असम सरकार की तरफ से नए साल के उपहार के तौर पर पत्रकारों को मोबाइल फोन दिए गए थे, जिसे द टेलीग्राफ के उमानंद जैसवाल और द इकोनॉमिक टाइम्स के बिकाश सिंह ने वापस लौटा दिया. अधिकारियों ने बताया है कि 2,200 से अधिक पंजीकृत पत्रकारों को मोबाइल फोन उपहार के रूप में दिए जाने हैं.
एक जनवरी को केरल में भाजपा का मुखपत्र माने जाने वाले मलयालम दैनिक ‘जन्मभूमि’ ने प्रतिद्वंद्वी अख़बार ‘चंद्रिका’ का संपादकीय पेज छाप दिया. ‘चंद्रिका’ भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का आधिकारिक मुखपत्र है. जन्मभूमि के कन्नूर ब्यूरो प्रमुख ने कहा कि ऐसा प्रिंटिंग प्रक्रिया के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी के चलते हुआ.
'फ्री स्पीच कलेक्टिव' की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े 40 हमलों में से 33 में पत्रकारों को निशाना बनाया गया. उत्पीड़न के 19 मामलों में से 14 पत्रकारों से जुड़े थे. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सर्वाधिक उल्लंघन गुजरात में दर्ज हुए, इसके बाद उत्तर प्रदेश और केरल रहे.
द वायर के जम्मू-कश्मीर संवाददाता जहांगीर अली का मोबाइल फोन बिना किसी कानूनी आधार के ज़ब्त किया जाना पत्रकारों को डराने की कोशिश है. जम्मू-कश्मीर पुलिस की यह कार्रवाई मीडिया की स्वतंत्रता पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है.
'द हिंदू' के पत्रकार महेश लांगा को पिछले साल अक्टूबर में कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार किया गया था और बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया गया था. 14 महीने से ज़्यादा समय से साबरमती जेल में बंद लांगा को अंतरिम ज़मानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों पर कुछ लिख नहीं सकते हैं.
संगीता बरुआ पिशारोती प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) की पहली महिला अध्यक्ष बन गईं. उनके पैनल ने सभी पदों पर जीत दर्ज करते हुए शनिवार को हुए चुनाव में 21–0 का क्लीन स्वीप किया.
फिल्म समीक्षक संघ (एफसीजी) ने फिल्म 'धुरंधर' की समीक्षा करने वाले समीक्षकों और पत्रकारों पर इस सप्ताह हुए लक्षित हमलों और उत्पीड़न की कड़ी निंदा की है. संघ का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक फिल्म से कहीं अधिक गंभीर है.
पूर्व आईएएस अधिकारी नवनीत कुमार सहगल ने अपने कार्यकाल के मध्य में ही मंगलवार (2 दिसंबर) को प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया, जिसे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा बुधवार को स्वीकार भी कर लिया गया है.
संसदीय समिति की सिफ़ारिश- सरकार फेक न्यूज़ की परिभाषा दे; कार्रवाई के लिए सज़ा नियमों में संशोधन करे
भाजपा सासंद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति ने सरकार से फेक न्यूज़ प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए सज़ा के नियमों में संशोधन की संभावना तलाशने को कहा है, जिसमें ऐसा करने के दोषी पाए जाने वाले पत्रकार या कंटेंट क्रिएटर की मान्यता रद्द करना शामिल हो.
प्रेस स्वतंत्रता पर नज़र रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने अपनी 'प्रेस फ्रीडम प्रीडेटर्स' यानी प्रेस की आज़ादी के लिए ख़तरा माने जाने वाले लोगों, संगठनों की सूची जारी की है. इस सूची में भारत की दो संस्थाओं- अडानी समूह और हिंदुत्ववादी वेबसाइट ऑपइंडिया को शामिल किया गया है.
गुरुवार को जम्मू में अधिकारियों ने सरकारी ज़मीन पर बने होने का हवाला देते हुए स्थानीय पत्रकार अरफ़ाज़ अहमद डैंग का घर गिरा दिया. अरफ़ाज़ ने इस महीने की शुरुआत में नशीली पदार्थों के तस्करी रैकेट के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए संदिग्ध ड्रग तस्करों का नाम एक पुलिस अधिकारी से जोड़ा था.
जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने गुरुवार को जम्मू स्थित कश्मीर टाइम्स के कार्यालय पर छापा मारा. अखबार के मालिकों ने इस छापेमारी को स्वतंत्र मीडिया को चुप कराने का प्रयास क़रार दिया है.
बीबीसी के प्रमुख टिम डेवी और समाचार सीईओ डेबोरा टर्नेस ने 9 नवंबर को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. बीबीसी को हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण को संपादित करने को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है.
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि ये डिजिटल हमले तेज़ी से भौतिक दुनिया में भी फैल रहे हैं, एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि 14% महिला पत्रकारों को ऑनलाइन धमकियों से जुड़ी वास्तविक दुनिया में हिंसा का सामना करना पड़ा है.
इस देश की पत्रकारिता में, वह अंग्रेजी की हो, हिंदी की या किसी अन्य भारतीय भाषा की, एक समय संपादक बहुत शक्तिशाली हुआ करते थे. अब वैसे संपादक या तो हैं ही नहीं या हैं तो अधिकांश बंगला, गाड़ी आदि की चाह में इतने अशक्त हो गए हैं कि उनके होने का इसके सिवा कोई अर्थ नहीं रह गया है कि उनके रहते उनके मालिकान को अलग से पीआरओ नहीं रखना पड़ता.