चीन

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनम घेब्रेसियस (फोटो: रॉयटर्स)

महामारी घोषित करने के साल भर बाद भी कोरोना को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहा डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बीते साल 11 मार्च को कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया था. इससे पहले संगठन ‘महामारी’ शब्द के इस्तेमाल से बचता रहा था. विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तब संगठन ने इसे महामारी घोषित किया तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वायरस अंटार्कटिका को छोड़ दुनिया के सभी महाद्वीपों में पहुंच चुका था.

विभिन्न मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित राजीव गांधी फाउंडेशन के डोनेशन संबंधी ख़बर. (फोटो साभार: संबंधित चैनल/अख़बार/वेबसाइट)

जीओएम रिपोर्ट: मंत्रियों को मिले सुझाव के बाद राष्ट्रीय ख़बर बना कांग्रेस विरोधी दावा

जीओएम रिपोर्ट के अनुसार सरकार समर्थक टिप्पणीकार कंचन गुप्ता ने जून 2020 में मंत्रियों को ‘चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा राजीव गांधी फाउंडेशन को दिए डोनेशन’ को लेकर ख़बर फैलाने का सुझाव दिया था. कई मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित ख़बरें दिखाती हैं कि भाजपा ने इस सुझाव को गंभीरता से लिया.

पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके से पीछे हटते भारतीय और चीनी सैनिक और उनके टैंक. (फोटो: पीटीआई)

भारत-चीन ने साझा बयान में कहा- पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया पूरी

भारतीय सैनिकों द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी घुसपैठ का पता लगाए जाने के बाद पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई की शुरुआत से ही भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई बार झड़प हुई थीं.

गलवान घाटी की सैटेलाइट तस्वीर जहां गलवान नदी श्योक नदी से मिलती है.  (फोटो: द वायर/गूगल मैप्स)

चीन ने पहली बार माना, गलवान घाटी में मारे गए थे उसके चार सैन्यकर्मी

बीते साल 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. झड़प में चीनी सेना को नुकसान होने की बात भी कही गई थी, लेकिन चीन ने आधिकारिक तौर पर शुक्रवार से पहले ये स्वीकार नहीं किया था कि इस घटना में उसके भी सैनिक मारे गए थे.

Pangong Lake. Photo: Wikimedia Commons

सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया में भारत ने किसी भी इलाके से दावा नहीं छोड़ा: रक्षा मंत्रालय

सरकार का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया. नौ माह तक चले गतिरोध के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी तटों से सैनिकों को हटाने की सहमति बनी है.

New Delhi: Minister of State for External Affairs VK Singh addresses a press conference on Pravasi Bharatiya Divas, in New Delhi, Friday, Jan. 11, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI1_11_2019_000050B)

भारत ने चीन से अधिक बार एलएसी का अतिक्रमण किया: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह

केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने कहा कि आप में से किसी को भी पता नहीं है कि हमने कितनी बार अतिक्रमण किया. चीनी मीडिया इसे कवर नहीं करता है. मैं आपको आश्वस्त करता हूं, अगर चीन ने 10 बार अतिक्रमण किया है, तो हमने कम से कम 50 बार किया होगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

तमिलनाडु के पास श्रीलंकाई द्वीप पर वायु और सौर परियोजना का कॉन्ट्रैक्ट चीनी कंपनी को मिला

श्रीलंका के साप्ताहिक अखबार द संडे टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंकाई सरकार द्वारा भारत और जापान के साथ 2019 में हुए पूर्वी कंटेनर टर्मिनल विकास से संबंधित समझौते को रद्द करने के कुछ दिन पहले चीनी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने पर भारत ने श्रीलंका सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराया था.

New Delhi: External Affairs Minister S Jaishankar addresses during The Growth Net Summit 7.0, in New Delhi, Thursday, June 06, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI6_6_2019_000031B) *** Local Caption ***

चीन से लगी सीमा के कुछ हिस्सों में सैनिकों के पीछे हटने पर बनी सहमति का असर नहीं: विदेश मंत्री

भारत और चीन के बीच बीते साल पांच मई से पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध चल रहा है. गतिरोध ख़त्म करने लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है.

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त 2019 और नवंबर, 2020 की सैटेलाइट तस्वीरें. (फोटो साभार: एनडीटीवी)

अरुणाचल प्रदेश: छात्र संगठन ने चीनी गांव को लेकर में प्रदर्शन किया, केंद्र पर निशाना साधा

हाल ही में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में एक नया गांव बसाने का मामला सामने आया है. यह गांव प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले में त्सारी नदी के तट पर स्थित एक ऐसे क्षेत्र में है, जो भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवादित है. छात्र संगठन ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राज्य को विदेशी घुसपैठ से बचाने में विफल रही है.

(फोटो: रॉयटर्स)

सरकार का प्रतिबंध जारी रहने के कारण टिकटॉक भारत में कारोबार बंद करेगी

सरकार ने जून 2020 में 59 अन्य ऐप के साथ टिकटॉक और हेलो पर भारत में प्रतिबंध लगा दिया था और सितंबर में 118 अन्य ऐप पर रोक लगा दी थी. पिछले हफ्ते कंपनियों को बताया कि उनके ऐप पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी रहेगा. टिकटॉक की ओर से कहा गया है कि उसने टीम की संख्या कम करने का फैसला किया है, जिसका असर भारत में भी पड़ेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

सिक्किम के नाकू ला में पिछले सप्ताह भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए

नाकू ला वही स्थान है जहां पर पिछले साल नौ मई को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग झील इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई और तब से अब तक क़रीब नौ महीने से वहां सैन्य गतिरोध जारी है.

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त 2019 और नवंबर, 2020 की सैटेलाइट तस्वीरें. (फोटो साभार: एनडीटीवी)

अरुणाचल प्रदेश में चीनी गांव के ख़िलाफ़ भाजपा ने प्रदर्शन किया, चीन के राष्ट्रपति का पुतला फूंका

चीन द्वारा क़रीब सवा साल में अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में एक नया गांव बसाने का मामला हाल ही में सामने आया है. यह गांव प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले में त्सारी नदी के तट पर स्थित एक ऐसे क्षेत्र में है, जो भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवादित है. यह भारतीय क्षेत्र 1959 से चीनी नियंत्रण में है.

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त 2019 और नवंबर, 2020 की सैटेलाइट तस्वीरें. (फोटो साभार: एनडीटीवी)

अरुणाचल प्रदेश में गांव बनाने पर चीन ने कहा- अपने क्षेत्र में निर्माण सामान्य गतिविधि

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग कहा कि जंगनान क्षेत्र (दक्षिण तिब्बत) पर चीन की स्थिति स्पष्ट है. हमने कभी भी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी. हमारे अपने क्षेत्र में विकास और निर्माण गतिविधियां होना सामान्य है.

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त 2019 और नवंबर, 2020 की सैटेलाइट तस्वीरें. (फोटो साभार: एनडीटीवी)

अरुणाचल प्रदेश में चीनी गांव पर विवाद के बीच विदेश मंत्रालय ने माना- निर्माण की जानकारी है

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में क़रीब सवा साल में एक गांव बसा दिया है. भारत और चीन के बीच यह क्षेत्र 1959 से विवादित है, लेकिन तब यहां चीन की एक सिर्फ़ मिलिट्री पोस्ट थी. मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है.

रैपिड रेल का प्रोटोटाइप. (फोटो साभार: ncrtc.in)

चीनी कंपनी को मिला दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस परियोजना के एक हिस्से के निर्माण का ठेका

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम द्वारा दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम यानी आरआरटीएस परियोजना के तहत न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक 5.6 किलोमीटर का भूमिगत मार्ग बनाया जाना है, जिसके निर्माण के लिए चीनी कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के साथ क़रार किया गया है.