पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने की बात कभी नहीं कही: केंद्र सरकार

कोरोना वायरस को लेकर पूरी आबादी के टीकाकरण से जुड़े एक सवाल के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि महत्वपूर्ण ये है कि इस संबंध में तथ्यात्मक जानकारी ली जाए. आईसीएमआर के महानिदेशक ने कहा कि यह सवाल वैक्सीन की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगा. अभी हमारा उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की शृंखला को तोड़ना है.

सीरम इंस्टिट्यूट ने टीके के परीक्षण में शामिल व्यक्ति के आरोपों को नकारा, हर्जाने की धमकी दी

कोरोना वायरस के संभावित टीके कोविडशील्ड के परीक्षण में चेन्नई में भाग लेने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि ट्रायल के कारण उन्हें गंभीर न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक लक्षण संबंधी समस्या समेत गंभीर दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने पांच करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की है.

आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की मंज़ूरी चिकित्सा शिक्षा और प्रैक्टिस का खिचड़ीकरण: आईएमए

केंद्र सरकार ने आयुर्वेद के स्नातकोत्तर डॉक्टरों को सामान्य सर्जरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किए जाने की अनुमति दे दी है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार की इस पहल पर चिंता जताते हुए इसे आधुनिक चिकित्सा प्रणाली को पीछे ले जाने वाला क़दम क़रार दिया है.

दुनियाभर में कोविड-19 से हुई 15 प्रतिशत मौतों का संबंध वायु प्रदूषण से: अध्ययन

जर्मनी के मैक्स प्लांक रसायन विज्ञान संस्थान के अध्ययन में कहा गया है कि वायु प्रदूषण और कोविड-19 मृत्यु दर के बीच सीधे जुड़ाव को नहीं दिखता, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण इस बीमारी की गंभीरता बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जोखिमों के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध देखा गया है.

कोरोना वायरस से उबरने के बाद फिर से हो सकते हैं संक्रमित: आईसीएमआर

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के निदेशक बलराम भार्गव ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक होने के बाद अगर पांच महीने के अंदर किसी शख़्स के शरीर में एंटीबॉडीज़ कम होती हैं तो उसके फिर से कोविड-19 से संक्रमित होने की आशंका है.

आईसीएमआर को कोरोना हॉटस्पॉट का सीरो-प्रीवलेंस डेटा प्रकाशित करने से रोका गया: रिपोर्ट

मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कोविड-19 की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए भारत के पहले राष्ट्रीय सीरो-प्रीवलेंस सर्वेक्षण के शोधकर्ताओं से 11 मई और 4 जून के बीच 10 शहरों के हॉटस्पॉट से एकत्र किए गए डेटा को शोध-पत्र से हटाने के लिए कहा था.

प्लाज़्मा थेरेपी कोविड-19 मृत्यु दर को कम करने में कारगर साबित नहीं हो रही है: आईसीएमआर अध्ययन

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा वित्त पोषित एक अध्ययन के लिए कुल 464 मरीज़ों को शामिल किया गया था. इस दौरान प्लाज़्मा थेरेपी वाले 235 मरीज़ों में से 34 और स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट लेने वाले 229 मरीज़ों में से 31 की मौत हुई थी.

भारत में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन के दूसरे चरण का मानव परीक्षण शुरू

महाराष्ट्र के पुणे स्थित भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर दूसरे चरण का परीक्षण शुरू हुआ है. कोविड-19 और एंटीबॉडी परीक्षण की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दो लोगों को वैक्सीन की खुराक दी गई है, उन पर निगरानी रखी जा रही है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और चीन में विकसित कोविड वैक्सीन के सफल ट्रायल का दावा

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और चीन में बनाए गए वैक्सीन के अब तक किए गए मानव परीक्षणों में इम्यून सिस्टम के बेहतर होने के संकेत मिले हैं. अब अगले ट्रायल में ये पता लगाया जाएगा कि इससे कोरोना वायरस को रोका जा सकता है या नहीं.

एम्स के पैनल ने कोरोना वायरस वैक्सीन के मानव परीक्षण की मंज़ूरी दी

एम्स की एथिक्स कमेटी ने स्वदेशी तौर पर विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के मानव परीक्षण की अनुमति दी है. इसके लिए 20 जुलाई से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा.

विशेषज्ञों ने संसदीय समिति से कहा, 2021 से पहले कोविड-19 की वैक्सीन बनना मुमकिन नहीं

शुक्रवार को संसद में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश की अध्यक्षता वाले पैनल की बैठक में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 की वैक्सीन विकसित करने में भारत की अहम भूमिका रहेगी, पर अगले साल से पहले इसके बनने की संभावना बहुत कम है.

सरकारी शोध संस्थान के निदेशक पद से प्रख्यात वैज्ञानिक गगनदीप कांग ने दिया इस्तीफ़ा

डॉ. गगनदीप कांग पहली भारतीय महिला हैं, जिन्हें रॉयल सोसायटी लंदन का फेलो बनाया गया. उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब दो महीने पहले ही उनके नेतृत्व में कोरोना वायरस वैक्सीन पर काम कर रही समिति को भंग कर दिया गया था.

15 अगस्त तक वैक्सीन लॉन्च करने की घोषणा अव्यावहारिक: भारतीय विज्ञान अकादमी

आईसीएमआर द्वारा 15 अगस्त तक कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध कराने की समयसीमा पर देश की सबसे बड़ी विज्ञान अकादमी ने कहा है कि संक्रमण से लड़ने के लिए मानव शरीर में एंटीबॉडी बनने, उसके असर, डाटा रिपोर्टिंग आदि के लिए एक लंबा समय चाहिए होता है. अगर इसमें किसी तरह की कोताही बरती गई तो बड़ा नुकसान हो सकता है.

क्या कोरोना वायरस का टीका विकसित करने में आईसीएमआर जल्दबाज़ी दिखा रहा है?

आईसीएमआर की ओर से कहा गया है कि कोरोना वायरस का टीका तेजी से बनाने का उद्देश्य अनावश्यक लालफीताशाही कम करना है. हालांकि आईसीएमआर द्वारा 15 अगस्त तक वैक्सीन बनाने के दावों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किए हैं. यहां तक कि टीका विकसित कर रही कंपनी भी अक्टूबर से पहले इसका ट्रायल पूरा करने से इनकार कर रही है.

आईसीएमआर की कोविड-19 वैक्सीन लॉन्च करने की समयसीमा को लेकर वैज्ञानिक क्यों चिंतित हैं?

आईसीएमआर ने कोविड-19 की स्वदेशी वैक्सीन के लॉन्च के लिए 15 अगस्त की समयसीमा निर्धारित की है, जिसे लेकर डॉक्टर्स और वैज्ञानिक संशय में हैं. वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक का भी मानना है कि ट्रायल पूरे होने में अक्टूबर तक का समय लग सकता है.

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