समाज

बदरू के शव को देखकर विलाप करती हुई उनकी पत्नी. (सभी फोटो: सुकन्या शांता)

छत्तीसगढ़: बस्तर के एक सुदूर गांव में इंसाफ की आस में रखा है एक शव

दंतेवाड़ा और बीजापुर ज़िले के पहाड़ी सिरे पर बसे गामपुर के नौजवान बदरू माडवी को बीते साल जन मिलिशिया कमांडर बताते हुए एनकाउंटर करने का दावा किया गया था. बदरू के परिजनों और ग्रामीणों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए न्याय की लड़ाई के प्रतीक के तौर पर उनका शव संरक्षित करके रखा हुआ है.

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हमारा संविधान: अनुच्छेद 15 (5) और 15 (6); मराठा आरक्षण, ईडब्ल्यूएस और संस्थानों में आरक्षण

वीडियो: संविधान में संशोधन के द्वारा अनुच्छेद 15(5) और 15(6) को जोड़ा गया है, जिनमें सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े वर्गों के लिए ग़ैर सहायता प्राप्त स्कूल और कॉलेजों में और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए वर्ग के लिए आरक्षण की बात कही गई है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एलगार परिषद: सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकर्ता गौतम नवलखा की ज़मानत याचिका ख़रिज की

गौतम नवलखा ने मांग की थी कि चार्जशीट दायर करने की समयमीमा में साल 2018 में उनकी 34 दिनों की ग़ैर क़ानूनी हिरासत को भी शामिल किया जाना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया.

(साभार: विकीमीडिया कॉमन्स/Art by Turgoart)

चीख़ और नारे में फर्क है पर जो कविता नहीं सुन सकता, वह चीख़ भी नहीं समझ सकता

जिस समाज को नारों के बिना कुछ सुनाई न पड़े उसके कान नारों से भोथरे भी हो सकते हैं. ज़ोर से बोलते रहना, शब्दों को पत्थर की तरह फेंकना, उनसे वार करते रहना, इससे मन को तसल्ली हो सकती है लेकिन इससे समाज में आक्रामकता बढ़ती है. ‘गर्मियों […]

People pray after applying cow dung on their bodies during "cow dung therapy", believing it will boost their immunity to defend against the coronavirus disease (COVID-19) at the Shree Swaminarayan Gurukul Vishwavidya Pratishthanam Gaushala or cow shelter on the outskirts of Ahmedabad, India, May 9, 2021. REUTERS/Amit Dave

कोविड-19 के इलाज में गोबर के प्रयोग पर डॉक्टरों ने चेताया, कहा- बढ़ेगा और रोगों का जोखिम

गुजरात के कुछ लोग गाय के गोबर और मूत्र के शरीर पर लेप के लिए सप्ताह में एक बार गौ आश्रमों में जा रहे हैं. उनका ऐसा मानना है कि यह उनकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देगा या कोविड-19 से उबरने में मदद करेगा. हालांकि इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है.

(फोटो: रॉयटर्स)

बेंगलुरु: शवदाह गृहों में जगह नहीं, शहर से बाहर ग्रेनाइट की खदान में हो रहे हैं दाह संस्कार

बेंगलुरु के सभी सात कोविड शवदाहगृहों में पिछले तीन सप्ताह से चौबीसों घंटे अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं. कई जगहों पर कर्मचारियों की कमी के चलते वालंटियर्स और अस्थायी कर्मचारी श्मशान में लगातार काम कर रहे हैं.

मद्रास हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक/@Chennaiungalkaiyil)

धार्मिक असहिष्णुता की अनुमति दिया जाना एक धर्मनिरपेक्ष देश के लिए अच्छा नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें तमिलनाडु के एक गांव में ग्रामीणों द्वारा एक मंदिर से संबंधित जुलूस को एक ख़ास रास्ते से निकालने को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसका स्थानीय मुस्लिम विरोध कर रहे थे.

वनराज भाटिया (फोटो साभार: ट्विटर)

मशहूर संगीतकार वनराज भाटिया का निधन

श्याम बेनेगल के साथ 94 वर्षीय वनराज भाटिया ने दो दशक से अधिक समय तक काम किया था. बेनेगल की फिल्म ‘अंकुर’, ‘निशांत’, ‘मंथन’, ‘भूमिका’, ‘मं​डी’ के अलावा उनके धारावाहिक ‘यात्रा’ और ‘भारत एक खोज’ के लिए उन्होंने संगीत दिया था. उन्होंने समानांतर सिनेमा में दिए गए अपने संगीत से काफी नाम कमाया था. भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ पश्चिमी शैली का मिश्रण उनकी पहचान रही है.

गुजरात के साणंद में कोविड-19 के खात्मे के लिए निकाले गए जुलूस में हिस्सा लेते लोग. (फोटो: एएनआई)

गुजरात: कथित तौर पर कोविड के ख़ात्मे के लिए दो धार्मिक जुलूस निकाले गए, क़रीब 70 लोग गिरफ़्तार

बीते चार दिनों में गुजरात के दो गांवों में ‘कोविड-19 ख़त्म करने’ के लिए धार्मिक जुलूस निकालने के आरोप में पुलिस ने 69 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने कहा कि गांव के लोगों के एक वर्ग का मानना था कि उनके स्थानीय देवता के मंदिर पर पानी डालने से कोविड-19 का ख़ात्मा हो सकता है.

2020 के आईपीएल टूर्नामेंट के दौरान सीएसके और केकेआर के खिलाड़ी. (फोटो: पीटीआई)

आईपीएल: कोलकाता की टीम के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स का स्टाफ भी कोरोना संक्रमित

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती और संदीप वारियर संक्रमित पाए गए हैं, साथ ही चेन्नई सुपर किंग्स के स्टाफ के तीन लोग भी कोविड-19 की चपेट में हैं. हालांकि कई टीमों के अधिकारियों का कहना है कि टूर्नामेंट जारी रहना चाहिए.

एक मरीज़ के साथ विक्की. (लाल कमीज में) फोटो साभार: वीडियोग्रैब)

यूपी: ‘तड़प रहे मरीज़ों को ऑक्सीजन देना अपराध कैसे हो गया’

29 अप्रैल को जौनपुर के ज़िला अस्पताल के बाहर एक एंबुलेंस संचालक ने ऑक्सीजन और बेड न पा सके कई मरीज़ों को एंबुलेंस के सिलेंडर से ऑक्सीजन दी थी. ज़िला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के शासन-प्रशासन के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार और मरीज़ों को ग़लत ढंग से ऑक्सीजन देने जैसे आरोपों के बाद उन पर मामला दर्ज किया गया है.

आईआईटी खड़गपुर (फाइल फोटो साभार: Photo: iitkgp.ac.in)

आईआईटी प्रोफेसर की जातिगत टिप्पणियों पर हज़ार से अधिक पूर्व छात्रों ने आपत्ति जताई

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के हज़ार से अधिक पूर्व छात्रों ने आईआईटी खड़गपुर के निदेशक को भेजे गए पत्र में कहा है कि आईआईटी पहले से ही दलित, आदिवासी और पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए द्वेषपूर्ण होने को लेकर कुख्यात हैं और आगे ऐसा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की ज़रूरत है.

पंडित देबू चौधरी. (फोटो साभार: फेसबुक/Ministry of Culture)

मशहूर सितारवादक पंडित देबू चौधरी का कोविड संबंधी जटिलताओं के चलते निधन

भारत के प्रख्यात सितारवादकों में से एक देबू चौधरी संगीत के सेनिया घराना से थे. उन्हें पद्म भूषण, पद्मश्री के अलावा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. बीते 25 अप्रैल को बनारस घराने के प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित राजन मिश्र का दिल्ली के एक अस्पताल में कोविड-19 समस्याओं के चलते निधन हो गया.

कुंवर बेचैन. (फोटो साभार: ट्विटर)

कवि कुंवर बेचैन का कोरोना संक्रमण से निधन

कवि डॉ. कुंवर बेचैन ग़ाज़ियाबाद के नेहरू नगर में रहते थे. बीते 12 अप्रैल को वह और उनकी पत्नी के कोविड-19 से संक्रमित होने का पता चला था. उनकी पत्नी का इलाज सूर्या अस्पताल में चल रहा है.

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में सामाजिक बहिष्कार के बाद बुजुर्ग पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए उनका शव साइकिल से ले जा रहे थे, जो रास्ते में गिर गया. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोविड: सामाजिक बहिष्कार के बाद बुज़ुर्ग को पत्नी का शव साइकिल पर लाद ले जाने को मजबूर होना पड़ा

इसी तरह राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में भी सामाजिक बहिष्कार का एक मामला सामने आया है. नोएडा में घर की रखवाली का काम करने वाले एक व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद कोई भी मदद के लिए आगे नहीं. पश्चिम बंगाल के इस परिवार ने पुलिस की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.