असम: गृह मंत्री, सीएम के ‘घुसपैठ’ के दावे, जानकारी मांगने पर सरकार ने कहा- नहीं दे सकते डेटा

असम विधानसभा के चुनाव प्रचार में देश के गृह मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री समेत भाजपा नेताओं के ‘घुसपैठियों’ पर बड़े-बड़े दावों के बावजूद इसे लेकर आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं हैं. 'घुसपैठियों' पर जानकारी को लेकर दायर एक आरटीआई आवेदन के जवाब में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों ने इससे संबंधित डेटा देने से इनकार कर दिया है.

युद्ध के दौरान सत्ता ही समाज हो जाती है; समाज की स्वतंत्र सत्ता ग़ायब कर दी जाती है

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: आम तौर पर सत्तारूढ़ शक्तियों और उनके अंधभक्त अनुयायियों को छोड़कर हर कहीं व्यापक समाज युद्ध के विरुद्ध ही होता है. सबसे अधिक जनधन हानि समाज को ही उठाना पड़ती है.

बंगनामा: ढोकरा हस्तशिल्प की कृतियां और कौशलवान शिल्पकार

ढोकरा शिल्प भारत के पुरातन शिल्पों में एक है, जिसमें धातु उद्योग के प्राचीनतम विधि लुप्त मोम विधि (सिरे पेरड्यू) का व्यवहार होता है. शायद यह जानकारी सर्वविदित न हो कि इस सुंदर शिल्प के केंद्र में बंगाल का एक गांव और आदिवासी समुदाय है. बंगनामा की बयालीसवीं क़िस्त.

फ़िलिस्तीन से प्रयागराज तक: सरकारी तोड़फोड़ का सार्वजनिक तमाशा और सामूहिक प्रतिशोध

भारत और इज़रायल, दोनों ही देश की सुरक्षा की चिंताओं को अल्पसंख्यक आबादी से जोड़ते हैं. मुसलमानों पर शक करते हैं और संभावित ख़तरा बताते हैं. सरकार के कामकाज के तरीक़े में इसके नतीजे साफ़ दिखते हैं. इज़रायल में आरोपी फ़िलिस्तीनियों के घर गिरा दिए जाते हैं; भारत में अपराध, विरोध प्रदर्शन आदि से जुड़ी घटनाओं के आरोपी मुस्लिम व्यक्तियों के परिवारों को भी इसी तरह तबाही का सामना करना पड़ता है.

स्मृति में महादेवी

महादेवी ने कहा था कि 'साहित्य जीवन के विकास का ऐसा साथी रहा है कि उसका अभाव बर्बरता या असभ्यता का पर्याय माना जाएगा’. ज्ञानपीठ पुरस्कार ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा था कि 'यदि मनुष्य में संवेदनशीलता की रागात्मकता नहीं रहेगी तो ध्वंस के कगार पर बैठी मानवजाति किसी भी क्षण समाप्त हो सकती है.'

भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश, ग़ाज़ियाबाद का लोनी सबसे प्रदूषित शहर: रिपोर्ट

स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी आईक्यूएआईआर के अनुसार, साल 2025 में हवा में पीएम2.5 के स्तर के मामले में भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश रहा. वहीं, उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे अधिक प्रदूषित शहर है, जबकि दिल्ली को सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी माना गया है.

‘सुधार नहीं, पीछे ले जाने वाला क़दम’: लोकसभा में ट्रांस विधेयक पारित होने पर विपक्ष का वॉकआउट

सरकार द्वारा विधेयक को संसदीय समिति को भेजने से इनकार किए जाने के विरोध में विपक्ष के वॉकआउट के बीच लोकसभा ने मंगलवार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय इसके प्रावधानों का लगातार विरोध कर रहा है और विभिन्न दलों के सांसदों ने भी संसद में इसे लेकर विरोध जताया.

आपकी थाली कितनी सुरक्षित? खाने में मिलावट के मामले बढ़ने के बावजूद लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई 60% घटी

देशभर में लाखों खाद्य नमूनों की जांच के बावजूद लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े कदमों में गिरावट दर्ज हुई है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि उल्लंघन लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई कमज़ोर होती जा रही है. इससे खाद्य सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

भगत सिंह: ‘विद्वान-क्रांतिकारी’ की विरासत और छात्र राजनीति की प्रासंगिकता

सशस्त्र कार्रवाइयों में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद भगत सिंह का मूल आग्रह यह था कि पिस्तौल की तुलना में किताब कहीं अधिक शक्तिशाली होती है. उनका मानना था कि बौद्धिक जागरूकता ही किसी सफल क्रांति की सच्ची और स्थायी नींव होती है. उन्होंने यह भी आगाह किया था कि युवावस्था में राजनीतिक समझ का अभाव व्यक्ति को आगे चलकर एक भ्रष्ट व्यवस्था का मूकदर्शक बना देता है.

लोहिया जयंती: जब ‘दुश्मन’ बना दिए गए लोहिया और आंबेडकर

कोई तीन दशक पहले अपनी बढ़त के दिनों में सपा और बसपा ने आपसी प्रतिस्पर्धा में डाॅ. लोहिया और बाबासाहेब को भी ‘एक दूजे का कट्टर दुश्मन’ बना डाला था और अब, बदले राजनीतिक प्रवाहों के बीच में भी वे आगे बढ़कर बहुजनों या समाजवादियों की व्यापक एकता का मार्ग प्रशस्त करने की समझदारी नहीं दिखा पा रही हैं.

साहित्य का शहरों से संबंध सीधा-सादा नहीं रहा है…

कभी कभार | अशोक वाजपेयी: हिंदी अंचल के शहरों में अभद्रता, आक्रामकता, असभ्यता, हिंसा, अपराधवृत्ति, दंगे आदि बढ़ते रहे हैं. इनमें वे शहर भी शामिल हैं जिन्हें ‘स्मार्ट सिटी’ का दर्ज़ा मिला हुआ है. इस पर गंभीरता और विस्तार से विचार करने की ज़रूरत है कि इन शहरों में अधिकांशतः सांस्कृतिक विपन्नता से भरे हुए हैं.

भारत की आदिवासी-लोक चित्रकला: लोक कलाओं की उजली यात्रा

पुस्तक समीक्षा: मुश्ताक ख़ान ने 'भारत की आदिवासी-लोक चित्रकला' में लिखते हैं ये लोक-कलाचित्र मात्र प्रदर्शन की वस्तु नहीं आदिवासी लोक जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं. परंपरा का सबसे प्रमुख कार्य यही है. वह लोककला को केवल प्रदर्शनीय वस्तु न रहने देकर उसे जीवन का अंग बना देती है. इस प्रकार कलाकृति उस समाज की मान्यताओं का दर्पण बन जाती है.

महमूदाबाद केस: अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा के बजाय कोर्ट ने सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेही से बचने दिया

अली ख़ान महमूदाबाद की पोस्ट को लेकर न एसआईटी, न ही हरियाणा पुलिस अदालत के सामने ऐसा कोई सबूत रख पाए, जिससे उन दो एफआईआर को सही ठहराया जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर को 'विवेकपूर्ण' रहने के लिए कहा मगर हरियाणा सरकार के लिए कोई चेतावनी नहीं है. उसकी इसी 'उदारता' के चलते सरकारें सत्ता की आलोचना करने वालों के ख़िलाफ़ झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामले दर्ज कर क़ानून का दुरुपयोग जारी रख सकती हैं.

एलपीजी संकट: मज़दूर गांव लौटने को मजबूर, मुश्किल में सूरत की कपड़ा मिलें

एलपीजी संकट के बीच सूरत के कपड़ा उद्योग में काम करने वाले मज़दूर गैस सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मज़दूर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं और श्रमिकों की कमी के कारण कई फैक्ट्रियां अब हफ्ते में एक या दो दिन बंद रहने लगी हैं. 

उत्तम नगर में घृणा का प्रचार और सरकारी चुप्पी

उत्तम नगर में जो हो रहा है, होने दिया जा रहा है या किया जा रहा है, वह सिर्फ़ ग़लत नहीं, अपराध है. मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत का प्रचार अपराध है. नफ़रत के उस प्रचार की इजाज़त देना उस जुर्म में शरीक़ होना है. समाज के हर तबके को सुरक्षा देना, उसका अहसास दिलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है. वह क्यों मुसलमानों की सुरक्षा के लिए ख़ुद को जवाबदेह नहीं मानती?