की सज़ा मिले. लेकिन आगे महिलाओं के प्रति हिंसा न हो, उसके लिए बतौर समाज हमें क्या करना चाहिए?  

अगर केंद्र राज्य के बकाये का भुगतान नहीं कर सकता, तो जीएसटी व्यवस्था वापस ले: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जीएसटी बकाया देकर हम पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं, यह लोगों का पैसा है जिसे उन्होंने (केंद्र) जीएसटी के माध्यम से एकत्रित किया है. अगर केंद्र हमें पैसा नहीं दे सकता, तो हम भी जीएसटी देना बंद कर सकते हैं.

सीवर में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को मुआवज़ा न मिलने पर जज बोले- शर्म से सिर झुका

दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते अक्टूबर में डीडीए को मुंडका इलाके में सीवर सफाई के दौरान जान गंवाने वाले दो लोगों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवज़ा देने को कहा था. ऐसा न किए जाने पर कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि हम ऐसे लोगों से यह बर्ताव कर रहे हैं जो हमारे लिए काम कर रहे हैं ताकि हमारी ज़िंदगी आसान हो.

मणिपुर: सरकार ने सांप्रदायिक तनाव का हवाला देते हुए राज्य के इतिहास पर लिखी किताब बैन की

मणिपुर सरकार ने दिवंगत ब्रिगेडियर सुशील कुमार शर्मा की किताब ‘द कॉम्प्लेक्सिटी कॉल्ड मणिपुर: रूट्स, परसेप्शन्स एंड रियलिटी’ में दर्ज जानकारियों को भ्रामक बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है. किताब में मणिपुर रियासत के भारत के विलय का इतिहास बताया गया है.

तेलुगू सिनेमा के दिग्गज अभिनेता कृष्णा का निधन

सुपरस्टार कृष्णा ने अपने पांच दशक से अधिक के करिअर में 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया था. 1974 में आई तेलुगू भाषा की पहली सिनेमास्कोप फिल्म ‘अल्लूरी सीताराम राजू’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी. तेलुगू में पहली 70 एमएम की फिल्म ‘सिम्हासनम’ का निर्माण और निर्देशन भी उन्होंने किया था. उन्हें 2009 में पद्म भूषण सम्मान मिला था.

अगर जबरन धर्मांतरण सही पाया जाता है तो राष्ट्र की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें ‘डरा-धमकाकर, प्रलोभन देकर और पैसे का लालच देकर’ होने वाले धर्मांतरण पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र और राज्यों को कड़े क़दम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.

जब नेहरू ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म हो रहे हैं तो क्या हम भी यहां वही करें?

नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन से निकले ऐसे नायक हैं, जिनकी विचारधारा और पक्षधरता में कोई विरोधाभास नहीं है.

क्या जनता के नेहरू को दिल्ली निगल गई?

1950-60 के दशक में दिल्ली ने अपने जैसा एक नेहरू बना लिया. यह 1920-30 के दशक के नेहरू से भिन्न था. समय के साथ वो नेहरू जनता की नज़र से ओझल होते गए जिसने अवध के किसान आंदोलन में संघर्ष किया था.

नेहरू के ख़िलाफ़ किए जा रहे दुष्प्रचार की वजह क्या है?

जवाहर लाल नेहरू की असफलताएं भी गिनाई जा सकती हैं, लेकिन उसके पहले आपको नेहरू का इस देश के निर्माण में महान योगदान भी स्वीकारना होगा.

अंडमान: 130 वर्ग किलोमीटर से अधिक वन भूमि पर विकास परियोजना को मंज़ूरी, कटेंगे 8.5 लाख पेड़

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ग्रेट निकोबार द्वीप की करीब 130.75 वर्ग किलोमीटर वन भूमि को एक विकास परियोजना के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी है, जबकि स्वयं मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक़, प्रस्तावित वनों की कटाई से सदाबहार उष्णकटिबंधीय वन प्रभावित होंगे.