संसद की एक समिति ने जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालयों और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना में हो रही देरी को लेकर जनजातीय कार्य मंत्रालय को कड़ी फटकार लगाई है. समिति ने चेतावनी दी कि स्पष्ट समयसीमा और राज्यों के लिए पूर्व-शर्तों के अभाव में लागत बढ़ती रहेगी और इन प्रमुख योजनाओं का उद्देश्य ही विफल हो सकता है.
ओडिशा के मलकानगिरी ज़िला लगातार दूसरे दिन भी तनावपूर्ण बना रहा, जहां एमवी-26 क्षेत्र में हजारों की संख्या में भीड़ ने उत्पात जारी रखा, कई घरों में आगजनी की और ग्रामीणों को गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिया. यह हिंसा कोया जनजाति की एक महिला की कथित हत्या से शुरू हुई थी, जिनका बिना सिर वाला शव पोटेरू नदी में मिला था.
मलयालम फिल्म उद्योग की एक जानी-मानी अभिनेत्री के साथ 2017 में हुए यौन शोषण और अपहरण मामले में केरल के एर्नाकुलम की एक अदालतर ने सोमवार को मलयालम सुपरस्टार दिलीप को बरी कर दिया है. अभिनेता दिलीप पर अभिनेत्री के अपहरण और यौन शोषण की आपराधिक साज़िश रचने का आरोप था.
उत्तरी गोवा के अर्पोरा स्थित एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हैं. अधिकारियों का कहना है कि ज़्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है, क्योंकि वे क्लब के बेसमेंट में 'फंस' गए थे. सरकार ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं.
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच दिल्ली महिला आयोग डेढ़ साल से बंद पड़ा है. आयोग की आखिरी नियुक्त अध्यक्ष स्वाति मालिवाल थीं, जिन्होंने जनवरी 2024 को राज्यसभा जाने के लिए पद छोड़ा है. इस साल फरवरी में भाजपा सरकार आने के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए थे लेकिन आज तक आयोग के दफ़्तर पर लगा ताला खुल नहीं सका.
मेरठ में एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा हिंदू परिवार का घर को खरीदने का सौदा नया विवाद बन गया है. स्थानीय हिंदू समूहों ने इसे लेकर पुलिस थाने और बाद में घर के बाहर विरोध प्रदर्शन और हनुमान चालीसा का पाठ किया. बेचने वाले परिवार का कहना है कि उसे ख़रीदार के मुस्लिम होने से कोई समस्या नहीं है. जिसने अच्छी क़ीमत दी, उन्होंने उसे मकान बेच दिया.
जयपुर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने शहर के वैशाली नगर के एक शिव मंदिर को कथित अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों और बजरंग दल सहित कई समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया था. शुक्रवार को उक्त अफसर को निलंबित कर दिया गया.
बीते गुरुवार को जम्मू में सरकारी ज़मीन पर बने होने का हवाला देते हुए स्थानीय पत्रकार अरफ़ाज़ अहमद डैंग का घर गिरा दिया गया था. डैंग ने एक पुलिस अधिकारी के ड्रग तस्करों से जुड़ाव के बारे रिपोर्ट की थी. अब जम्मू के ही एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पत्रकार को अपनी ज़मीन दान करते हुए कहा कि डैंग ने उस समय सच बोला जब बहुत कम लोगों ने ऐसा करने की हिम्मत की.
नेशनल कैम्पेन कमेटी फॉर इरेडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर द्वारा जारी नई रिपोर्ट बताती है कि भारत में बंधुआ मज़दूरी आज भी गहराई से जाति आधारित शोषण पर टिकी है. रिपोर्ट बताती है कि बचाए गए 950 बंधुआ मज़दूरों में एक भी सवर्ण समुदाय से नहीं था. इसी तरह 80% मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई. पुनर्वास, मुआवजा और क़ानूनी कार्रवाई- तीनों मोर्चों पर हालात बेहद ख़राब हैं.
16 नवंबर को उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में बनभूलपुरा इलाके में एक मंदिर के पास नवजात बछड़े के शव का कुछ हिस्सा पड़ा मिला था, जिसके बाद अफ़वाहें फैलने लगीं कि मुस्लिमों ने हिंदुओं का अपमान करने के लिए ऐसा किया. वहीं, सीसीटीवी फुटेज में यह साफ़ दिखाई देता है कि एक आवारा कुत्ता मंदिर के पास यह अवशेष छोड़ गया था.
भारत को आधिकारिक तौर पर वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिल गई है, जिसमें अहमदाबाद को मेजबान शहर घोषित किया गया है. कॉमनवेल्थ गेम्स अधिकारियों ने भारत सरकार के अनुरोध पर शहर के नाम को आधिकारिक रूप से ‘अमदावाद’ लिखा है.
राजधानी दिल्ली ही नहीं देश भर के अन्य राज्यों में भी वायु गुणवत्ता की स्थिति खासी चिंताजनक है. इस संबंध में मंगलवार को प्रकाशित एक शोध संस्था के विश्लेषण की मानें, तो भारत के 60% ज़िलों के लोग सिर्फ़ सर्दियों में ही नहीं, बल्कि पूरे साल प्रदूषित हवा के संपर्क में रहते हैं.
दिल्ली के पास बिसाहड़ा गांव में दस साल पहले मोहम्मद अख़लाक़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. अख़लाक़ के छोटे बेटे दानिश भी बुरी तरह घायल हो गए थे. लेकिन एक दशक बाद भी यहां के लोगों को इस हत्याकांड को लेकर कोई अफ़सोस नहीं. अगर कुछ है, तो सिर्फ आरोपियों के लिए सहानुभूति और योगी आदित्यनाथ के लिए धन्यवाद.
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सरकारी ज़मीन पर निज़ी व्यक्तियों द्वारा दावा करने से संबंधित एक मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है. इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार महत्वपूर्ण तारीखों पर उपस्थित नहीं हुई, जिसके बाद अदालत ने निजी पक्षकारों के पक्ष में निर्णय दे दिया.
दुनिया भर में सरकारें और निजी कंपनियां मूलवासियों को उनके जल-जंगल-जमीन से बेदखल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं. और उन्हीं आदिवासियों को पर्यटकों के मनोरंजन की वस्तु बना दिया जा रहा है.