ओडिशा के नबरंगपुर ज़िले के कापेना गांव में ईसाई आदिवासियों को भीड़ ने लाउडस्पीकर पर धमकियां देते हुए कहा गया है कि यदि उन्होंने अपनी धार्मिक गतिविधियां जारी रखीं तो चर्च को ध्वस्त कर दिया जाएगा और 30 ईसाई आदिवासी परिवारों को गांव से बाहर कर दिया जाएगा.
उत्तराखंड के मसूरी में 18वीं सदी के पंजाबी सूफ़ी संत, कवि और समाज सुधारक बाबा बुल्ले शाह की करीब सौ साल पुरानी दरगाह में शनिवार देर रात कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई. इसकी निंदा करते हुए जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि सौहार्द के प्रतीकों को तोड़ना, बढ़ती ग़रीबी, बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी और युवा पीढ़ी के निराशाजनक भविष्य पर उठ रहे सवालों का जवाब देने से कहीं ज़्यादा आसान है.
मध्य प्रदेश के रतलाम ज़िले के पंचेवा गांव में पंचायत ने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ प्रेम विवाह और अंतरजातीय शादी करने वालों व उनके परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का फ़ैसला किया है. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के एक एक्टिविस्ट के परिवार के घर को गिरा दिया, जिन्होंने बिना किसी जुर्म के 21 महीने जेल में बिताए. जब वे पुलिस हिरासत में अस्पताल में थे, तब बुलडोज़र से उनका वो घर तोड़ा गया, जो असल में उनकी पत्नी के नाम पर था.
अरावली पहाड़ियों को बचाने की मुहिम के तहत पर्यावरणविदों सहित नागरिक समाज के लोग अरावली पहाड़ियों और प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय समुदायों पर मंडरा रहे ख़तरों को उजागर करने के लिए 24 जनवरी से चार राज्यों की 700 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे. यह पदयात्रा गुजरात के तीन, राजस्थान के 27 ज़िलों, हरियाणा के सात ज़िलों से होते हुए दिल्ली पहुंचेगी.
उत्तर प्रदेश के संभल में 48 घंटों के भीतर दो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का तबादला हो गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 जनवरी के अपने आदेश में संशोधन किया है, जिसमे संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश देने वाले जज आदित्य सिंह को संभल का सीजेएम बनाया गया था. अब दीपक कुमार जयसवाल संभल के सीजेएम होंगे.
उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले में एक ख़ाली पड़े घर में नमाज़ अदा करने के कारण 12 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि इस घर को मदरसे में तब्दील किया जा रहा था. हालांकि उस घर की मालकिन ने कहा है कि उन्होंने स्थानीय लोगों को अपने घर में नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी थी.
मई 2023 में मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के चरम के दौरान अपहरण कर सामूहिक बलात्कार की शिकार बनाई गई मणिपुर की एक कुकी महिला की बीते दिनों बीमारी के कारण मौत हो गई. आरोप है कि हिंसा के दौरान लगी चोटों के कारण उनकी बीमारी और गंभीर हो गई थी. घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष थी.
ओडिशा के बालासोर ज़िले में बुधवार तड़के एक 35 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति वैन में जा रहे थे. रास्ते में इस वाहन में मवेशियों की ढुलाई को लेकर आपत्ति जताते हुए कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया. पीड़ित की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है.
इंडिया हेट लैब की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2025 में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हेट स्पीच की कुल 1318 घटनाएं दर्ज की गईं, जो की 2024 की तुलना में 13 प्रतिशत और 2023 के मुक़ाबले 97 प्रतिशत अधिक है. कुल दर्ज भाषणों में से 98 प्रतिशत मुसलमानों को निशाना बनाते हुए दिए गए. वहीं, भाजपा शासित राज्यों में सबसे अधिक हेट स्पीच दी गई.
संभल हिंसा के दौरान हुई गोलीबारी में घायल एक युवक के पिता की याचिका सुनते हुए चंदौसी की एक अदालत ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. हालांकि संभल पुलिस ने इस आदेश को ‘अवैध’ बताते हुए इसके ख़िलाफ़ अपील करने का ऐलान किया है.
ग्यारह जनवरी,1921 वो दिन था जब अवध के किसानों ने तत्कालीन फ़ैज़ाबाद (अब आंबेडकरनगर) ज़िले के नितांत पिछड़े बिड़हर क्षेत्र में ब्रिटिश राज और उसके चहेते ज़मींदारों के ख़िलाफ़ खुला विद्रोह कर दिया था. हालांकि इस विद्रोह का दूसरा पहलू यह रहा कि महात्मा गांधी इसमें हुई हिंसा, लूटपाट व आगजनी से बहुत नाराज़ हुए.
घटना पोड़ैयाहाट थाने के तहत मटियानी गांव में हुई, जहां मवेशी चोरी का आरोप लगाते हुए भीड़ ने पप्पू अंसारी को पीट-पीटकर मार डाला. बताया गया है कि वे मवेशी परिवहन का काम करके गुज़ारा करते थे. उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका पशु चोरी से कोई लेना-देना नहीं था, यह उनके धर्म के चलते हुआ.
फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे कथित ‘बड़ी साज़िश’ मामले में पिछले पांच वर्षों से जेल में क़ैद गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, मोहम्मद सलीम ख़ान और शिफ़ा उर रहमान को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद बुधवार शाम रिहा कर दिया गया.
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर वन भूमि को पट्टे पर देने से जुड़े नियमों और शर्तों में बदलाव किए हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इन बदलावों की निंदा करते हुए कहा कि यह क़दम निजी संस्थाओं को वन भूमि पट्टे पर देने को आसान बनाएगा और इससे भारत के वन प्रबंधन पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा.