सरकार द्वारा विधेयक को संसदीय समिति को भेजने से इनकार किए जाने के विरोध में विपक्ष के वॉकआउट के बीच लोकसभा ने मंगलवार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय इसके प्रावधानों का लगातार विरोध कर रहा है और विभिन्न दलों के सांसदों ने भी संसद में इसे लेकर विरोध जताया.
देशभर में लाखों खाद्य नमूनों की जांच के बावजूद लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े कदमों में गिरावट दर्ज हुई है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि उल्लंघन लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई कमज़ोर होती जा रही है. इससे खाद्य सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
सशस्त्र कार्रवाइयों में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद भगत सिंह का मूल आग्रह यह था कि पिस्तौल की तुलना में किताब कहीं अधिक शक्तिशाली होती है. उनका मानना था कि बौद्धिक जागरूकता ही किसी सफल क्रांति की सच्ची और स्थायी नींव होती है. उन्होंने यह भी आगाह किया था कि युवावस्था में राजनीतिक समझ का अभाव व्यक्ति को आगे चलकर एक भ्रष्ट व्यवस्था का मूकदर्शक बना देता है.
कोई तीन दशक पहले अपनी बढ़त के दिनों में सपा और बसपा ने आपसी प्रतिस्पर्धा में डाॅ. लोहिया और बाबासाहेब को भी ‘एक दूजे का कट्टर दुश्मन’ बना डाला था और अब, बदले राजनीतिक प्रवाहों के बीच में भी वे आगे बढ़कर बहुजनों या समाजवादियों की व्यापक एकता का मार्ग प्रशस्त करने की समझदारी नहीं दिखा पा रही हैं.
कभी कभार | अशोक वाजपेयी: हिंदी अंचल के शहरों में अभद्रता, आक्रामकता, असभ्यता, हिंसा, अपराधवृत्ति, दंगे आदि बढ़ते रहे हैं. इनमें वे शहर भी शामिल हैं जिन्हें ‘स्मार्ट सिटी’ का दर्ज़ा मिला हुआ है. इस पर गंभीरता और विस्तार से विचार करने की ज़रूरत है कि इन शहरों में अधिकांशतः सांस्कृतिक विपन्नता से भरे हुए हैं.
पुस्तक समीक्षा: मुश्ताक ख़ान ने 'भारत की आदिवासी-लोक चित्रकला' में लिखते हैं ये लोक-कलाचित्र मात्र प्रदर्शन की वस्तु नहीं आदिवासी लोक जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं. परंपरा का सबसे प्रमुख कार्य यही है. वह लोककला को केवल प्रदर्शनीय वस्तु न रहने देकर उसे जीवन का अंग बना देती है. इस प्रकार कलाकृति उस समाज की मान्यताओं का दर्पण बन जाती है.
अली ख़ान महमूदाबाद की पोस्ट को लेकर न एसआईटी, न ही हरियाणा पुलिस अदालत के सामने ऐसा कोई सबूत रख पाए, जिससे उन दो एफआईआर को सही ठहराया जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर को 'विवेकपूर्ण' रहने के लिए कहा मगर हरियाणा सरकार के लिए कोई चेतावनी नहीं है. उसकी इसी 'उदारता' के चलते सरकारें सत्ता की आलोचना करने वालों के ख़िलाफ़ झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामले दर्ज कर क़ानून का दुरुपयोग जारी रख सकती हैं.
एलपीजी संकट के बीच सूरत के कपड़ा उद्योग में काम करने वाले मज़दूर गैस सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मज़दूर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं और श्रमिकों की कमी के कारण कई फैक्ट्रियां अब हफ्ते में एक या दो दिन बंद रहने लगी हैं.
उत्तम नगर में जो हो रहा है, होने दिया जा रहा है या किया जा रहा है, वह सिर्फ़ ग़लत नहीं, अपराध है. मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत का प्रचार अपराध है. नफ़रत के उस प्रचार की इजाज़त देना उस जुर्म में शरीक़ होना है. समाज के हर तबके को सुरक्षा देना, उसका अहसास दिलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है. वह क्यों मुसलमानों की सुरक्षा के लिए ख़ुद को जवाबदेह नहीं मानती?
मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?
साहित्य अकादमी ने हिंदी में ममता कालिया, अंग्रेज़ी में नवतेज सरना, उर्दू में प्रितपाल सिंह बेताब, और पंजाबी में जिंदर समेत कुल 24 भारतीय भाषाओं के लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने का ऐलान किया है. इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए इस बार आठ कविता-संग्रहों, चार उपन्यासों, दो कहानी संग्रहों, एक साहित्यिक आलोचना, एक आत्मकथा और दो संस्मरण पुस्तकों का चयन के लिए किया गया है.
कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: बीसवीं सदी में यूरोप में नाज़ियों के युद्ध और नरसंहार के समय जैसी चुप्पी यूरोप में छा गई थी, वर्तमान चुप्पी, उसका एक नया दुखद और शर्मनाक संस्करण है. स्वयं भारत ने इस बीच अपना जो नैतिक अवमूल्यन किया है वह समझना मुश्किल है.
सुप्रीम कोर्ट ने पीरियड लीव को अनिवार्य बनाने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कानून बनने पर महिलाओं को नौकरी मिलने में मुश्किल हो सकती है. इस टिप्पणी की महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आलोचना की है और इसे महिलाओं के स्वास्थ्य व अधिकारों के प्रति असंवेदनशील बताया है.
पूर्वी भारत में आने वाली बिजली, बारिश और ओलों से लैस विनाशकारी आंधी को, जिसे अंग्रेज़ी में नॉर्वेस्टर कहते हैं, बंगाल में काल बैसाखी के नाम से जाना जाता है. ‘काल’ का तात्पर्य यहां मृत्यु से है और ‘बैसाखी’ क्योंकि बैसाख में इनकी व्यापकता रहती है. काल बैसाखी अक्सर ही तबाही का संदेश ले कर आती है.
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से किसान, पशुपालक और ग्रामीण ‘ओरण बचाओ, गोचर बचाओ’ के आह्वान के साथ जयपुर तक पदयात्रा कर रहे हैं. उनका कहना है कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन से सदियों पुरानी सामुदायिक संरक्षित ओरण भूमि और पशुधन आधारित जीवन-संस्कृति पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है.