इज़रायल ने गाज़ा में अल-शिफ़ा अस्पताल के ठीक बाहर स्थित एक टेंट पर हमला किया, जिसमें अल जज़ीरा के पांच और दो अन्य पत्रकार मारे गए. अल जज़ीरा ने बताया कि इन पांचों को महीनों से धमकियां मिल रही थीं. उसने इन हत्याओं की निंदा करते हुए इसे प्रेस की आज़ादी पर पूर्वनियोजित हमला बताया.
द वायर के दस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत 1 और 2 अगस्त को होने वाले आयोजन में उर्दू के इतिहास, अनुवाद से लेकर ग़ाज़ा में इज़रायली हिंसा और मीम संस्कृति तक, कई मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही क़िस्सागोई, और मुशायरे का सत्र भी होगा.
श्रीनगर के एक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कश्मीर की एक महिला पत्रकार और चार अन्य पत्रकारों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया था. इसके बाद पीड़ित पत्रकार सूफी हिदायत ने पीसीआई, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से जम्मू-कश्मीर सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाने और आरोपी डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करने का आग्रह किया है.
कर्नाटक के धर्मस्थल के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े के भाई ने एक सफ़ाई कर्मचारी द्वारा लगाए गए शव दफ़नाने के आरोपों की कवरेज से संबंधित 8,842 लिंक हटाने के लिए एकपक्षीय निषेधाज्ञा प्राप्त की है. इन लिंक्स में कर्मचारी के आरोपों को लेकर टीवी चैनलों, वेबसाइटों और यूट्यूबर्स द्वारा की गई कवरेज शामिल है.
ओडिशा के मलकानगिरी ज़िले के मुरलीगुड़ा गांव के पास स्थानीय ऑनलाइन न्यूज पोर्टल 'टाइम्स ओड़िया' के पत्रकार नरेश कुमार की 13 जुलाई की शाम बेरहमी से हत्या कर दी गई. जानकारी के अनुसार, पांच अज्ञात हमलावरों ने उन पर पर तलवार व अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.
पिछले दशकों में एक विचित्र परिपाटी देखने को मिली है. लोकसभा चुनाव के वर्ष में अचानक से समाचार-पत्रों की संख्या में गहरी वृद्धि हो जाती है. यह महज चुनावी मीडिया है, जो लोकतंत्र को गहरा करने में कोई मदद नहीं करता.
बीते 4 जुलाई को पुणे के पास एक कस्बे में नदी किनारे अवैध निर्माण गतिविधि की रिपोर्टिंग कर रहीं पत्रकार स्नेहा बर्वे पर दिनदहाड़े जघन्य हमला किया गया. आरोपी भूमि मालिक ने उन्हें लाठी से तब तक पीटा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गईं.
बिहार के बेगूसराय ज़िले में स्वतंत्र पत्रकार अजीत अंजुम के ख़िलाफ़ बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न प्रक्रिया से संबंधित हालिया रिपोर्टिंग को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. अंजुम का कहना है कि 'सवालों के जवाब देने की बजाय अब पत्रकारों को डराने-धमकाने की कोशिश शुरू हो गई है. मैं डरूंगा नहीं, सिर्फ़ सच दिखाऊंगा.'
एक्स ने रॉयटर्स का एकाउंट ब्लॉक करने के भारत सरकार के दावे का खंडन करते हुए बताया कि कंपनी को 3 जुलाई को रॉयटर्स सहित 2,355 एकाउंट ब्लॉक करने के आदेश मिले थे. इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार को रॉयटर्स हैंडल को बंद रखने की कोई ज़रूरत नहीं है.
भारत में रॉयटर्स, तुर्की मीडिया की प्रमुख न्यूज़ वेबसाइट टीआरटी न्यूज़ और चीन के ग्लोबल टाइम्स न्यूज़ जैसे अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों के एक्स हैंडल रविवार देर रात फिर से बहाल कर दिए गए. एक्स पर इन एकाउंट्स को ब्लॉक करने के लगभग 24 घंटे बाद दोबारा बहाल किया गया.
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स, चीन की सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स और तुर्की मीडिया की प्रमुख न्यूज़ वेबसाइट टीआरटी न्यूज़ के एक्स हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिए गए हैं.
कर्नाटक हाईकोर्ट में एक्स की ओर से पेश वकील ने कहा है कि भारत में अब हर ‘ऐरे-गैरे’ सरकारी अधिकारी को ऑनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश देने का हक़ मिल गया है. एक्स की कोर्ट से मांग है कि वह घोषणा करे कि आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(b) किसी अधिकारी को जानकारी हटाने का आदेश देने का अधिकार नहीं देती.
वाराणसी पुलिस ने महामना की मूर्ति की सफाई संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अशांति और गलत सूचना फैलाने के आरोप में छह पत्रकारों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. यूपी कांग्रेस ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि सरकार आईना दिखाया जाना बर्दाश्त नहीं कर सकती, इसलिए सच बोलने वालों को दंडित कर रही है.
अगर रामनाथ गोयनका जीवित होते और आज के 'अघोषित आपातकाल' पर अख़बारों के मालिकों और संपादकों को पत्र लिखते, तो शायद यह दर्ज करते कि वह प्रेस जो स्वतंत्र होने की अनुमति का इंतज़ार करती है, उसने अपनी मर्ज़ी से आजीवन क़ैदी बनना चुना है. और वह संपादक जो सत्य से मुंह मोड़ता है, उसे उस कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है.
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और 21 अन्य मीडिया संगठनों ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि पत्रकारों के पेशेवर कार्यों को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के दायरे से बाहर रखा जाए. इस ज्ञापन को 1,000 से अधिक पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्टों का समर्थन प्राप्त है.