मार्च 2020 में दिल्ली के निज़ामुद्दीन मरकज़ में मुस्लिम तब्लीगी जमात के अनुयायियों के समूह की देशभर में आलोचना करते हुए आरोप लगाया गया था कि इस जमावड़े से कोविड-19 वायरस फैला था. अब दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनकी जांच में मरकज़ निज़ामुद्दीन के प्रमुख मोहम्मद साद कांधलवी के भाषणों में 'कुछ भी आपत्तिजनक' नहीं पाया गया.
वाम दलों ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उमर ख़ालिद, शरजील इमाम और आठ अन्य को ज़मानत न देने के फैसले की निंदा की. माकपा ने कहा कि अदालत का यह फैसला न्याय का उपहास है और इस सिद्धांत का खंडन करता है कि ज़मानत देना नियम है और इनकार अपवाद. वहीं, भाकपा (माले) ने उनकी लंबी क़ैद को असहमति की आवाज़ों को दबाने की राजनीतिक साज़िश बताया.
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने बुधवार को 5% और 18% की दो दरों वाली जीएसटी व्यवस्था को मंज़ूरी दी है, जो 22 सितंबर से लागू होगी. ये दो नए स्लैब मौजूदा जीएसटी दरों- 5%, 12%, 18% और 28% की जगह लेंगे.
पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी ने कुछ इस्लामिक संगठनों के विरोध के बाद हिंदी सिनेमा में उर्दू के योगदान पर जावेद अख़्तर की मौजूदगी वाले कार्यक्रम को टाल दिया था. अब ‘उर्दू कल्चर लंदन’ और ‘अंजुमन तरक्की उर्दू यूके’ ने बयान जारी कर कहा कि उर्दू अकादमी का इस तरह कार्यक्रम स्थगित करना किसी लोकतांत्रिक समाज के लिए अनुचित है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग- जो धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर, 2024 तक भारत आए हैं, उन्हें पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों के बिना देश में रहने की अनुमति होगी. हालांकि, यह नागरिकता की गारंटी नहीं है.
केरल के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि राज्य के एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और केरल डिजिटल विश्वविद्यालय के लिए कुलपतियों (वीसी) के चयन की प्रक्रिया से राज्य के मुख्यमंत्री को बाहर रखा जाए. उन्होंने इसे यूजीसी नियमों के ख़िलाफ़ बताया है.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक संवैधानिक दुविधा की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सवाल उठाया कि क्या राज्यपालों और राष्ट्रपति के लिए राज्य विधेयकों पर कार्रवाई करने के लिए समयसीमा निर्धारित करना संविधान को न्यायिक रूप से फिर से लिखने के समान नहीं होगा, जिसमें केवल उनसे 'जितनी जल्दी हो सके' कार्रवाई करने की अपेक्षा की गई है.
पंजाब में भारी बारिश जारी है. भाखड़ा सहित विभिन्न बांधों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद राज्य में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है. बाढ़ में कम से कम 30 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पांच लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.
गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे अवैध विदेशी नागरिकों के लिए होल्डिंग सेंटर या डिटेंशन कैंप बनाएं. यदि कोई यह साबित नहीं कर पाए कि वह विदेशी नहीं है और जमानत नहीं दे पाता, तो उसे इन सेंटरों में रखा जाएगा.
दिल्ली हाईकोर्ट ने योग्य महिलाओं के होने के बावजूद वायुसेना में 20 पद खाली रखने पर सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि भले ही भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग विंग में महिलाओं के लिए दो पद आरक्षित होने का उल्लेख किया गया है, लेकिन कहीं भी यह नहीं कहा गया कि शेष 90 रिक्तियां पुरुषों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा-2020 की कथित 'लार्जर कॉन्सपिरेसी' केस में उमर खालिद, शरजील इमाम और सात अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं. आरोपियों को जनवरी-सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था.
मुख्य सूचना आयुक्त हीरालाल समारिया इसी महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिससे यह पद रिक्त हो जाएगा. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 83 आवेदन प्राप्त हुए हैं. वर्तमान में सीआईसी में सूचना आयुक्तों के 10 स्वीकृत पदों में से आठ रिक्त हैं.
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे-पाटिल की भूख हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई. इस बीच मुंबई पुलिस एक नोटिस जारी कर आज़ाद मैदान को खाली करने को कहा है. सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनोज और उनके समर्थकों को मंगलवार तक सभी सड़कें खाली करने और मुंबई में सामान्य स्थिति बहाल करने का आदेश दिया था.
पश्चिम बंगाल के मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या बांग्ला भाषा बोलने वाले लोगों को विदेशी मानने के आधार के तौर इस्तेमाल किया जा रहा है, इसे लेकर कोई पूर्वाग्रह है.
द वायर हिंदी की पड़ताल के बाद बिहार के विभिन्न राजनीतिक दलों ने भाजपा समर्थित नीतीश सरकार पर सवाल उठाए हैं. नेताओं का आरोप है कि सत्ता संरक्षण के बिना संविदा भर्ती में इतनी बड़ी धांधली संभव नहीं है.