मध्य प्रदेश

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: कोविड-19 से पति की मौत से दुखी पत्नी ने कथित तौर पर अस्पताल से कूदकर जान दी

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का मामला. देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच इस महामारी के कारण अपनों को खो देने के बाद उनके सगे-संबंधियों की आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं.

सूरत के एक श्मशान गृह में कोविड-19 से जान गंवाने वालों के शव. (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: पति की कोविड-19 से मौत के बाद कथित तौर पर महिला ने दो बेटों के साथ जान दी

गुजरात के द्वारका शहर का मामला. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तीनों ने कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन किया, क्योंकि वे परिवार के मुखिया की मौत के बाद व्यथित थे. उन्होंने बताया कि मामले की आगे जांच की जा रही है.

भोपाल का एक शवदाह गृह. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: मृतकों का अधिकारिक आंकड़ा 104, लेकिन 2,557 लोगों के अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से हुए

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित दो श्मशान घाटों और एक क़ब्रिस्तान के रिकॉर्ड के अनुसार, एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक कुल 3,811 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया, जिनमें से 2,557 शवों को अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया. इस पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में कोविड से हुईं मौतों को छिपाया नहीं जा रहा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड टीकाकरण: आम आदमी की ज़िंदगी के प्रति भारत सरकार इतनी बेपरवाह क्यों है

टीकाकरण अगर सफल होना है तो उसे मुफ़्त होना ही होगा, यह हर टीकाकरण अभियान का अनुभव है, तो भारत में ही क्यों लोगों को टीके के लिए पैसा देना पड़ेगा? महामारी की रोकथाम के लिए टीका जीवन रक्षक है, फिर भारत सरकार के लिए एक करदाता के जीवन का महत्त्व इतना कम क्यों है कि वह इसके लिए ख़र्च नहीं करना चाहती?

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

अदालत ने केंद्र से पूछा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से अधिक पर दिल्ली को कम ऑक्सीजन क्यों

केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार अदालत के सवाल पर हलफ़नामा देगी और मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीजन देने का कारण बताएगी. इस बीच केंद्र ने राज्यों से शुक्रवार को कहा कि वे उपलब्ध ऑक्सीजन को महत्वपूर्ण वस्तु की तरह लें और निजी अस्पतालों समेत सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत की समीक्षा करवाएं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: कोविड-19 से डिप्टी रेंजर पति की मौत के सदमे में प्रोफेसर ने कथित तौर पर ख़ुदकुशी की

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का मामला. बीते 21 अप्रैल को राज्य के रायसेन ज़िले में एक महिला ने संक्रमण के कारण अपनी मां की मौत से दुखी होकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी. इसी दिन देवास में छह दिन के अंदर वायरस से 75 वर्षीय एक महिला एवं उनके दो बेटों की मौत से दुखी होकर महिला की छोटी बहू ने जान दे दी थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: यूपी के भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तव की मौत के तीसरे दिन उनकी पत्नी का भी निधन

उत्तर प्रदेश में भाजपा के लखनऊ पश्चिम क्षेत्र के विधायक सुरेश श्रीवास्तव का निधन बीते 23 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमण से हो गया था. उनकी पत्नी मालती श्रीवास्तव भी संक्रमित थीं, उनका इलाज लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा था. 23 अप्रैल की सुबह ही प्रदेश के औरैया जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रमेश चंद्र दिवाकर ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया था.

कलावती भूरिया. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

मध्य प्रदेश: कोविड संक्रमित कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया का निधन

राज्य के अलीराजपुर ज़िले के जोबट क्षेत्र की 49 वर्षीय विधायक कलावती भूरिया कोरोना संक्रमित होने के बाद से इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती थीं. इससे पहले शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दो भाजपा विधायकों का भी कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया था.

दमोह के अस्पताल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल (बाएं सफ़ेद कपड़ों में और बीमार मां के लिए ऑक्सीजन की मांग करता युवक (पीली टी-शर्ट में).  (साभार: वीडियोग्रैब/ट्विटर)

मध्य प्रदेश: बीमार मां के लिए ऑक्सीजन मांगने पर केंद्रीय मंत्री ने युवक से अभद्रता की

गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल मध्य प्रदेश के दमोह में एक युवक के बीमार मां के लिए ऑक्सीजन की मांग करने पर उसे ‘दो थप्पड़ मारने’ की बात कहते नज़र आए थे. इस युवक की कोरोना संक्रमित मां अस्पताल में भर्ती थीं.

सुमित्रा महाजन. (फोटो: पीटीआई)

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के निधन की अफ़वाह फै़लाने पर मामला दर्ज

सोशल मीडिया पर सुमित्रा महाजन के निधन की अफ़वाह के संबंध में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अज्ञात आरोपी के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी महाजन के निधन की ग़लत ख़बर अपने ट्विटर खाते पर साझा कर दी थी. बाद में उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर माफ़ी मांगी है.

महामारी के दूसरी लहर के दौरान कानपुर का एक अस्पताल. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: कथित तौर पर ऑक्सीजन ख़त्म होने से पांच कोरोना संक्रमितों की मौत

घटना जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल की है. परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना संक्रमित मरीज़ों की जान गई, वहीं अस्पताल प्रबंधन और ज़िला प्रशासन ने ऑक्सीजन कमी के आरोपों से इनकार किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: कोविड-19 से परिवार में मौत के ग़म में दो महिलाओं ने कथित तौर पर आत्महत्या की

मध्य प्रदेश के रायसेन और देवास ज़िले का मामला. रायसेन में एक महिला ने कोरोना वायरस के कारण अपनी मां की मौत से दुखी होकर कथित रूप से चौथी मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली. वहीं, देवास में छह दिन के अंदर संक्रमण से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत से दुखी होकर एक महिला ने कथित रूप से फ़ांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

हरिद्वार के कुंभ में जुटी श्रद्धालुओं की भारी भीड़. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा, चारधाम यात्रा को दूसरा कुंभ बनने नहीं दिया जा सकता

तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट ने आगामी चारधाम यात्रा के लिए जल्द मानक परिचालन प्रक्रिया जारी करने का निर्देश दिया है. राज्य में कुंभ मेला भी चल रहा है, जिसे लेकर संक्रमण के मामलों के बढ़ने की बार-बार आशंका जताई गई है.

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय. (फोटो: पीटीआई)

मीडिया के लाशों के ढेर दिखाने से लोगों में फैल रही महामारी की दहशत: कैलाश विजयवर्गीय

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महामारी के मुश्किल दौर में ऐसी ख़बरें भी दिखाई जानी चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक माहौल बन सके. हर 100 साल में एक बार महामारी आती है. ऐसे समय में आप यह भी दिखाएं कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ किस तरह लगातार काम कर रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: दिल्ली से घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों से भरी बस पलटी, तीन लोगों की मौत

प्रवासी मज़दूरों से भरी यह बस ग्वालियर-झांसी राजमार्ग के जौरासी घाटी मोड़ पर पलट गई. दिल्ली में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के मद्देनज़र एक हफ़्ते के लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद बस मज़दूरों को लेकर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ होते हुए छतरपुर जा रही थी.