मणिपुर

Assam Rifles featured PTI

मणिपुर: असम राइफल्स के मेजर ने कथित तौर पर ग्रामीण को गोली मारी, पुलिस करेगी जांच

मणिपुर के कंगपोकपी ज़िले के चालवा गांव का मामला. बीते तीन जून की देर रात 44 असम राइफल्स के मेजर अपने तीन जवानों के साथ एक ऑपरेशन को अंजाम देने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने गांव के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया, जो बाद में गोली लगने के कारण घायल अवस्था में मिले. अस्पताल ले जाते वक़्त उनकी मौत हो गई थी.

एन. बीरेन सिंह. (फोटो: पीटीआई)

मणिपुर: इम्फाल पश्चिम ज़िले ने एनजीओ द्वारा सभी तरह के कोविड राहत कार्यों पर प्रतिबंध लगाया

आदेश में कहा गया है कि ज़िला प्रशासन परोपकार के कामों का स्वागत करता है. हालांकि दान या नकद के रूप में इस तरह के कार्यों में अक्सर लाउडस्पीकर, सार्वजनिक सभा, घर-घर का दौरा किया जाता है. साथ ही सोशल मीडिया कवरेज के लिए दानदाताओं के नाम के साथ विशेष रूप से बनाए गए राहत किट/पैकेट का उपयोग होता है. यह दान से जुड़े उद्देश्य और पवित्रता को कमज़ोर करती है.

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मणिपुर: भाजपा नेता की मौत पर पोस्ट लिखने वाले पत्रकार-कार्यकर्ता रासुका के तहत फ़िर गिरफ़्तार

मणिपुर राज्य के भाजपा प्रमुख एस. टिकेंद्र सिंह का बीते 12 मई को कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से निधन हो गया था. पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और कार्यकर्ता एरेन्द्रो लीचोम्बाम ने अपने फेसबुक एकाउंट के ज़रिये अलग-अलग पोस्ट में श्रद्धांजलि देते हुए लिखा था कि गाय का गोबर या गोमूत्र कोविड-19 से बचाव नहीं करते हैं. उन्होंने कहा था कि इसका इलाज विज्ञान और कॉमन सेंस है.

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मणिपुर: भाजपा नेता की मौत पर फेसबुक पोस्ट के चलते पत्रकार और कार्यकर्ता गिरफ़्तार

राज्य भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और कार्यकर्ता एरेन्द्रो लीचोम्बाम ने अपने फेसबुक पोस्ट के ज़रिये सरकार को निशाना साधते हुए लिखा था कि कोरोना का इलाज गोमूत्र या गोबर नहीं, बल्कि विज्ञान है.

(फोटो: रॉयटर्स)

मणिपुर पत्रकार संगठन का राज्य सरकार से आग्रह, म्यांमार से भागकर आए पत्रकारों को सुरक्षा दें

ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन ने मिजिमा न्यूज़ म्यांमार से जुड़े तीन पत्रकारों को नई दिल्ली में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है. म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद तीनों पत्रकारों ने मणिपुर के सीमावर्ती शहर मोरेह में शरण ली है.

Manipur govt in Exile London

मणिपुर की आज़ादी की घोषणा करने वाले अलगाववादी नेता को लंदन से वापस लाई एनआईए

अक्टूबर, 2019 में लंदन में मणिपुर के महाराजा लेशेम्बा सनाजाओबा का प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले मणिपुर के दो अलगाववादी नेताओं- याम्बेन बीरेन और नरेंगबाम समरजीत सिंह ने ब्रिटेन से ‘निर्वासन में मणिपुर सरकार’ की घोषणा कर दी थी. इसके बाद मणिपुर सरकार ने एक मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में एनआईए को सौंप दिया था.

महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे पर भीड़ का पुलिसकर्मियों पर हमला. (फोटो: एएनआई)

महाराष्ट्र: जुलूस की अनुमति नहीं मिलने पर भीड़ का पुलिसकर्मियों पर हमला, 14 गिरफ़्तार

महाराष्ट्र के नांदेड़ में कोरोना वायरस महामारी के कारण जुलूस निकाले की अनुमति नहीं देने के बाद तलवारों से लैस सिखों की भीड़ ने सोमवार को पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कहीं गुरुद्वारा समिति के किसी सदस्य की भूमिका तो नहीं है.

यंगून में तख्तापलट के खिलाफ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी का झंडा लेकर प्रदर्शन करते हुए एक प्रदर्शनकारी. (फोटो: रॉयटर्स)

मणिपुर: आलोचना के बाद राज्य सरकार ने वापस लिया म्यांमार शरणार्थियों को रोकने संबंधी आदेश

मणिपुर सरकार द्वारा म्यांमार की सीमा से सटे ज़िलों के उपायुक्तों को 26 मार्च को जारी एक आदेश में सैन्य तख़्तापलट के बाद म्यांमार से भागकर आ रहे शरणार्थियों को आश्रय और खाना देने से इनकार और उन्हें ‘शांतिपूर्वक’ लौटाने की बात कही गई थी. कड़ी आलोचना के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया.

एक कार्यक्रम के दौरान मणिपुर के मुख्यमंत्री के सामने झुके स्कूली बच्चे. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

आज गणमान्यों के सामने घुटनों पर झुके बच्चे क्या कल एक नागरिक के तौर पर खड़े हो पाएंगे

मणिपुर के मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में घुटनों पर झुके स्कूली बच्चों को देखकर विचार आता है कि आज वरिष्ठों के सामने सजदे में खड़े होने के लिए मजबूर करने वाला वातावरण उन्हें सवाल करने के लिए तैयार करेगा या सब चीज़ें चुपचाप स्वीकार करने के लिए?

मणिपुर प्रेस क्लब पर विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फाइल फोटो: ट्विटर/@ImphalFreePress)

मणिपुरः उग्रवादी समूहों से धमकी के बीच पत्रकार हड़ताल पर, नहीं छपे अख़बार

एक महीने से भी कम समय में यह तीसरी बार है, जब मणिपुर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और ख़बरों का प्रसारण नहीं हुआ. छह दिन पहले भी इसी तरह का विरोध जताया गया था, जब इम्फाल से प्रकाशित होने वाले एक स्थानीय अख़बार को आतंकी समूह ने धमकी दी थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक लेने के बाद शख़्स की मौत

महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले का मामला है. ज़िले के भिवंडी के अस्पताल में मृ​तक को कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक दी गई थी. अधिकारियों ने बताया कि किरदित की मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा.

प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो साभार: इम्फाल फ्री प्रेस)

मणिपुर: अख़बार को धमकी मिलने के बाद मीडिया संस्थानों ने काम बंद किया

मणिपुर के एक स्थानीय अखबार पोकनाफाम को बंद किए जाने की धमकी मिलने के बाद विरोध के तौर पर यहां के मीडिया संस्थानों ने शुक्रवार से 48 घंटे तक काम न करने का निर्णय लिया है. बीते 13 फरवरी को इसी अख़बार के दफ़्तर पर अज्ञात हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद अब तक 34 लोगों की मौत: सरकारी आंकड़ा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार शाम को कोविड-19 टीकाकरण पर जारी बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में टीकाकरण के बाद दो लोगों की मौत हुई है. हालांकि सरकार की ओर यह भी कहा गया है कि अब तक किसी भी मौत के लिए सीधे तौर पर कोविड-19 टीका ज़िम्मेदार नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

मणिपुर: अस्थमा से उबरने के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लगाया गया कोविशील्ड टीका, मौत

48 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नवरेम सुंदरी के परिजनों ने दावा किया कि टीका लगवाने से पहले सुंदरी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को सूचित किया था कि वह एक साल पहले अस्थमा की बीमारी से उबरी थीं और उन्हें एलर्जी का सामना करना पड़ रहा है.

मणिपुरी अखबार पोकनाफाम के कार्यालय पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. (फोटो साभार: ट्विटर @iju_india)

मणिपुर: अख़बार के दफ़्तर पर हमले के ख़िलाफ़ पत्रकारों ने काम बंद किया, अख़बार-टीवी प्रसारण बंद रहे

बीते 13 फरवरी की शाम को इंफाल पश्चिम ज़िले के कीशामपाट थियाम लीकाई में पोकनाफाम अख़बार के दफ़्तर पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया था, जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए अपील की कि राज्य में प्रेस के स्वतंत्र रूप से काम करना सुनिश्चित किया जाए.